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अंडमान को वैश्विक स्कूबा डाइविंग डेस्टिनेशन बनाने की योजना, LG जोशी के समक्ष प्रस्तुति

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अंडमान को वैश्विक स्कूबा डाइविंग डेस्टिनेशन बनाने की योजना, LG जोशी के समक्ष प्रस्तुति

सारांश

अंडमान-निकोबार प्रशासन ने LG एडमिरल डीके जोशी के समक्ष वैश्विक स्कूबा डाइविंग डेस्टिनेशन की विस्तृत योजना प्रस्तुत की। नॉर्थ बे से बैरन आइलैंड तक कृत्रिम रीफ, जहाज मलबे और समुद्री थीम प्रतिष्ठान बनाने की तैयारी है — जो अंडमान को मालदीव और थाईलैंड की टक्कर में खड़ा कर सकती है।

मुख्य बातें

लेफ्टिनेंट गवर्नर एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) के समक्ष अंडमान को वैश्विक स्कूबा डाइविंग डेस्टिनेशन बनाने की विस्तृत प्रस्तुति दी गई।
नॉर्थ बे, स्वराज द्वीप, शहीद द्वीप, लॉन्ग आइलैंड और एवेस आइलैंड पर कृत्रिम रीफ और जहाज मलबे में डाइविंग सुविधाएँ विकसित करने की योजना है।
प्रवाल भित्तियों के संरक्षण और पुनर्स्थापन को सतत पर्यटन के साथ जोड़ने पर जोर दिया गया।
हैवलॉक का एलिफेंट बीच, नील द्वीप के कोरल गार्डन और बैरन द्वीप का पानी के नीचे का ज्वालामुखी प्रमुख डाइविंग आकर्षण हैं।
विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का लक्ष्य; भारतीयों को विदेश जाने की जरूरत नहीं।

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को एक प्रमुख वैश्विक स्कूबा डाइविंग गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रशासन ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। श्री विजयपुरम में लेफ्टिनेंट गवर्नर एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) के समक्ष द्वीपों में नए डाइविंग स्थलों और पानी के नीचे के आकर्षणों की खोज पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। इस बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय डाइविंग संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में नॉर्थ बे, स्वराज द्वीप, शहीद द्वीप, लॉन्ग आइलैंड और एवेस आइलैंड जैसे स्थानों पर कृत्रिम रीफ, जहाज के मलबे में डाइविंग और समुद्री थीम वाले प्रतिष्ठानों के विकास पर चर्चा हुई। अधिकारियों के अनुसार, इन प्रयासों से सतत पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा, प्राकृतिक रीफ का संरक्षण होगा और प्रवाल भित्तियों का पुनर्स्थापन संभव होगा।

अंडमान की डाइविंग विरासत

क्रिस्टल-क्लियर फिरोजी जल, स्वस्थ प्रवाल भित्तियाँ, समृद्ध समुद्री जैव विविधता और ऐतिहासिक जहाजों के मलबे अंडमान को स्कूबा डाइविंग के शौकीनों के लिए एक स्वप्निल गंतव्य बनाते हैं। यहाँ गोताखोर मंटा रे, रीफ शार्क, समुद्री कछुए और रंग-बिरंगी मछलियों के झुंड देख सकते हैं। हैवलॉक में एलिफेंट बीच और 'द वॉल', नील द्वीप के कोरल गार्डन और बैरन द्वीप का दूरस्थ पानी के नीचे का ज्वालामुखी सबसे लोकप्रिय डाइविंग स्थलों में शामिल हैं।

नए और अनुभवहीन गोताखोरों के लिए अवसर

एक अधिकारी ने बताया कि अंडमान में पानी के नीचे के जीवन का अनुभव लेने के लिए विशेषज्ञ गोताखोर होना अनिवार्य नहीं है। बुनियादी प्रशिक्षण के बाद पहली बार डाइविंग करने वाले भी प्रशिक्षित विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में गहरे पानी में उतर सकते हैं। द्वीपों पर स्थित डाइविंग संस्थान आरामदेह रीफ डाइव से लेकर रोमांचक ज्वालामुखी-दीवार डाइव तक हर स्तर के अनुभव प्रदान करते हैं।

आर्थिक और पर्यटन दृष्टिकोण

एक अन्य अधिकारी ने कहा कि देश के नागरिकों को स्कूबा डाइविंग के अनुभव के लिए विदेश जाने की आवश्यकता नहीं है — अंडमान उत्कृष्ट दृश्यता, गर्म जल और समृद्ध जैव विविधता के साथ विश्वस्तरीय विकल्प प्रदान करता है। साथ ही, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए द्वीपसमूह में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार नीले अर्थव्यवस्था और समुद्री पर्यटन को राष्ट्रीय प्राथमिकता के रूप में आगे बढ़ा रही है।

आगे की राह

प्रशासन की यह पहल अंडमान को मालदीव, थाईलैंड और ऑस्ट्रेलिया के ग्रेट बैरियर रीफ जैसे स्थापित वैश्विक डाइविंग गंतव्यों की श्रेणी में खड़ा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कृत्रिम रीफ और पुनर्स्थापन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की समयसीमा और विस्तृत रोडमैप आने वाले समय में जारी किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार प्रशासनिक स्तर पर प्रस्तुति और स्थानीय संस्थानों की भागीदारी एक सकारात्मक संकेत है। असली परीक्षा यह होगी कि कृत्रिम रीफ और पुनर्स्थापन परियोजनाएँ पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुँचाए बिना पर्यटन का भार वहन कर पाती हैं या नहीं — क्योंकि अनियंत्रित पर्यटन से प्रवाल भित्तियों को नुकसान का खतरा वैश्विक स्तर पर दर्ज है। साथ ही, विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कनेक्टिविटी, वीज़ा सुगमता और विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे की जरूरत है जिस पर अभी ठोस घोषणा नहीं हुई है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंडमान को वैश्विक स्कूबा डाइविंग डेस्टिनेशन बनाने की योजना क्या है?
अंडमान-निकोबार प्रशासन नॉर्थ बे, स्वराज द्वीप, शहीद द्वीप, लॉन्ग आइलैंड और एवेस आइलैंड जैसे स्थानों पर कृत्रिम रीफ, जहाज मलबे में डाइविंग और समुद्री थीम प्रतिष्ठान विकसित करने की योजना बना रहा है। इस योजना का उद्देश्य सतत पर्यटन को बढ़ावा देना और प्रवाल भित्तियों का संरक्षण करना भी है।
अंडमान में सबसे लोकप्रिय स्कूबा डाइविंग स्थल कौन-से हैं?
हैवलॉक में एलिफेंट बीच और 'द वॉल', नील द्वीप के कोरल गार्डन और बैरन द्वीप का पानी के नीचे का ज्वालामुखी सबसे लोकप्रिय डाइविंग स्थलों में हैं। उत्कृष्ट दृश्यता, गर्म जल और मंटा रे, रीफ शार्क व कछुओं की मौजूदगी इन्हें विशेष बनाती है।
क्या बिना अनुभव के भी अंडमान में स्कूबा डाइविंग की जा सकती है?
हाँ, अंडमान में पहली बार डाइविंग करने वाले भी बुनियादी प्रशिक्षण के बाद विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में पानी के नीचे जा सकते हैं। द्वीपों पर स्थित डाइविंग संस्थान शुरुआती से लेकर अनुभवी गोताखोरों तक सभी के लिए सुविधाएँ प्रदान करते हैं।
इस पहल से अंडमान की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा?
प्रशासन का लक्ष्य अधिक विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। डाइविंग पर्यटन के विस्तार से स्थानीय डाइविंग संस्थानों, गाइड, होटल और परिवहन क्षेत्र को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
अंडमान में प्रवाल भित्तियों के संरक्षण की क्या योजना है?
प्रशासन की योजना में कृत्रिम रीफ निर्माण और प्रवाल भित्तियों के पुनर्स्थापन को सतत पर्यटन के साथ जोड़ना शामिल है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक रीफ पर पर्यटन के दबाव को कम करते हुए समुद्री जैव विविधता को बनाए रखना है।
राष्ट्र प्रेस
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