आंध्र प्रदेश हरित ऊर्जा में अग्रणी: नायडू ने कहा — 160 GW उत्पादन की योजना, 100 GW के लिए MoU
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार, 1 जुलाई 2026 को घोषणा की कि आंध्र प्रदेश हरित ऊर्जा उत्पादन में देश के अन्य राज्यों से आगे निकल चुका है। तिरुपति जिले के सत्यवेदु स्थित मदनपालम में हीरो मोटोकॉर्प के 'ग्लोबल पार्ट्स सेंटर 2.0' की आधारशिला रखने के बाद उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हरित ऊर्जा क्षेत्र में 160 गीगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसमें से 100 गीगावाट के लिए पहले ही समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
हरित ऊर्जा में आंध्र की महत्वाकांक्षी योजना
नायडू ने बताया कि राज्य सरकार की 160 GW की नवीकरणीय ऊर्जा योजना देश में अपनी तरह की सबसे बड़ी राज्य-स्तरीय पहलों में से एक है। 100 GW के लिए MoU पर हस्ताक्षर होना इस बात का संकेत है कि निवेशक आंध्र प्रदेश में ऊर्जा क्षेत्र को लेकर गंभीर रुचि दिखा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी 2030 तक 500 GW अक्षय ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर बढ़ रही है।
हीरो मोटोकॉर्प का ₹3,200 करोड़ का निवेश
हीरो मोटोकॉर्प के 'ग्लोबल पार्ट्स सेंटर 2.0' की आधारशिला रखते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने कंपनी से ₹3,200 करोड़ के पहले से घोषित संयंत्र विस्तार को शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल समझौतों पर हस्ताक्षर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उद्योगों को उत्पादन शुरू करने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगी।
औद्योगिक बुनियादी ढाँचे पर ज़ोर
नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश में उद्योगों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सड़क, रेल, बंदरगाह और हवाई संपर्क की पर्याप्त सुविधाएँ उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि के साथ-साथ उद्योगों के लिए जल आपूर्ति के उपाय शुरू किए गए हैं और किसानों को राज्य के विकास में भागीदार बनाया जा रहा है। राज्य में फिलहाल 'स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस' प्रोटोकॉल लागू है, जिसे मुख्यमंत्री ने निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण बताया।
विशाखापत्तनम में डेटा सेंटर और टेक निवेश
मुख्यमंत्री ने बताया कि गूगल सहित अन्य प्रमुख कंपनियाँ विशाखापत्तनम में डेटा सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं। हालाँकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि संसाधनों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए इस क्षेत्र में सावधानीपूर्वक आगे बढ़ा जा रहा है। गौरतलब है कि विशाखापत्तनम को आंध्र प्रदेश की नई प्रौद्योगिकी राजधानी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
आगे की राह
राज्य सरकार के अनुसार, हरित ऊर्जा और औद्योगिक निवेश दोनों मोर्चों पर आंध्र प्रदेश की गति तेज़ है। 160 GW के लक्ष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि MoU से आगे बढ़कर वास्तविक क्षमता स्थापना कितनी तेज़ी से होती है। नायडू के नेतृत्व में राज्य सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में आंध्र प्रदेश देश का प्रमुख हरित ऊर्जा और औद्योगिक केंद्र बनकर उभरेगा।