काकीनाडा कोर्ट ने शूटिंग कोच सादिक खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा, हत्या व आत्महत्या उकसावे के आरोप
सारांश
मुख्य बातें
काकीनाडा की एक अदालत ने सोमवार, 24 अगस्त को प्रो शूटिंग अकादमी के संस्थापक और कोच सादिक खान को हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाने, जबरन धर्म परिवर्तन और उगाही के मामलों में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। खान को इससे चार दिन पहले उत्तर प्रदेश के मेरठ से गिरफ्तार किया गया था और ट्रांजिट वारंट पर आंध्र प्रदेश लाया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
16 अगस्त को काकीनाडा जिले के पिथापुरम मंडल में पंचायत राज विभाग के सहायक अभियंता नूका राजू (61), उनकी पत्नी मीना (58), बेटी सौजन्या (38) और 10 वर्षीय नाती कार्तिकेय रेड्डी ने राजमहेंद्रवरम स्थित रोड-कम-रेल पुल से गोदावरी नदी में छलांग लगा दी थी।
कार्तिकेय रेड्डी को मछुआरों ने नदी के एक द्वीप पर बेहोशी की हालत में बचाया, जबकि नूका राजू, उनकी पत्नी और बेटी के शव बाद में बरामद किए गए।
सुसाइड नोट में लगाए गए आरोप
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर खड़ी कार में मिले एक कथित सुसाइड नोट में नूका राजू ने आरोप लगाया कि सादिक खान उनकी बेटी सौजन्या को उसके पति जगदीश रेड्डी की मृत्यु के बाद से परेशान कर रहा था। नोट में दावा किया गया कि खान ने विवाह प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद राजू और उनके नाती को जान से मारने की धमकी दी थी, तथा परिवार के कीमती सामान भी अपने कब्जे में ले लिए थे।
नोट के अनुसार, बेटी पर हो रहे अत्याचारों के चलते परिवार ने यह दुखद कदम उठाने का निर्णय किया। इसी नोट और कार्तिकेय रेड्डी के बयान के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया।
हत्या का आरोप और दूसरी एफआईआर
बाद में सौजन्या के ससुर भास्कर रेड्डी ने अलग शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने अपने बेटे जगदीश रेड्डी की मृत्यु में सादिक खान की भूमिका होने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि 2 जुलाई को जगदीश रेड्डी की मौत शरीर में जहरीला पदार्थ इंजेक्ट किए जाने से हुई थी।
भास्कर रेड्डी ने बताया कि खान, जगदीश की मृत्यु के बाद उनके घर आने-जाने लगा था और सौजन्या के करीब आने की कोशिश कर रहा था। उनकी शिकायत पर काकीनाडा के सरपावरम पुलिस थाने में हत्या, जबरन धर्म परिवर्तन और उगाही का मामला दर्ज किया गया।
पाँच राज्यों में पीछा, मेरठ में गिरफ्तारी
काकीनाडा के पुलिस अधीक्षक जी. बिंदु माधव ने बताया कि काकीनाडा और पूर्वी गोदावरी की संयुक्त पुलिस टीमों ने पाँच राज्यों में पीछा करने के बाद खान को मेरठ में एक परिचित के घर से गिरफ्तार किया। 10 से अधिक पुलिस टीमें उसकी गतिविधियों पर नज़र रख रही थीं।
एसपी के अनुसार, गिरफ्तारी से बचने के लिए खान ने मोबाइल फोन और ऑनलाइन लेनदेन का उपयोग पूरी तरह बंद कर दिया था। अंततः तकनीकी साक्ष्यों और मानव खुफिया जानकारी की मदद से उसका पता लगाया गया। इसके बाद मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर ट्रांजिट वारंट पर उसे आंध्र प्रदेश लाया गया।
आगे क्या होगा
अदालत ने खान को काकीनाडा उप-जेल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। पुलिस ने राजमहेंद्रवरम में आत्महत्या उकसावे और काकीनाडा में हत्या समेत अन्य आरोपों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। जाँच जारी है और न्यायिक हिरासत की अवधि के दौरान पुलिस अतिरिक्त साक्ष्य जुटाने में लगी है।