एंटी-पेपर लीक बिल ऐतिहासिक कदम, दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा: चंडीगढ़ मेयर सौरभ जोशी
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने 31 जुलाई को संसद से पारित एंटी-पेपर लीक बिल को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इस कानून के तहत पेपर लीक में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नीट पेपर लीक मामले में आरोपी पहले ही जेल में हैं और केंद्र सरकार ने इस विषय पर त्वरित कार्रवाई की है।
एंटी-पेपर लीक कानून: क्या हैं प्रमुख प्रावधान
मेयर जोशी ने कहा कि नीट पेपर लीक मामला सामने आने के तुरंत बाद केंद्र सरकार ने संलिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई और वे अभी न्यायिक हिरासत में हैं। इसके बाद सरकार एंटी-पेपर लीक बिल लेकर आई, जो संसद से पारित हो चुका है। उन्होंने कहा कि इस कानून में बेहद कड़े दंड के प्रावधान हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।
जोशी ने कहा कि बिहार, हरियाणा और पंजाब सहित कई राज्यों में वर्षों से पेपर लीक की घटनाएँ सामने आती रही हैं, लेकिन पिछली सरकारों ने इस दिशा में कोई ठोस कानून बनाने की पहल नहीं की। उनके अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने CBSE, नीट और अन्य केंद्रीकृत परीक्षाओं की विश्वसनीयता को प्राथमिकता दी।
चंडीगढ़ में जलभराव: मेयर ने खुद उठाया मुद्दा
हाल ही में चंडीगढ़ में हुई भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या पर मेयर ने कहा कि उन्होंने स्वयं वित्त एवं अनुबंध समिति (F&CC) की बैठक में यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम में वर्षों से एक एजेंसी को करोड़ों रुपये देकर केवल दिखावटी सफाई कराई जाती रही।
जोशी ने स्पष्ट किया कि महज चैंबर के ढक्कन खोलने से बारिश का पानी नहीं निकलता — भूमिगत पाइपलाइन में जमी रेत और गाद को हटाना आवश्यक है। जब उन्होंने अधिकारियों से सक्शन, जेटिंग और रोबोटिक मशीनों की संख्या पूछी तो पता चला कि मशीनें उपलब्ध हैं, लेकिन वे सड़कों पर सक्रिय नजर नहीं आतीं। मेयर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी मशीनें मैदान में उतारी जाएँ और वे स्वयं प्रतिदिन इस कार्य की निगरानी करेंगे।
कांग्रेस और AAP के चुनावी वादों पर निशाना
नगर निगम की हाउस मीटिंग में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी पर टिप्पणी के सवाल पर मेयर जोशी ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) को उनके चुनावी वादों की याद दिलाई। लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दलों ने संयुक्त रूप से एक गारंटी कार्ड जारी किया था, जिसमें सांसद बनने के 30 दिनों के भीतर प्रत्येक परिवार को 20,000 लीटर मुफ्त पानी, 300 यूनिट मुफ्त बिजली, बेरोजगारों को भत्ता, वरिष्ठ नागरिकों को सहायता और मुफ्त पार्किंग का वादा किया गया था।
जोशी ने कहा कि सांसद बने ढाई से तीन वर्ष बीत चुके हैं और इस दौरान कांग्रेस के मेयर तथा डिप्टी मेयर भी रहे, लेकिन इनमें से एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। उनके अनुसार, चुनाव नजदीक आने पर जनता को एक बार फिर गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
AAP की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की स्थिति पर जोशी ने कहा कि पार्टी का जनाधार लगातार कमजोर हो रहा है। उनके अनुसार, चंडीगढ़ में AAP पहले ही कमजोर पड़ चुकी है और पंजाब में भी पार्टी को जनता का समर्थन नहीं मिलेगा। विपक्षी दलों के जनप्रतिनिधियों के दल बदलने से AAP की राजनीतिक स्थिति और कमजोर हुई है, यह उनका दावा है।
यह ऐसे समय में आया है जब चंडीगढ़ नगर निगम में सत्ता-संघर्ष तेज है और आगामी चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दल एक-दूसरे पर वादे न पूरे करने के आरोप लगा रहे हैं। मेयर जोशी का यह बयान शहर की राजनीतिक बहस में एक नया अध्याय जोड़ता है।