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दिल्ली पुलिस ने APK बैंक धोखाधड़ी मामले में बिहार से मुख्य आरोपी शशिकांत को दबोचा

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दिल्ली पुलिस ने APK बैंक धोखाधड़ी मामले में बिहार से मुख्य आरोपी शशिकांत को दबोचा

सारांश

दिल्ली पुलिस ने APK फाइलों से मोबाइल हैक कर बैंक खाते खाली करने वाले साइबर-फ्रॉड नेटवर्क के मुख्य आरोपी शशिकांत कुमार को बिहार से दबोचा। उसी थाने की पुलिस ने 12 मामलों के शातिर चोर प्रमोद उर्फ गांजा को भी रानी गार्डन से गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने APK-आधारित साइबर बैंक धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी शशिकांत कुमार को बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर से गिरफ्तार किया।
पीड़ित के खाते से तीन अनधिकृत डेबिट ट्रांजैक्शन हुए थे; शिकायत साइबर पुलिस स्टेशन शाहदरा में दर्ज थी।
आरोपी कथित तौर पर एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा था जो मैलिशियस APK फाइलें भेजकर मोबाइल हैक करता था।
बैंक खाते कथित तौर पर गैस कनेक्शन का लालच देकर अनजान ग्रामीणों से हासिल किए जाते थे।
दूसरे मामले में प्रमोद उर्फ गांजा को रानी गार्डन, दिल्ली से गिरफ्तार किया गया; वह पहले से 12 आपराधिक मामलों में संलिप्त है।

दिल्ली पुलिस ने 23 अगस्त को APK-आधारित साइबर बैंक धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी शशिकांत कुमार को बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर से गिरफ्तार किया। आरोपी पर एक संगठित साइबर-फ्रॉड नेटवर्क के ज़रिए पीड़ित के बैंक खाते से बिना अनुमति के तीन अनधिकृत डेबिट ट्रांजैक्शन करने का आरोप है।

मुख्य घटनाक्रम

मामले की शुरुआत तब हुई जब एक शिकायतकर्ता ने साइबर पुलिस स्टेशन शाहदरा में शिकायत दर्ज कराई कि उसके बैंक खाते से तीन अनधिकृत डेबिट ट्रांजैक्शन हुए हैं। पीड़ित ने स्पष्ट किया कि उसने न तो ये ट्रांजैक्शन किए, न इनकी अनुमति दी और न ही अपना बैंकिंग पिन या कोई अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा की।

जाँच के दौरान पुलिस टीम ने आईपी लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खाते की जानकारी, ट्रांजैक्शन पैटर्न और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया।

कैसे काम करता था यह नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर एक संगठित साइबर-फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा था। इस नेटवर्क में पीड़ितों को मैलिशियस APK फाइलें भेजकर उनके मोबाइल डिवाइस को हैक किया जाता था, जिससे अनधिकृत बैंकिंग ट्रांजैक्शन संभव हो जाते थे। कथित तौर पर बैंक खाते अनजान ग्रामीणों से गैस कनेक्शन और उससे जुड़े लाभ दिलाने का झाँसा देकर हासिल किए जाते थे।

शशिकांत कुमार की भूमिका कथित तौर पर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि का प्रबंधन करने, पैसे निकालने व ट्रांसफर करने में सहयोग देने, कमीशन रखने और शेष राशि अपने साथियों को भेजने तक सीमित बताई जा रही है।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया

पुलिस ने लगातार तकनीकी निगरानी, लोकेशन-आधारित जानकारी और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर आरोपी की पहचान और उसका ठिकाना सुनिश्चित किया। इसके बाद बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर में छापा मारकर शशिकांत को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली पुलिस की डिजिटल फॉरेंसिक क्षमता का प्रमाण मानी जा रही है।

दूसरे मामले में शातिर चोर गिरफ्तार

इसी बीच, शाहदरा पुलिस ने एक अलग मामले में प्रमोद उर्फ गांजा नामक एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी पहले से 12 आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया है। एक विश्वसनीय सूत्र से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के रानी गार्डन में छापा मारकर प्रमोद को दबोचा। उसके घर की तलाशी में इलाके के एक घर से चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया गया।

आगे क्या होगा

दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। साइबर धोखाधड़ी मामले में पुलिस शशिकांत के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है, जिन्हें धनराशि ट्रांसफर की जाती थी। विशेषज्ञों का कहना है कि APK-आधारित साइबर फ्रॉड के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और आम नागरिकों को अनजान स्रोतों से आई फाइलें डाउनलोड करने से बचना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो डिजिटल वित्तीय समावेश की एक कड़वी विडंबना है। पुलिस ने नेटवर्क के बाकी सदस्यों को अभी तक नहीं पकड़ा है, जो यह संकेत देता है कि यह गिरफ्तारी अंत नहीं, बल्कि एक शुरुआत है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

APK-आधारित बैंक धोखाधड़ी क्या होती है?
इस तरह की धोखाधड़ी में पीड़ित को एक मैलिशियस APK फाइल भेजी जाती है, जिसे डाउनलोड करते ही उसका मोबाइल हैक हो जाता है। इसके बाद जालसाज़ बिना OTP या पिन माँगे बैंक खाते से अनधिकृत ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।
मुख्य आरोपी शशिकांत कुमार को कहाँ से गिरफ्तार किया गया?
शशिकांत कुमार को बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर से गिरफ्तार किया गया। वह उसी जिले का मूल निवासी है और कथित तौर पर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि का प्रबंधन करता था।
इस साइबर नेटवर्क में बैंक खाते कैसे हासिल किए जाते थे?
पुलिस के अनुसार, कथित तौर पर अनजान ग्रामीणों को गैस कनेक्शन और उससे जुड़े लाभ दिलाने का झाँसा देकर उनके बैंक खाते हासिल किए जाते थे, जिन्हें बाद में धोखाधड़ी की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था।
प्रमोद उर्फ गांजा को किस मामले में गिरफ्तार किया गया?
शाहदरा पुलिस ने प्रमोद उर्फ गांजा को दिल्ली के रानी गार्डन से एक घर में चोरी के मामले में गिरफ्तार किया। उसके घर से चोरी का पूरा सामान बरामद हुआ और वह पहले से 12 आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया है।
APK फाइल से होने वाली धोखाधड़ी से कैसे बचें?
अज्ञात स्रोतों या संदिग्ध लिंक से APK फाइलें डाउनलोड न करें। केवल Google Play Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ऐप इंस्टॉल करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें।
राष्ट्र प्रेस
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