दिल्ली पुलिस ने APK बैंक धोखाधड़ी मामले में बिहार से मुख्य आरोपी शशिकांत को दबोचा
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने 23 अगस्त को APK-आधारित साइबर बैंक धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी शशिकांत कुमार को बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर से गिरफ्तार किया। आरोपी पर एक संगठित साइबर-फ्रॉड नेटवर्क के ज़रिए पीड़ित के बैंक खाते से बिना अनुमति के तीन अनधिकृत डेबिट ट्रांजैक्शन करने का आरोप है।
मुख्य घटनाक्रम
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक शिकायतकर्ता ने साइबर पुलिस स्टेशन शाहदरा में शिकायत दर्ज कराई कि उसके बैंक खाते से तीन अनधिकृत डेबिट ट्रांजैक्शन हुए हैं। पीड़ित ने स्पष्ट किया कि उसने न तो ये ट्रांजैक्शन किए, न इनकी अनुमति दी और न ही अपना बैंकिंग पिन या कोई अन्य गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा की।
जाँच के दौरान पुलिस टीम ने आईपी लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक खाते की जानकारी, ट्रांजैक्शन पैटर्न और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर एक संगठित साइबर-फ्रॉड नेटवर्क का हिस्सा था। इस नेटवर्क में पीड़ितों को मैलिशियस APK फाइलें भेजकर उनके मोबाइल डिवाइस को हैक किया जाता था, जिससे अनधिकृत बैंकिंग ट्रांजैक्शन संभव हो जाते थे। कथित तौर पर बैंक खाते अनजान ग्रामीणों से गैस कनेक्शन और उससे जुड़े लाभ दिलाने का झाँसा देकर हासिल किए जाते थे।
शशिकांत कुमार की भूमिका कथित तौर पर धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि का प्रबंधन करने, पैसे निकालने व ट्रांसफर करने में सहयोग देने, कमीशन रखने और शेष राशि अपने साथियों को भेजने तक सीमित बताई जा रही है।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
पुलिस ने लगातार तकनीकी निगरानी, लोकेशन-आधारित जानकारी और फील्ड वेरिफिकेशन के आधार पर आरोपी की पहचान और उसका ठिकाना सुनिश्चित किया। इसके बाद बिहार के औरंगाबाद जिले के मदनपुर में छापा मारकर शशिकांत को गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली पुलिस की डिजिटल फॉरेंसिक क्षमता का प्रमाण मानी जा रही है।
दूसरे मामले में शातिर चोर गिरफ्तार
इसी बीच, शाहदरा पुलिस ने एक अलग मामले में प्रमोद उर्फ गांजा नामक एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया। आरोपी पहले से 12 आपराधिक मामलों में संलिप्त पाया गया है। एक विश्वसनीय सूत्र से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने दिल्ली के रानी गार्डन में छापा मारकर प्रमोद को दबोचा। उसके घर की तलाशी में इलाके के एक घर से चोरी का सारा सामान बरामद कर लिया गया।
आगे क्या होगा
दोनों मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। साइबर धोखाधड़ी मामले में पुलिस शशिकांत के अन्य साथियों की तलाश में जुटी है, जिन्हें धनराशि ट्रांसफर की जाती थी। विशेषज्ञों का कहना है कि APK-आधारित साइबर फ्रॉड के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और आम नागरिकों को अनजान स्रोतों से आई फाइलें डाउनलोड करने से बचना चाहिए।