कुतुब मीनार पहली बार आसियान रंगों में रोशन, नई दिल्ली में 59वीं वर्षगांठ का ऐतिहासिक आयोजन
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक कुतुब मीनार को 8 अगस्त 2026 की शाम पहली बार एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) के ध्वज के रंगों में रोशन किया गया, जब इस क्षेत्रीय संगठन की 59वीं स्थापना वर्षगांठ राष्ट्रीय राजधानी में धूमधाम से मनाई गई। यह किसी भी प्रमुख राष्ट्रीय स्मारक पर आसियान के प्रतीकों का विश्व में पहला ऐसा प्रक्षेपण बताया जा रहा है।
ऐतिहासिक रोशनी का आयोजन
भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने आसियान नई दिल्ली कमेटी (ANDC) परिवार के साथ मिलकर इस कार्यक्रम की अगुवाई की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "नई दिल्ली में हमारे एएनडीसी परिवार के साथ कुतुब मीनार पर पहली बार आसियान झंडे की रोशनी के साथ आसियान दिवस मनाकर बहुत खुश हूं। हमारे फिलीपींस चेयर को बहुत-बहुत धन्यवाद।"
यह आयोजन आसियान दिवस के उस महत्व को रेखांकित करता है जो आधुनिक क्षेत्रीय कूटनीति में भारत की भूमिका को दर्शाता है। गौरतलब है कि इस बार फिलीपींस आसियान का अध्यक्ष देश है।
आसियान: एक परिचय
भारत में फिलीपींस दूतावास के अनुसार, आसियान की स्थापना 8 अगस्त 1967 को पाँच देशों द्वारा की गई थी। आज यह संगठन दक्षिण-पूर्व एशिया के सभी 11 देशों को एकजुट करता है — ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर लेस्ते और वियतनाम। 70 करोड़ से अधिक की संयुक्त जनसंख्या और 4 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की सकल घरेलू उत्पाद के साथ, यदि इसे एक इकाई के रूप में देखा जाए, तो यह दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी।
भारत-आसियान संबंध: तीन दशकों की यात्रा
भारत और आसियान के बीच 1992 में सेक्टोरल डायलॉग संबंधों की शुरुआत हुई थी। तीन दशकों की इस यात्रा के बाद 2022 में यह रिश्ता एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में परिवर्तित हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को और मज़बूत करने में जुटा है।
फिलीपींस दूतावास ने बताया कि इस व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत दोनों पक्ष व्यापार, निवेश, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा, संस्कृति, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और लोगों के आपसी संपर्क जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग करते हैं।
राजनयिक प्रतिक्रिया
भारत में फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने कहा, "हम इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार के पूरे समर्थन से बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। यह आसियान और भारत के बीच लंबी दोस्ती, सभ्यताओं के जुड़ाव और अब अहम संबंध को दिखाता है, जो हमारे दोनों समाजों में शांति और खुशहाली लाने के लिए साझा मूल्यों और आपसी प्रतिबद्धता पर बना है।"
आगे क्या
कुतुब मीनार की यह रोशनी महज एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि भारत-आसियान संबंधों की गहराती जड़ों का दृश्य प्रमाण है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सांस्कृतिक और कूटनीतिक प्रदर्शन भविष्य में व्यापार और रणनीतिक वार्ताओं को और गति दे सकते हैं।