8 अगस्त 2026
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कुतुब मीनार पहली बार आसियान रंगों में रोशन, नई दिल्ली में 59वीं वर्षगांठ का ऐतिहासिक आयोजन

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कुतुब मीनार पहली बार आसियान रंगों में रोशन, नई दिल्ली में 59वीं वर्षगांठ का ऐतिहासिक आयोजन

सारांश

इतिहास में पहली बार कुतुब मीनार आसियान के रंगों में नहाया — और यह महज रोशनी नहीं थी, यह तीन दशकों की कूटनीतिक यात्रा का दृश्य उत्सव था। 59वीं वर्षगांठ पर नई दिल्ली में हुए इस आयोजन ने भारत-आसियान व्यापक रणनीतिक साझेदारी को एक नया प्रतीकात्मक आयाम दिया।

मुख्य बातें

कुतुब मीनार को 8 अगस्त 2026 को पहली बार आसियान के ध्वज रंगों में रोशन किया गया।
यह किसी प्रमुख राष्ट्रीय स्मारक पर आसियान प्रतीकों का विश्व का पहला ऐसा प्रक्षेपण बताया गया है।
आसियान की स्थापना 8 अगस्त 1967 को हुई थी; अब इसमें 11 सदस्य देश शामिल हैं।
आसियान की संयुक्त GDP 4 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक; जनसंख्या 70 करोड़ से ज़्यादा।
भारत-आसियान संबंध 1992 में शुरू होकर 2022 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी में परिवर्तित हुए।

नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक कुतुब मीनार को 8 अगस्त 2026 की शाम पहली बार एसोसिएशन ऑफ साउथईस्ट एशियन नेशंस (आसियान) के ध्वज के रंगों में रोशन किया गया, जब इस क्षेत्रीय संगठन की 59वीं स्थापना वर्षगांठ राष्ट्रीय राजधानी में धूमधाम से मनाई गई। यह किसी भी प्रमुख राष्ट्रीय स्मारक पर आसियान के प्रतीकों का विश्व में पहला ऐसा प्रक्षेपण बताया जा रहा है।

ऐतिहासिक रोशनी का आयोजन

भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने आसियान नई दिल्ली कमेटी (ANDC) परिवार के साथ मिलकर इस कार्यक्रम की अगुवाई की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "नई दिल्ली में हमारे एएनडीसी परिवार के साथ कुतुब मीनार पर पहली बार आसियान झंडे की रोशनी के साथ आसियान दिवस मनाकर बहुत खुश हूं। हमारे फिलीपींस चेयर को बहुत-बहुत धन्यवाद।"

यह आयोजन आसियान दिवस के उस महत्व को रेखांकित करता है जो आधुनिक क्षेत्रीय कूटनीति में भारत की भूमिका को दर्शाता है। गौरतलब है कि इस बार फिलीपींस आसियान का अध्यक्ष देश है।

आसियान: एक परिचय

भारत में फिलीपींस दूतावास के अनुसार, आसियान की स्थापना 8 अगस्त 1967 को पाँच देशों द्वारा की गई थी। आज यह संगठन दक्षिण-पूर्व एशिया के सभी 11 देशों को एकजुट करता है — ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर लेस्ते और वियतनाम70 करोड़ से अधिक की संयुक्त जनसंख्या और 4 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की सकल घरेलू उत्पाद के साथ, यदि इसे एक इकाई के रूप में देखा जाए, तो यह दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी।

भारत-आसियान संबंध: तीन दशकों की यात्रा

भारत और आसियान के बीच 1992 में सेक्टोरल डायलॉग संबंधों की शुरुआत हुई थी। तीन दशकों की इस यात्रा के बाद 2022 में यह रिश्ता एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में परिवर्तित हो गया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को और मज़बूत करने में जुटा है।

फिलीपींस दूतावास ने बताया कि इस व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अंतर्गत दोनों पक्ष व्यापार, निवेश, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा, संस्कृति, प्रौद्योगिकी, शिक्षा और लोगों के आपसी संपर्क जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग करते हैं।

राजनयिक प्रतिक्रिया

भारत में फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने कहा, "हम इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट के लिए भारत सरकार के पूरे समर्थन से बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं। यह आसियान और भारत के बीच लंबी दोस्ती, सभ्यताओं के जुड़ाव और अब अहम संबंध को दिखाता है, जो हमारे दोनों समाजों में शांति और खुशहाली लाने के लिए साझा मूल्यों और आपसी प्रतिबद्धता पर बना है।"

आगे क्या

कुतुब मीनार की यह रोशनी महज एक प्रतीकात्मक आयोजन नहीं, बल्कि भारत-आसियान संबंधों की गहराती जड़ों का दृश्य प्रमाण है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सांस्कृतिक और कूटनीतिक प्रदर्शन भविष्य में व्यापार और रणनीतिक वार्ताओं को और गति दे सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन व्यापार घाटा और कनेक्टिविटी की खाई अभी भी चुनौती बनी हुई है। प्रतीकात्मक आयोजन ज़रूरी हैं, पर असली कसौटी यह होगी कि क्या यह साझेदारी आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण और डिजिटल व्यापार में ठोस नतीजे दे पाती है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुतुब मीनार को आसियान रंगों में क्यों रोशन किया गया?
8 अगस्त 2026 को आसियान की 59वीं स्थापना वर्षगांठ के उपलक्ष्य में कुतुब मीनार को पहली बार आसियान ध्वज के रंगों में रोशन किया गया। यह भारत-आसियान व्यापक रणनीतिक साझेदारी और दोनों के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को दर्शाने का प्रतीकात्मक प्रयास था।
आसियान में कितने देश शामिल हैं और इसकी स्थापना कब हुई?
आसियान की स्थापना 8 अगस्त 1967 को पाँच देशों द्वारा की गई थी और आज इसमें 11 सदस्य देश हैं — ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, तिमोर लेस्ते और वियतनाम। इसकी संयुक्त GDP 4 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक है।
भारत और आसियान के बीच संबंध कब और कैसे शुरू हुए?
भारत और आसियान के बीच 1992 में सेक्टोरल डायलॉग संबंधों की शुरुआत हुई। तीन दशकों बाद 2022 में यह रिश्ता एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदल गया, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, शिक्षा और संस्कृति जैसे अनेक क्षेत्र शामिल हैं।
इस कार्यक्रम में किन राजनयिकों ने भाग लिया?
भारत में सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने आसियान नई दिल्ली कमेटी (ANDC) के साथ कार्यक्रम की अगुवाई की। फिलीपींस के राजदूत जोसेल एफ. इग्नासियो ने भी इस अवसर पर भारत सरकार के समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया।
क्या यह पहली बार है जब किसी स्मारक पर आसियान के रंगों की रोशनी डाली गई?
हाँ, फिलीपींस दूतावास के अनुसार यह दुनिया के किसी भी प्रमुख राष्ट्रीय स्मारक पर आसियान के प्रतीकों का पहला ऐसा प्रक्षेपण था। कुतुब मीनार की यह रोशनी भारत-आसियान संबंधों के इतिहास में एक नई मिसाल बनी।
राष्ट्र प्रेस
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