असम बाढ़: 30 चाय बागान प्रभावित, 11 को भारी नुकसान; मृतक संख्या 75 तक पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
असम के मंत्री रामेश्वर तेली ने 30 जुलाई 2026 को गुवाहाटी में पत्रकारों को बताया कि राज्य में जारी बाढ़ से कम से कम 30 चाय बागान प्रभावित हुए हैं, जिनमें से 11 बागानों को भारी नुकसान पहुँचा है। मंत्री ने चेतावनी दी कि इस तबाही का सीधा असर आने वाले दिनों में चाय उत्पादन पर पड़ेगा।
नुकसान का दायरा
मंत्री तेली ने स्पष्ट किया कि यह आँकड़े लेबर कमिश्नर के कार्यालय से प्राप्त रिपोर्ट पर आधारित हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार बाढ़ का पानी 30 चाय बागानों में घुस गया, जिनमें से 11 में व्यापक क्षति दर्ज की गई है। असम भारत का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य है और इस क्षेत्र में आई यह तबाही राष्ट्रीय चाय आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है।
मृतक संख्या और बचाव अभियान
मंत्री के अनुसार अब तक बाढ़ में 70 से 75 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने आगाह किया कि यह संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि बचाव दल अभी भी बाढ़ग्रस्त इलाकों, मलबे और कीचड़ में दबे क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। पड़ोसी राज्य नागालैंड से भारी मात्रा में कीचड़ और मलबा बहकर आने से तलाशी कार्य में बाधा आ रही है, और आशंका है कि कुछ लोग अभी भी इसके नीचे दबे हो सकते हैं।
सेना और आपदा बल की तैनाती
राहत एवं बचाव कार्यों को सुदृढ़ करने के लिए प्रभावित इलाकों में भारतीय सेना को तैनात किया गया है। सेना के जवान राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), जिला प्रशासन और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं। टीमें चौबीसों घंटे फँसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं।
राहत शिविरों की स्थिति
मंत्री तेली ने बताया कि राज्य सरकार ने सुनिश्चित किया है कि राहत शिविरों में भोजन, पेयजल, दवाएँ और अन्य आवश्यक सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि विस्थापित परिवारों को बुनियादी ज़रूरतों की आपूर्ति में कोई व्यवधान न आए।
आगे की राह
राज्य सरकार विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करते हुए मलबा हटाने, क्षतिग्रस्त सड़कों को फिर से खोलने और प्रभावित समुदायों तक तत्काल सहायता पहुँचाने में जुटी है। स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है और बहाली कार्यों में तेज़ी लाने के प्रयास जारी हैं।