असम NDA 3.0 के 100 दिन: CM सरमा बोले — महिलाएं बनेंगी बदलाव की अगुवा, 6,875 को मिली तकनीकी ट्रेनिंग
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 20 अगस्त 2026 को NDA 3.0 सरकार के 100 दिन पूरे होने पर महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, आजीविका और स्वास्थ्य सेवा में की गई पहलों का विस्तृत ब्यौरा साझा किया। उन्होंने कहा कि इन 100 दिनों में शुरू किए गए कार्यक्रमों का केंद्रीय उद्देश्य एक ऐसा असम गढ़ना है, जहाँ महिलाएँ सामाजिक और आर्थिक बदलाव की अगुवाई करें।
लखीमी मिस्त्री: तकनीकी कौशल की नई राह
'लखीमी मिस्त्री' पहल के अंतर्गत 6,875 से अधिक महिलाएँ प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत सर्टिफाइड ग्रामीण राजमिस्त्री (मेसन) बनने की ट्रेनिंग ले रही हैं। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को निर्माण क्षेत्र में तकनीकी दक्षता और दीर्घकालिक रोज़गार के अवसर देने के लिए तैयार की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण इलाकों में कुशल श्रम की भारी कमी बनी हुई है।
स्वनिर्भर नारी: बुनकरों और उद्यमियों को बल
'स्वनिर्भर नारी' योजना के तहत 1,051 से अधिक बुनकरों और 60 महिला उद्यमियों को सीधा लाभ पहुँचा है। सरकार ने 48,338 मानक-अनुरूप उत्पाद खरीदे हैं और महिलाओं के नेतृत्व वाले रोज़गार को मज़बूत करने के लिए ₹1.33 करोड़ जारी किए गए हैं। गौरतलब है कि असम का हथकरघा क्षेत्र लाखों महिलाओं की आजीविका का आधार है, और इस योजना का विस्तार उस परंपरागत शक्ति को संस्थागत समर्थन देने की कोशिश है।
निजुत मोइना: शिक्षा से बाल विवाह पर प्रहार
'निजुत मोइना' योजना के अंतर्गत शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में लगभग 5.16 लाख छात्राओं को लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार शिक्षा को बाल विवाह की रोकथाम का सबसे कारगर माध्यम मानती है। असम में बाल विवाह की दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर रही है, और इस योजना को उसी संदर्भ में एक दीर्घकालिक हस्तक्षेप के रूप में देखा जा रहा है।
PMMVY: माताओं को सीधी आर्थिक मदद
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत 78,490 योग्य लाभार्थियों का पंजीकरण किया गया है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिये ₹23.26 करोड़ सीधे माताओं के खातों में भेजे गए हैं, जिससे मातृत्व के दौरान आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
स्वास्थ्य सेवा: MMR राष्ट्रीय औसत से नीचे
मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि असम का मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) घटकर 84 पर आ गया है, जो राष्ट्रीय औसत 87 से कम है। यह पहली बार है जब राज्य का MMR राष्ट्रीय स्तर से नीचे आया है — एक ऐतिहासिक उपलब्धि जिसे स्वास्थ्य विशेषज्ञ दीर्घकालिक नीतिगत निरंतरता का परिणाम मानते हैं। इसके साथ ही, 2.94 लाख किशोरियों को टीकाकरण के अंतर्गत कवर किया गया है, जिससे युवतियों के बीच निवारक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच बढ़ी है।
सरकार के अनुसार, ये सभी पहलें महिलाओं की पूँजी, शिक्षा, कौशल, रोज़गार और स्वास्थ्य सेवाओं तक समग्र पहुँच बनाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा हैं। आने वाले महीनों में इन योजनाओं के विस्तार और नई घोषणाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।