14 जुलाई 2026
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अयोध्या में मां भगवती मंदिर पर ध्वजारोहण: साध्वी ऋतंभरा बोलीं — 'भारत की हर बेटी को दुर्गा बनना होगा'

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अयोध्या में मां भगवती मंदिर पर ध्वजारोहण: साध्वी ऋतंभरा बोलीं — 'भारत की हर बेटी को दुर्गा बनना होगा'

सारांश

अयोध्या में मां भगवती मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के साथ साध्वी ऋतंभरा का संदेश गूंजा — भारत की बेटियों को दुर्गा बनना होगा। करीब 4,000 महिलाओं की उपस्थिति में लव जिहाद, गौसंरक्षण और सांस्कृतिक मर्यादा पर तीखी बात हुई।

मुख्य बातें

29 मई को अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में मां भगवती मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि भारत की हर बेटी को लव जिहाद और सांस्कृतिक खतरों से बचाव के लिए 'दुर्गा' बनना होगा।
उन्होंने गौसंरक्षण और भारतीय संस्कृति की मर्यादाओं को बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
महासचिव चंपत राय के अनुसार कार्यक्रम में करीब 4,000 मातृशक्ति की सहभागिता रही।
मीनाक्षी ताई, साध्वी निरंजन ज्योति और साध्वी प्रज्ञा भारती सहित कई प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित रहीं।

अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में मां भगवती मंदिर के शिखर पर 29 मई को संपन्न ध्वजारोहण समारोह में साध्वी ऋतंभरा ने मातृशक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि भारत की बेटियों को अपनी संस्कृति, आस्था और परंपराओं की रक्षा के लिए 'दुर्गा' का स्वरूप धारण करना होगा। इस कार्यक्रम में दुर्गा वाहिनी और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी करीब 4,000 महिलाओं ने सहभागिता की।

मुख्य संबोधन और आह्वान

साध्वी ऋतंभरा ने अपने ओजपूर्ण संबोधन में कहा कि आज की पीढ़ी को 'भारत की नारी होने का अर्थ' समझाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने परिवार और समाज में संस्कारों की रक्षा की जिम्मेदारी मातृशक्ति पर बताते हुए कहा कि संतानों को यह बोध कराया जाना चाहिए कि 'माथे के सिंदूर की कीमत क्या होती है।'

उन्होंने महिलाओं से कौशल्या, देवकी, अंजनी और सुनैना जैसी आदर्श माताओं के चरित्र को अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में उन्होंने कविता और ओजस्वी पंक्तियों के माध्यम से भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया — 'देश से है प्यार तो हर पल ये कहना चाहिए, मैं रहूं या ना रहूं भारत ये रहना चाहिए।'

सामाजिक मुद्दों पर चिंता

साध्वी ऋतंभरा ने लव जिहाद, सांस्कृतिक संरक्षण और गौसंरक्षण जैसे विषयों पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा, 'हमें संकल्प लेना होगा कि हमारी बच्चियां लव जिहाद का शिकार नहीं बनेंगी। इसके लिए हर बेटी को दुर्गा बनाने की आवश्यकता है।' उन्होंने यह भी कहा कि स्वतंत्रता और उच्छृंखलता के बीच का अंतर समझना जरूरी है तथा भारतीय संस्कृति की मर्यादाओं को बनाए रखना समय की माँग है।

गौसंरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जब तक गौमाता के रक्त की एक-एक बूंद धरती को व्याकुल कर रही है, तब तक समाज को चैन से नहीं बैठना चाहिए।

राम जन्मभूमि आंदोलन का संदर्भ

साध्वी ऋतंभरा ने राम जन्मभूमि आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि सदियों के संघर्ष और बलिदान के बाद रामलला की पुनः प्रतिष्ठा हुई है। उनके अनुसार, 'हमारे पूर्वजों ने 500 वर्षों तक संघर्ष किया, माताओं ने अपने पुत्रों का बलिदान दिया और आज उसी समर्पण की ध्वजा मां भगवती मंदिर पर लहरा रही है।'

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख हस्तियाँ

इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति की मीनाक्षी ताई, महामंडलेश्वर साध्वी मैत्री जी, केंद्रीय पिछड़ा आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति और साध्वी परिषद की महामंत्री साध्वी प्रज्ञा भारती भी उपस्थित रहीं।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने बताया कि कार्यक्रम में दुर्गा वाहिनी और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी हजारों महिलाएं शामिल हुईं और कुल सहभागिता करीब 4,000 मातृशक्ति की रही। यह आयोजन अयोध्या में धार्मिक और सामाजिक चेतना के संगम का प्रतीक बनकर उभरा।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 महिलाओं की उपस्थिति संगठनात्मक ताकत का संकेत है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस सवाल से चूक जाती है कि इन मंचों से उठाए गए मुद्दे नीतिगत बदलाव में कितना और कैसे तब्दील होते हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अयोध्या में मां भगवती मंदिर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम क्या था?
यह 29 मई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर में मां भगवती मंदिर के शिखर पर आयोजित ध्वजारोहण समारोह था, जिसमें साध्वी ऋतंभरा सहित कई प्रमुख धार्मिक और सामाजिक हस्तियों ने भाग लिया। महासचिव चंपत राय के अनुसार इसमें करीब 4,000 महिलाओं ने सहभागिता की।
साध्वी ऋतंभरा ने 'दुर्गा बनाने' से क्या आशय व्यक्त किया?
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि भारत की बेटियों को अपनी संस्कृति, आस्था और परंपराओं की रक्षा के लिए सशक्त और जागरूक बनाना होगा — जिसे उन्होंने 'दुर्गा बनने' की संज्ञा दी। उनके अनुसार लव जिहाद जैसे खतरों से बचाव के लिए यह आवश्यक है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन सी प्रमुख हस्तियाँ उपस्थित थीं?
कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति की मीनाक्षी ताई, महामंडलेश्वर साध्वी मैत्री जी, केंद्रीय पिछड़ा आयोग की राष्ट्रीय अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति और साध्वी परिषद की महामंत्री साध्वी प्रज्ञा भारती उपस्थित रहीं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने भी कार्यक्रम की जानकारी दी।
साध्वी ऋतंभरा ने गौसंरक्षण पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि जब तक गौमाता के रक्त की एक-एक बूंद धरती को व्याकुल कर रही है, तब तक समाज को चैन से नहीं बैठना चाहिए। गौसंरक्षण का मुद्दा उन्होंने मातृशक्ति के सामाजिक दायित्व से जोड़कर प्रस्तुत किया।
राम जन्मभूमि आंदोलन का इस कार्यक्रम से क्या संबंध बताया गया?
साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष और बलिदान के बाद रामलला की पुनः प्रतिष्ठा हुई है, और मां भगवती मंदिर पर लहराती ध्वजा उसी समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने इसे पूर्वजों की आस्था और माताओं के बलिदान से जोड़ा।
राष्ट्र प्रेस
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