अयोध्या राम मंदिर दान चोरी: 8 आरोपी जेल में, मंत्री राकेश सचान बोले — दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान ने 29 जून 2026 को फतेहपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामले को अत्यंत गंभीर बताया और स्पष्ट किया कि भक्तों की आस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया है और जाँच की पूरी निगरानी कर रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री राकेश सचान ने बताया कि इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर भी लिया है। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री लगातार कह रहे हैं कि दूध का दूध और पानी का पानी होगा। जो भी लोग इसमें लिप्त हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।"
गौरतलब है कि राम मंदिर के दान पात्र से चोरी का यह मामला सामने आते ही देशभर में धार्मिक भावनाएँ आहत हुईं और राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी तेज़ हो गईं।
एसआईटी जाँच और सरकार की प्रतिक्रिया
सचान ने बताया कि जानकारी सामने आते ही विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि जाँच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और कोई भी दोषी कानून की पकड़ से बाहर नहीं रहेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब अयोध्या में राम मंदिर की ऐतिहासिक प्रतिष्ठा के बाद यह पहला बड़ा विवाद है जिसने मंदिर प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
विपक्ष के रुख पर मंत्री का जवाब
विपक्ष की आलोचनाओं पर राकेश सचान ने कहा कि सरकार ने मामले की जानकारी मिलते ही तत्काल कदम उठाए और एसआईटी गठित की। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी आरोपियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अन्य मुद्दों पर मंत्री की प्रतिक्रिया
पश्चिम बंगाल में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लेकर चल रही चर्चा पर सचान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार बनने के बाद राज्य में बदलाव की उम्मीद जगी है और जो लोग पहले अराजकता फैलाते थे, उन्हीं को अब परेशानी हो रही है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दिल्ली में 'लापता' वाले पोस्टरों पर मंत्री ने कहा कि पोस्टर लगाने वालों के अपने मुद्दे रहे होंगे और जनप्रतिनिधियों से यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि वे जनता से जुड़े रहें।
आरएसएस नेता के देश विभाजन और महात्मा गांधी से संबंधित बयान पर सचान ने कहा कि आज़ादी का संघर्ष अत्यंत कठिन रहा है और उस दौर के नेताओं ने तत्कालीन परिस्थितियों के अनुसार महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे।
आगे क्या होगा
एसआईटी की जाँच जारी है और अधिकारियों के अनुसार आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद यह मामला उत्तर प्रदेश पुलिस की प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर बना हुआ है।