क्या बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है? - कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर

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क्या बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमला दुर्भाग्यपूर्ण है? - कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर

सारांश

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस स्थिति को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और भारत से हस्तक्षेप की मांग की। उनके विचारों पर चर्चा करते हुए, यह लेख बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा और अधिकारों पर केंद्रित है।

मुख्य बातें

देवकीनंदन ठाकुर का बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का बयान आवाज उठाने की आवश्यकता भारत के हस्तक्षेप की आवश्यकता धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सैन्य कार्रवाई का सुझाव

मथुरा, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

उन्होंने मंगलवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह दुखद है कि बांग्लादेश में लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। यह दुख की बात है कि जब हम हिंदुओं का बचाव करते हैं, तो कुछ लोग हमें नफरत का चंदन समझने में नहीं हिचकते। यदि वे हमें नफरत का चंदन कह रहे हैं, तो बांग्लादेश में हमारे हिंदू भाइयों-बहनों के खिलाफ जो उन्माद चल रहा है, उसे क्या कहा जाएगा?

कथावाचक ने कहा कि जब हमें यह पता चलता है कि हमारे भाइयों और बहनों पर अत्याचार हो रहा है, तो यह सुनकर हमें भय होता है। ये लोग हमसे क्या उम्मीद करते हैं, कि हम चुप रहें और अपने मुँह पर टेप लगा लें?

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि यदि मैं यह कहता हूं कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं, तो भारत को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए। इसके अलावा, सैन्य कार्रवाई करके इन हमलों को रोकने की दिशा में कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि अब बांग्लादेश के हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के संबंध में जो कुछ भी कहा जाए, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं बांग्लादेश में अपने हिंदू भाइयों पर हो रहे हमलों के खिलाफ आवाज उठाता रहूंगा और आगे भी उठाता रहूंगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है। हमें इस मामले में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों का कारण क्या है?
ये हमले धार्मिक उन्माद और अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ भेदभाव के कारण होते हैं।
भारत को इस मामले में क्या कार्रवाई करनी चाहिए?
भारत को इस स्थिति पर ध्यान देकर उचित कूटनीतिक और सैन्य कदम उठाने चाहिए।
क्या यह स्थिति बांग्लादेश की सरकार की जिम्मेदारी नहीं है?
बिल्कुल, बांग्लादेश की सरकार को अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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