28 जुलाई 2026
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बरेली में मुस्लिम महिलाओं का महिला आरक्षण के समर्थन में जबरदस्त प्रदर्शन, कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी

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बरेली में मुस्लिम महिलाओं का महिला आरक्षण के समर्थन में जबरदस्त प्रदर्शन, कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी

सारांश

बरेली में मुस्लिम महिलाओं ने महिला आरक्षण के समर्थन में एक प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व निदा खान ने किया, जिसमें कांग्रेस के खिलाफ तीखे नारे लगाए गए। महिलाओं का कहना है कि आरक्षण के बिना सशक्तिकरण संभव नहीं है।

मुख्य बातें

महिला आरक्षण का समर्थन महत्वपूर्ण है।
विपक्षी दलों का विरोध इस बिल को रोक रहा है।
प्रदर्शन का नेतृत्व निदा खान ने किया।
महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए सरकारी कदम उठाए गए हैं।
कांग्रेस और अन्य दलों पर राजनीति करने का आरोप।

बरेली, 19 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के बरेली में रविवार को मुस्लिम महिलाओं ने महिला आरक्षण के समर्थन में एक शक्तिशाली विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं बुर्का पहनकर सड़कों पर उतरीं और कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। यह प्रदर्शन दामोदर स्वरूप पार्क के बाहर आयोजित किया गया, जहां 'कांग्रेस मुर्दाबाद' के नारे गूंजने लगे। इस प्रदर्शन का नेतृत्व मौलाना तौकीर रजा की पूर्व बहू निदा खान ने किया।

प्रदर्शन के दौरान राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए निदा खान ने कहा कि महिला आरक्षण बिल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने बताया कि आरक्षण महिलाओं को आगे बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका है, लेकिन कुछ महिला विरोधी पार्टियों ने इसका विरोध कर इसे पास नहीं होने दिया। उन्होंने जोर दिया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आरक्षण अनिवार्य है, लेकिन राजनीतिक कारणों से विरोधी दलों ने इस बिल को रुकवाया है। इसलिए हम सड़कों पर उतरे हैं।

केंद्र सरकार की नीतियों की प्रशंसा करते हुए निदा खान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा से लेकर विभिन्न योजनाओं पर काम किया गया है। उन्होंने तीन तलाक और बहु हलाला जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर सख्त कदम उठाकर महिलाओं को राहत देने की कोशिश की गई है। उन्होंने सभी महिलाओं के लिए बिना किसी भेदभाव के आरक्षण की आवश्यकता की बात की, लेकिन विपक्षी दलों ने इसे लागू नहीं होने दिया।

निदा खान ने कांग्रेस, टीएमसी और सपा पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ये पार्टियां देश को कमजोर कर रही हैं और महिलाओं के हितों के खिलाफ खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं के अधिकारों की बात आती है, तो ये दल केवल राजनीति करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह राजनीतिक दलों के बीच संघर्ष का भी प्रतीक है। मुस्लिम महिलाओं का यह प्रदर्शन उनके अधिकारों की रक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह आवश्यक है कि सभी पक्ष इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करें।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण का उद्देश्य क्या है?
महिला आरक्षण का उद्देश्य महिलाओं को राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में भाग ले सकें।
प्रदर्शन में किसने नेतृत्व किया?
प्रदर्शन का नेतृत्व मौलाना तौकीर रजा की पूर्व बहू निदा खान ने किया।
क्यों विरोध हो रहा है?
कई महिला विरोधी पार्टियों के विरोध के कारण महिला आरक्षण बिल अभी तक पारित नहीं हो पाया।
प्रदर्शन में कौन-कौन शामिल था?
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं बुर्का पहनकर शामिल हुईं।
क्या सरकार ने महिलाओं के लिए कोई कदम उठाए हैं?
जी हां, सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं और कानून बनाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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