महिला आरक्षण विधेयक पर मायावती का महत्वपूर्ण बयान
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लखनऊ, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की नेता मायावती ने बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि आज, जिस विशेष उद्देश्य के लिए मैंने पत्रकारों को आमंत्रित किया है, वह महिला आरक्षण बिल का अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा है। केंद्र सरकार ने इस पर चर्चा के लिए गुरुवार से संसद का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है।
मायावती ने बताया कि हमारी पार्टी का मानना है कि देश में जैसे बहुजन समाज के हितों पर बात होती है, वैसे ही महिला सशक्तीकरण पर भी गहरी चर्चा होनी चाहिए। लेकिन गंभीर नीतियों और मजबूत इच्छाशक्ति की कमी के चलते इसे सही तरीके से लागू नहीं किया जा सका है।
उन्होंने कहा कि कमजोर वर्गों की तरह, महिलाओं को भी अत्याचार, शोषण और अन्याय का सामना करना पड़ रहा है। शर्मनाक घटनाएं आज भी लगातार हो रही हैं। इसलिए हमारी पार्टी बसपा सभी समुदायों की महिलाओं के लिए उनकी जनसंख्या के अनुसार 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग करती रही है। मगर कोई भी राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के चलते इसे स्वीकार नहीं कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रस्ताव का स्वागत करते हैं, भले ही इसे लागू करने में काफी समय लग गया हो।
मायावती ने यह भी कहा कि महिला आरक्षण की वास्तविक हकदार वे महिलाएं हैं जो शोषित और उपेक्षित वर्गों में आती हैं, खासकर एसी, एसटी और ओबीसी समाज की महिलाएं। अगर इन्हें अलग से आरक्षण दिया जाता है तो यह एक ऐतिहासिक कदम होगा।
इसके अलावा, उन्होंने याद दिलाया कि कल भारतीय संविधान के रचयिता और दलितों के मसीहा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती थी, जिसे बसपा के कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ मनाया।