28 जुलाई 2026
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बस्तर रेजिमेंट गठन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को दिया जांच का भरोसा

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बस्तर रेजिमेंट गठन पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को दिया जांच का भरोसा

सारांश

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की बस्तर रेजिमेंट की मांग को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गंभीरता से लिया है — जांच का आश्वासन देकर। बस्तर के आदिवासी जवानों की नक्सल विरोधी अभियानों में साबित हो चुकी दक्षता इस प्रस्ताव की असली ताकत है।

मुख्य बातें

छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 26 जून 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट के गठन की माँग की थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाबी पत्र में कहा कि मामले की जांच करवाई जा रही है ।
बस्तर संभाग के आदिवासी जवान नक्सल विरोधी अभियानों में गुरिल्ला युद्ध में दक्ष माने जाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे सकारात्मक पहल बताते हुए स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार की संभावना जताई।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने दोनों पत्रों को एक्स पर साझा किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट की स्थापना के प्रस्ताव पर सकारात्मक संकेत देते हुए छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को पत्र भेजा है, जिसमें कहा गया है कि इस मामले की जांच करवाई जा रही है। यह पत्र उस मांग के जवाब में आया है जो शर्मा ने 26 जून 2026 को रक्षा मंत्री को लिखे पत्र के ज़रिए उठाई थी।

मांग की पृष्ठभूमि

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने पत्र में तर्क दिया था कि छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के आदिवासी जवान वर्षों से नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण वीरता का प्रदर्शन करते आए हैं। उन्होंने लिखा था, 'ये दुर्गम क्षेत्रों की विषम परिस्थितियों में भी गुरिल्ला युद्ध में अभ्यस्त हैं।' शर्मा ने बस्तर रेजिमेंट को राष्ट्रीय सुरक्षा, क्षेत्रीय विकास और सामाजिक स्थिरता में योगदान देने वाली एक रणनीतिक पहल बताया था।

रक्षा मंत्री का जवाब

राजनाथ सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया, 'आपका दिनांक 26 जून, 2026 का पत्र प्राप्त हुआ जो भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट की स्थापना किये जाने के संबंध में है। उपर्युक्त मामले की जांच करवाई जा रही है।' यह औपचारिक स्वीकृति संकेत देती है कि केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लिया है।

राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने दोनों पत्रों को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा किया और बस्तर रेजिमेंट की स्थापना की उम्मीद जताई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे एक सकारात्मक पहल बताते हुए कहा कि इससे बस्तर के स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार की नई संभावनाएँ खुलेंगी।

बस्तर रेजिमेंट का महत्व

उल्लेखनीय है कि भारतीय सेना में रेजिमेंट एक संगठित सैन्य इकाई होती है जिसकी अपनी विशिष्ट पहचान, परंपराएँ, इतिहास, प्रशिक्षण प्रणाली और प्रशासनिक ढाँचा होता है। बस्तर जैसे संवेदनशील और वनाच्छादित क्षेत्र के जवानों की गुरिल्ला युद्ध में दक्षता को देखते हुए, एक समर्पित रेजिमेंट का गठन रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आगे की राह

रक्षा मंत्रालय की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बस्तर रेजिमेंट को औपचारिक मंजूरी मिलती है या नहीं। राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह पहल बस्तर के युवाओं को सेना में सेवा का एक सुव्यवस्थित मार्ग प्रदान करेगी और क्षेत्र में अनुशासन, गौरव व आर्थिक प्रगति को बल देगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

न अस्वीकृति। भारतीय सेना में नई रेजिमेंट का गठन एक दीर्घकालिक और जटिल प्रक्रिया है जिसमें रक्षा मंत्रालय, सेना मुख्यालय और कैबिनेट की सहमति ज़रूरी होती है। बस्तर के आदिवासी जवानों की नक्सल विरोधी अभियानों में सिद्ध दक्षता इस प्रस्ताव को वैधता देती है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह राजनीतिक आकांक्षा एक ठोस सैन्य ज़रूरत में तब्दील हो पाएगी। छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के लिए यह बस्तर की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का भी अवसर है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बस्तर रेजिमेंट क्या है और इसकी माँग क्यों उठी?
बस्तर रेजिमेंट भारतीय सेना में एक प्रस्तावित सैन्य इकाई है जो छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के आदिवासी जवानों पर आधारित होगी। यह माँग इसलिए उठी क्योंकि बस्तर के जवान वर्षों से नक्सल विरोधी अभियानों में गुरिल्ला युद्ध में अपनी दक्षता साबित कर चुके हैं।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बस्तर रेजिमेंट के प्रस्ताव पर क्या कहा?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा को पत्र भेजकर कहा कि 26 जून 2026 का पत्र प्राप्त हुआ है और इस मामले की जांच करवाई जा रही है। यह औपचारिक स्वीकृति है, अंतिम मंजूरी नहीं।
छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रक्षा मंत्री को पत्र कब लिखा था?
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने 26 जून 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर भारतीय सेना में बस्तर रेजिमेंट के गठन की औपचारिक माँग की थी।
बस्तर रेजिमेंट से बस्तर के युवाओं को क्या फायदा होगा?
बस्तर रेजिमेंट के गठन से बस्तर के आदिवासी युवाओं को भारतीय सेना में सेवा का एक सुव्यवस्थित और सम्मानजनक मार्ग मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अनुसार, इससे क्षेत्र में रोज़गार, अनुशासन और आर्थिक प्रगति को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारतीय सेना में नई रेजिमेंट का गठन कैसे होता है?
भारतीय सेना में रेजिमेंट एक संगठित सैन्य इकाई होती है जिसकी अपनी पहचान, परंपराएँ, प्रशिक्षण प्रणाली और प्रशासनिक ढाँचा होता है। नई रेजिमेंट के गठन के लिए रक्षा मंत्रालय की जांच, सेना मुख्यालय की सिफारिश और सरकारी मंजूरी आवश्यक होती है।
राष्ट्र प्रेस
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