4 जुलाई 2026
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बहबल कलां फायरिंग SIT पर रोमाना का वार: 'कांग्रेस-AAP हर चुनाव से पहले उठाती हैं यह मुद्दा'

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बहबल कलां फायरिंग SIT पर रोमाना का वार: 'कांग्रेस-AAP हर चुनाव से पहले उठाती हैं यह मुद्दा'

सारांश

अकाली नेता परमबंस सिंह रोमाना ने बहबल कलां SIT पर कांग्रेस और AAP को घेरा — 10 साल की राजनीति, 11 साल में कई SIT, फिर भी कोई नतीजा नहीं। साथ ही भगवंत मान के कथित वीडियो को 'असली' बताते हुए उन पर सीधा निशाना साधा।

मुख्य बातें

शिरोमणि अकाली दल के नेता परमबंस सिंह रोमाना ने 4 जुलाई को चंडीगढ़ में बहबल कलां SIT पर कांग्रेस और AAP को आड़े हाथों लिया।
रोमाना के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में दोनों दलों ने इस मुद्दे पर केवल राजनीति की, सच सामने लाने की कोशिश नहीं की।
मामले में अब तक 4 चालान पेश हो चुके हैं; आखिरी चालान 2 अप्रैल 2021 को दायर हुआ था।
रोमाना ने कहा कि 11 वर्षों में बनी किसी भी SIT की जाँच में किसी अकाली नेता का नाम नहीं आया।
मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े कथित वीडियो को असली बताते हुए रोमाना ने आरोप लगाया कि फर्जी रिपोर्ट बनाने वालों को गिरफ्तार कर धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए गए।

शिरोमणि अकाली दल के नेता परमबंस सिंह रोमाना ने 4 जुलाई को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बहबल कलां फायरिंग मामले की नई एसआईटी जाँच को लेकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों दल पिछले 10 वर्षों से इस मुद्दे पर केवल राजनीति करते आए हैं और सच सामने लाने की उनकी कोई वास्तविक मंशा कभी नहीं रही।

मुख्य आरोप: राजनीतिक इस्तेमाल का पैटर्न

रोमाना ने कहा कि बेअदबी और बहबल कलां का यह मुद्दा हर चुनाव से ठीक पहले उभारा जाता है और चुनाव समाप्त होते ही ठंडे बस्ते में चला जाता है। उन्होंने 2019 के चुनाव और उससे पूर्व की कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह सिलसिला नया नहीं है।

उन्होंने सवाल उठाया कि बीते 11 वर्षों में कई एसआईटी गठित की गईं, फिर भी कोई ठोस निष्कर्ष सामने क्यों नहीं आया। उनके अनुसार, यदि जाँच वास्तव में निष्पक्ष होती तो AAP नेताओं के नाम सामने आते, इसीलिए सच छिपाया गया।

चालान और जाँच पर सवाल

रोमाना ने बताया कि इस मामले में अब तक चार चालान पेश किए जा चुके हैं, जिनमें से तीन चालान पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप की ओर से पेश किए गए। उन्होंने प्रश्न किया कि इन चारों चालानों में किसी भी अकाली नेता या कार्यकर्ता का नाम क्यों नहीं आया, यदि उनकी कोई संलिप्तता होती।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आखिरी चालान 2 अप्रैल 2021 को पेश हुआ था। उनके शब्दों में, 'साढ़े पाँच वर्ष बीत गए — क्या सरकार सो रही थी? जब चुनाव आता है तो यह मामला उठा लिया जाता है।'

भगवंत मान वीडियो विवाद

रोमाना ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक वीडियो का भी उल्लेख किया, जिसे उन्होंने 'बेअदबी' से जोड़ा। उनके अनुसार, वीडियो की जाँच में वह असली पाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस वीडियो के बचाव में एक फर्जी रिपोर्ट तैयार करने की कोशिश की गई, जिसमें शामिल लोगों को पकड़ लिया गया और धारा 164 के तहत न्यायालय के समक्ष उनके बयान दर्ज कराए गए।

रोमाना ने कहा कि इस विवाद से घिरे भगवंत मान ने ध्यान भटकाने के लिए बहबल कलां SIT का 'नया एंगल' सामने रखा है।

आगे क्या

यह ताज़ा बयानबाज़ी पंजाब में आगामी चुनावी माहौल की पृष्ठभूमि में आई है, जहाँ बेअदबी और बहबल कलां फायरिंग मामला वर्षों से एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। अकाली दल, कांग्रेस और AAP तीनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह तीनों प्रमुख दलों — अकाली दल, कांग्रेस और AAP — की सामूहिक विफलता है। भगवंत मान वीडियो प्रकरण को इस मामले से जोड़ना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, लेकिन इससे बहबल कलां के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मूल जिम्मेदारी से ध्यान हटता है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया वर्षों से अटकी पड़ी है और किसी भी सरकार ने इसे प्राथमिकता नहीं दी।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बहबल कलां फायरिंग मामला क्या है?
बहबल कलां फायरिंग मामला 2015 में पंजाब में हुई उस घटना से जुड़ा है जब गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग में दो व्यक्तियों की मौत हो गई थी। यह मामला तब से पंजाब में एक अत्यंत संवेदनशील राजनीतिक और धार्मिक मुद्दा बना हुआ है।
परमबंस सिंह रोमाना ने कांग्रेस और AAP पर क्या आरोप लगाए?
रोमाना ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और AAP ने पिछले 10 वर्षों में इस मामले पर केवल चुनावी राजनीति की और सच सामने लाने की कोई ईमानदार कोशिश नहीं की। उनके अनुसार, यदि निष्पक्ष जाँच होती तो AAP नेताओं के नाम सामने आते।
बहबल कलां मामले में अब तक कितने चालान पेश हो चुके हैं?
इस मामले में अब तक चार चालान पेश किए जा चुके हैं, जिनमें से तीन पूर्व IPS अधिकारी कुंवर विजय प्रताप की ओर से दायर किए गए। आखिरी चालान 2 अप्रैल 2021 को पेश हुआ था।
भगवंत मान वीडियो विवाद और बहबल कलां मामले का क्या संबंध है?
रोमाना ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े एक कथित वीडियो — जिसे उन्होंने 'बेअदबी' से जोड़ा और जाँच में असली बताया — से ध्यान भटकाने के लिए AAP ने बहबल कलां SIT का नया एंगल सामने रखा है। उन्होंने कहा कि फर्जी रिपोर्ट बनाने वालों को गिरफ्तार कर धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए गए हैं।
क्या बहबल कलां मामले में किसी अकाली नेता का नाम आया है?
रोमाना के अनुसार, चारों चालानों में किसी भी अकाली नेता या कार्यकर्ता का नाम नहीं आया है। उन्होंने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि मामले में अकाली दल की संलिप्तता के आरोप निराधार हैं।
राष्ट्र प्रेस
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