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भागलपुर में ₹98.12 लाख के फर्जी वेतन घोटाले में डीईओ और डीपीओ निलंबित, एफआईआर दर्ज

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भागलपुर में ₹98.12 लाख के फर्जी वेतन घोटाले में डीईओ और डीपीओ निलंबित, एफआईआर दर्ज

सारांश

बिहार के भागलपुर में एचआरएमएस पोर्टल के जरिए फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर ₹98.12 लाख की सरकारी धनराशि की हेराफेरी का पर्दाफाश हुआ। शिक्षा विभाग ने डीईओ और डीपीओ को निलंबित कर दिया — लेकिन असली सवाल यह है कि डिजिटल पारदर्शिता का दावा करने वाले सरकारी पोर्टल में यह सेंध कैसे लगी।

मुख्य बातें

बिहार के भागलपुर जिले में फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर एचआरएमएस पोर्टल से ₹98,12,773 का अवैध वेतन भुगतान किया गया।
जिला शिक्षा पदाधिकारी चंदन कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शशि चंदन चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
जोगसर थाना में कांड संख्या 198/26 के तहत 8 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई।
भागलपुर जिलाधिकारी ने 9 अक्टूबर 2026 को जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपी थी।
दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र और अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अलग से आदेश जारी होगा।

बिहार के भागलपुर जिले में एचआरएमएस पोर्टल के जरिए फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर ₹98,12,773 रुपये के अवैध वेतन भुगतान का गंभीर मामला सामने आने के बाद बिहार के शिक्षा विभाग ने 22 अक्टूबर 2026 को बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दो वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इस मामले में जोगसर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज की जा चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय द्वारा ज्ञापांक संख्या 21 और 22 से जारी आदेश में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) चंदन कुमार तथा जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ), स्थापना शशि चंदन चौधरी को निलंबित किया गया है। दोनों के विरुद्ध अलग से विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।

आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई भागलपुर जिलाधिकारी की 9 अक्टूबर 2026 की जांच रिपोर्ट और 8 अक्टूबर 2026 को जोगसर थाना कांड संख्या 198/26 के अंतर्गत दर्ज प्राथमिकी के आधार पर की गई है।

घोटाले की प्रकृति और जांच निष्कर्ष

जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट में उजागर हुआ कि सुल्तानगंज प्रखंड में एक फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के माध्यम से एचआरएमएस पोर्टल का दुरुपयोग कर कुल ₹98,12,773 का अवैध भुगतान किया गया। गौरतलब है कि एचआरएमएस (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) एक सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म है जिसे वेतन प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए लागू किया गया था — इसी प्रणाली का उपयोग धोखाधड़ी के लिए किए जाने की बात चिंताजनक है।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार सरकार डिजिटल शासन को मजबूत करने पर जोर दे रही है। सरकारी पोर्टल के माध्यम से इस तरह के फर्जीवाड़े ने विभागीय निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

निलंबन के नियामक प्रावधान और शर्तें

डीईओ चंदन कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। उनका निलंबनकालीन मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, पूर्णिया प्रमंडल, पूर्णिया कार्यालय निर्धारित किया गया है।

वहीं, डीपीओ शशि चंदन चौधरी को 9 अक्टूबर 2026 को हिरासत में लिए जाने की तिथि से अगले आदेश तक निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा कार्यालय रहेगा। दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

आगे की कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र जारी करने और विधिवत अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करने के लिए अलग से आदेश निर्गत किया जाएगा। इस प्रकरण ने शिक्षा महकमे में व्यापक हलचल उत्पन्न कर दी है और अन्य जिलों में भी एचआरएमएस भुगतान की समीक्षा की मांग उठने लगी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में शीर्ष से नीचे तक जवाबदेही सुनिश्चित किए बिना केवल निलंबन पर्याप्त नहीं है। आने वाले दिनों में जांच की परिधि कितनी बड़ी होती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी ₹98 लाख का भुगतान वर्षों तक अनदेखा रहा। असली प्रश्न यह है कि आंतरिक ऑडिट तंत्र ने इसे क्यों नहीं पकड़ा और सुल्तानगंज प्रखंड में यह फर्जी नियुक्ति कितने समय तक सक्रिय रही। केवल निलंबन से संतुष्ट होने के बजाय विभाग को व्यापक फोरेंसिक ऑडिट और सिस्टम-स्तरीय सुधार की आवश्यकता है।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भागलपुर फर्जी वेतन भुगतान मामला क्या है?
बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड में एचआरएमएस पोर्टल के जरिए एक फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर कुल ₹98,12,773 का अवैध वेतन भुगतान किए जाने का मामला है। जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट और जोगसर थाने में दर्ज प्राथमिकी के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की।
किन अधिकारियों को निलंबित किया गया और क्यों?
जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) चंदन कुमार और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) स्थापना शशि चंदन चौधरी को निलंबित किया गया है। जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट में उनके कार्यालय के माध्यम से एचआरएमएस पोर्टल के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।
इस मामले में एफआईआर कब और कहाँ दर्ज हुई?
जोगसर थाने में कांड संख्या 198/26 के अंतर्गत 8 अक्टूबर 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके अगले दिन 9 अक्टूबर 2026 को भागलपुर जिलाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपी।
निलंबित अधिकारियों का मुख्यालय अब कहाँ होगा?
डीईओ चंदन कुमार का मुख्यालय निलंबन अवधि में क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, पूर्णिया प्रमंडल, पूर्णिया कार्यालय निर्धारित किया गया है। डीपीओ शशि चंदन चौधरी का मुख्यालय क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा कार्यालय रहेगा।
आगे क्या कार्रवाई होगी?
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र जारी करने और विधिवत अनुशासनिक कार्रवाई के लिए अलग से आदेश निर्गत किया जाएगा। दोनों को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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