30 जून 2026
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पटना में प्रधानाध्यापक ₹50,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार, बिहार निगरानी ब्यूरो की 2026 में 76वीं FIR

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पटना में प्रधानाध्यापक ₹50,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार, बिहार निगरानी ब्यूरो की 2026 में 76वीं FIR

सारांश

पटना के एक सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक ने 152 छात्रों के प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए ₹50,000 माँगे — और निगरानी ब्यूरो ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया। 2026 में यह 76वीं FIR है, जो दर्शाती है कि बिहार में भ्रष्टाचार-रोधी अभियान शिक्षा क्षेत्र तक पहुँच चुका है।

मुख्य बातें

कुणाल प्रियदर्शी , प्रधानाध्यापक, उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय चैनपुर (सम्पतचक), को 30 जून 2026 को ₹50,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
आरोप: वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में उत्तीर्ण 152 छात्रों के अंक प्रमाण-पत्र व सीएलसी जारी करने के लिए प्रति छात्र ₹400 की माँग।
गिरफ्तारी DSP विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में विशेष धावादल ने की; पूरी रिश्वत राशि बरामद।
बिहार निगरानी ब्यूरो की 2026 में यह 76वीं FIR ; 71 ट्रैप कांडों में 70 अभियुक्त गिरफ्तार, ₹27 लाख से अधिक बरामद।
आरोपी को पूछताछ के बाद विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में पेश किया जाएगा।

बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने 30 जून 2026 को पटना जिले के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, चैनपुर (सम्पतचक) के प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी को ₹50,000 की रिश्वत स्वीकार करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक पूर्व नियोजित जाल के तहत की गई, जो शिकायतकर्ता अरुण कुमार सिंह की शिकायत के बाद सक्रिय हुई।

मामले की पृष्ठभूमि

गौरीचक थाना क्षेत्र के गवसपुर निवासी अरुण कुमार सिंह ने निगरानी ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप था कि प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में उत्तीर्ण 152 विद्यार्थियों के अंक प्रमाण-पत्र और विद्यालय परित्याग प्रमाण-पत्र (सीएलसी) जारी करने के बदले प्रति छात्र ₹400 की दर से रिश्वत माँग रहे थे, जिससे कुल माँग ₹50,000 बनती थी।

जाल और गिरफ्तारी

शिकायत मिलने के बाद ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया और आरोप सही पाए जाने पर निगरानी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक विन्ध्याचल प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष धावादल गठित किया गया। पूर्व निर्धारित योजना के तहत टीम ने विद्यालय स्थित प्रधानाध्यापक के कार्यालय में जाल बिछाया। जैसे ही कुणाल प्रियदर्शी ने परिवादी से ₹50,000 रिश्वत के रूप में स्वीकार किए, उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। रिश्वत की पूरी राशि भी मौके पर बरामद कर ली गई।

पूछताछ और आगे की कार्रवाई

गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। ब्यूरो के अनुसार, पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में पेश किया जाएगा। मामले में अनुसंधानात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

2026 में भ्रष्टाचार-रोधी अभियान के आँकड़े

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में यह 76वीं प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें 71 ट्रैप कांड शामिल हैं, जिनमें अब तक 70 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है और ₹27 लाख से अधिक की रिश्वत राशि बरामद की गई है। तुलनात्मक रूप से, वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज हुए थे, जिनमें ₹37,80,300 की रिश्वत बरामद हुई थी।

ब्यूरो का संदेश

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि राज्य में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान इसी सख्ती के साथ आगे भी जारी रहेगा। यह गिरफ्तारी इस बात का संकेत है कि शिक्षा क्षेत्र में भी भ्रष्टाचार पर ब्यूरो की पैनी नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ दोषसिद्धि में बदल रही हैं। 2025 की तुलना में बरामद राशि कम है जबकि मामले अधिक — यह संकेत देता है कि छोटे-स्तर का भ्रष्टाचार अधिक व्यापक है और इसे जड़ से मिटाने के लिए केवल ट्रैप से आगे की रणनीति जरूरी है।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पटना में किस प्रधानाध्यापक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया?
उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, चैनपुर (सम्पतचक), पटना के प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी को 30 जून 2026 को बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने ₹50,000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
प्रधानाध्यापक ने किस काम के लिए रिश्वत माँगी थी?
वार्षिक माध्यमिक परीक्षा 2026 में उत्तीर्ण 152 विद्यार्थियों के अंक प्रमाण-पत्र और विद्यालय परित्याग प्रमाण-पत्र (सीएलसी) जारी करने के बदले प्रति छात्र ₹400 की दर से, कुल ₹50,000 की रिश्वत माँगी गई थी।
गिरफ्तारी के बाद आगे क्या होगा?
गिरफ्तार प्रधानाध्यापक कुणाल प्रियदर्शी से पूछताछ जारी है। पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें विशेष न्यायालय, निगरानी, पटना में पेश किया जाएगा और अनुसंधानात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
बिहार निगरानी ब्यूरो ने 2026 में अब तक कितने भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए हैं?
निगरानी ब्यूरो के आँकड़ों के अनुसार, 2026 में यह 76वीं FIR है। इनमें 71 ट्रैप कांड शामिल हैं, जिनमें 70 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया और ₹27 लाख से अधिक की रिश्वत बरामद की गई।
2025 की तुलना में 2026 में निगरानी ब्यूरो का प्रदर्शन कैसा रहा है?
वर्ष 2025 में कुल 101 ट्रैप कांड दर्ज हुए थे और ₹37,80,300 की रिश्वत बरामद हुई थी। 2026 में अभी तक 71 ट्रैप कांड दर्ज हो चुके हैं और ₹27 लाख से अधिक बरामद किए जा चुके हैं, जबकि वर्ष अभी पूरा नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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