समस्तीपुर में मुखिया ₹1.20 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
सारांश
मुख्य बातें
बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक विशेष टीम ने बुधवार, 10 जून 2026 को समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र की राज चकबहाउद्दीन ग्राम पंचायत के मुखिया सियाराम राय को ₹1.20 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी गुदरीपुल के निकट अब्दुल मन्नान की श्रृंगार दुकान से की गई।
मामले की पृष्ठभूमि
चकबहाउद्दीन पंचायत के वार्ड संख्या-2 निवासी अब्दुल मन्नान पहले सुजौली स्थित प्राथमिक विद्यालय मोहना वार्ड में पंचायत शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। कुछ वर्ष पूर्व एक मामले में उनका निलंबन हो गया था। जब उन्होंने पुनः शिक्षक पद पर योगदान के लिए प्रक्रिया शुरू की, तो मुखिया सियाराम राय ने कथित तौर पर निलंबन से मुक्ति दिलाने के एवज में रिश्वत की माँग की।
शिकायत और सत्यापन
अब्दुल मन्नान ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया और जाँच में आरोपी द्वारा रिश्वत माँगने का प्रमाण मिला। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस उपाधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में एक विशेष धावादल गठित किया गया।
गिरफ्तारी की कार्रवाई
धावादल ने बुधवार को सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और मुखिया सियाराम राय को ₹1.20 लाख रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। निगरानी ब्यूरो के अनुसार, पूछताछ के बाद आरोपी को निगरानी की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।
गयाजी में भी कार्रवाई
उसी दिन निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक अन्य टीम ने गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में पनारी ग्राम पंचायत के चौकीदार मनीष कुमार को ₹9,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि चौकीदार ने एक मामले में नाम हटाने के बदले यह रकम माँगी थी।
स्थानीय असर और आगे की राह
मुखिया की गिरफ्तारी के बाद दलसिंहसराय क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो हाल के महीनों में राज्य भर में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान तेज कर रही है — एक ही दिन में दो अलग-अलग जिलों में की गई यह कार्रवाई उसी अभियान की कड़ी है।