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समस्तीपुर में मुखिया ₹1.20 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई

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समस्तीपुर में मुखिया ₹1.20 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई

सारांश

बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने एक ही दिन दो जिलों में भ्रष्टाचार की बड़ी कार्रवाई की — समस्तीपुर में पंचायत मुखिया सियाराम राय ₹1.20 लाख रिश्वत लेते पकड़े गए, जबकि गया में चौकीदार मनीष कुमार ₹9,000 में गिरफ्तार हुए। दोनों को विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

मुख्य बातें

समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय में राज चकबहाउद्दीन ग्राम पंचायत के मुखिया सियाराम राय को ₹1.20 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया।
शिकायतकर्ता अब्दुल मन्नान पंचायत शिक्षक हैं, जिन पर निलंबन लागू था; मुखिया ने निलंबन हटाने के बदले रिश्वत माँगी थी।
कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में विशेष धावादल ने की।
गया जिले के बेलागंज में पनारी ग्राम पंचायत के चौकीदार मनीष कुमार को भी ₹9,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया।
दोनों आरोपियों को पूछताछ के बाद निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।

बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक विशेष टीम ने बुधवार, 10 जून 2026 को समस्तीपुर जिले के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र की राज चकबहाउद्दीन ग्राम पंचायत के मुखिया सियाराम राय को ₹1.20 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी गुदरीपुल के निकट अब्दुल मन्नान की श्रृंगार दुकान से की गई।

मामले की पृष्ठभूमि

चकबहाउद्दीन पंचायत के वार्ड संख्या-2 निवासी अब्दुल मन्नान पहले सुजौली स्थित प्राथमिक विद्यालय मोहना वार्ड में पंचायत शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। कुछ वर्ष पूर्व एक मामले में उनका निलंबन हो गया था। जब उन्होंने पुनः शिक्षक पद पर योगदान के लिए प्रक्रिया शुरू की, तो मुखिया सियाराम राय ने कथित तौर पर निलंबन से मुक्ति दिलाने के एवज में रिश्वत की माँग की।

शिकायत और सत्यापन

अब्दुल मन्नान ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो कार्यालय में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। ब्यूरो ने शिकायत का सत्यापन कराया और जाँच में आरोपी द्वारा रिश्वत माँगने का प्रमाण मिला। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस उपाधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में एक विशेष धावादल गठित किया गया।

गिरफ्तारी की कार्रवाई

धावादल ने बुधवार को सुनियोजित तरीके से जाल बिछाया और मुखिया सियाराम राय को ₹1.20 लाख रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए रंगेहाथ दबोच लिया। निगरानी ब्यूरो के अनुसार, पूछताछ के बाद आरोपी को निगरानी की विशेष अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।

गयाजी में भी कार्रवाई

उसी दिन निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की एक अन्य टीम ने गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में पनारी ग्राम पंचायत के चौकीदार मनीष कुमार को ₹9,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि चौकीदार ने एक मामले में नाम हटाने के बदले यह रकम माँगी थी।

स्थानीय असर और आगे की राह

मुखिया की गिरफ्तारी के बाद दलसिंहसराय क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाएँ तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो हाल के महीनों में राज्य भर में भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान तेज कर रही है — एक ही दिन में दो अलग-अलग जिलों में की गई यह कार्रवाई उसी अभियान की कड़ी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि निलंबित कर्मचारियों की बहाली जैसी बुनियादी प्रक्रियाएँ बिचौलियों पर निर्भर क्यों हैं। जब तक पंचायत स्तर की प्रशासनिक प्रक्रियाएँ पारदर्शी और डिजिटल नहीं होतीं, ऐसी गिरफ्तारियाँ लक्षण का इलाज करती रहेंगी, बीमारी का नहीं।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

समस्तीपुर में किस मुखिया को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया?
राज चकबहाउद्दीन ग्राम पंचायत के मुखिया सियाराम राय को 10 जून 2026 को ₹1.20 लाख रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी दलसिंहसराय थाना क्षेत्र में गुदरीपुल के पास हुई।
मुखिया सियाराम राय पर रिश्वत का आरोप क्यों लगा?
पंचायत शिक्षक अब्दुल मन्नान को कुछ वर्ष पहले निलंबित किया गया था। जब उन्होंने पुनः पद पर योगदान की प्रक्रिया शुरू की, तो मुखिया ने कथित तौर पर निलंबन हटाने के एवज में रिश्वत की माँग की।
बिहार निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने यह कार्रवाई कैसे की?
अब्दुल मन्नान की शिकायत पर ब्यूरो ने सत्यापन किया और रिश्वत माँगने का प्रमाण पाया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक अमरेन्द्र प्रसाद विद्यार्थी के नेतृत्व में विशेष धावादल गठित कर मुखिया को रंगेहाथ दबोचा गया।
गया में भी किसे गिरफ्तार किया गया?
गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में पनारी ग्राम पंचायत के चौकीदार मनीष कुमार को ₹9,000 रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। आरोप है कि उन्होंने एक मामले में नाम हटाने के बदले यह रकम माँगी थी।
गिरफ्तार आरोपियों के साथ आगे क्या होगा?
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अदालत के निर्देशानुसार होगी।
राष्ट्र प्रेस
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