भगवंत मान राष्ट्रपति मुर्मु से मिलेंगे, 'आप' के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में 'अवैध दलबदल' का उठाएंगे मुद्दा
सारांश
AAP के सात राज्यसभा सांसदों का अप्रैल 2025 में BJP में जाना पार्टी के लिए भारी झटका साबित हुआ — उच्च सदन में AAP की संख्या 10 से घटकर सिर्फ 3 रह गई। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान इसे 'अवैध और गैरकानूनी दलबदल' करार देते हुए सीधे राष्ट्रपति तक पहुँच रहे हैं।
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे।
AAP के 7 राज्यसभा सांसद — राघव चड्डा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता — अप्रैल में BJP में शामिल हुए।
इस दलबदल के बाद उच्च सदन में AAP की सदस्य संख्या 10 से घटकर 3 रह गई।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान मंगलवार, 6 मई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में मुलाकात करेंगे। इस बैठक में वे आम आदमी पार्टी (AAP) के सात राज्यसभा सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने को लेकर
संपादकीय दृष्टिकोण
बल्कि उच्च सदन में पार्टी के अस्तित्व पर सीधा प्रहार है — संख्या 10 से 3 तक गिरना इसे रेखांकित करता है। भगवंत मान का राष्ट्रपति तक पहुँचना एक प्रतीकात्मक दबाव की रणनीति है, क्योंकि दल-बदल विरोधी कानून राज्यसभा सांसदों पर उसी तरह लागू नहीं होता जैसा लोकसभा में होता है। असली सवाल यह है कि क्या यह कदम कानूनी राहत दिला सकता है, या यह केवल जनमत निर्माण का औजार है। AAP के लिए यह संकट 2026 के विभिन्न राज्य चुनावों से पहले पार्टी की राष्ट्रीय साख के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है।
RashtraPress
14 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवंत मान राष्ट्रपति मुर्मु से क्यों मिल रहे हैं?
मुख्यमंत्री भगवंत मान AAP के सात राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने को 'अवैध और गैरकानूनी दलबदल' बताते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सामने यह मुद्दा उठाने जा रहे हैं। उन्हें राष्ट्रपति भवन से इस बैठक की पुष्टि मिल चुकी है।
AAP के कौन से सात सांसद BJP में शामिल हुए?
अप्रैल 2025 में AAP छोड़कर BJP में शामिल होने वाले सात राज्यसभा सांसद हैं — राघव चड्डा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता। इस दलबदल से उच्च सदन में AAP की सदस्य संख्या 10 से घटकर मात्र 3 रह गई।
इस दलबदल का AAP पर क्या असर पड़ा?
इस दलबदल से राज्यसभा में AAP की ताकत बुरी तरह कमजोर हो गई — पार्टी की सदस्य संख्या 10 से घटकर सिर्फ 3 रह गई। भगवंत मान ने इसे पंजाब और पंजाबियों के साथ 'गद्दारी' करार दिया है।
क्या दल-बदल विरोधी कानून राज्यसभा सांसदों पर लागू होता है?
भारत का दल-बदल विरोधी कानून (दसवीं अनुसूची) राज्यसभा सांसदों पर भी लागू होता है, लेकिन इसकी व्याख्या और प्रवर्तन जटिल है। AAP का आरोप है कि यह दलबदल 'अवैध और गैरकानूनी' है, हालाँकि अंतिम निर्णय संसद के सभापति या न्यायालय का होगा।
पंजाब सरकार की स्थिरता पर इसका क्या असर है?
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया है कि पंजाब सरकार को 'सदन के अंदर और बाहर दोनों जगह पूर्ण विश्वास प्राप्त है।' उन्होंने बजट और सभी विधेयकों के सुचारू पारित होने का हवाला देते हुए फ्लोर टेस्ट की किसी भी माँग को अनावश्यक बताया।