11 अगस्त 2026
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भगवंत मान ने राष्ट्रपति मुर्मु से की मुलाकात, 'आप' ने दलबदल पर मांगा हस्तक्षेप

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भगवंत मान ने राष्ट्रपति मुर्मु से की मुलाकात, 'आप' ने दलबदल पर मांगा हस्तक्षेप

सारांश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान 5 मई को दिल्ली पहुँचे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिले — मुद्दा था AAP के राज्यसभा सदस्यों का दलबदल। 95 विधायकों के समर्थन का दावा करते हुए पार्टी ने यह संदेश दिया कि जनादेश के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।

मुख्य बातें

भगवंत मान ने 5 मई 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर AAP के राज्यसभा सदस्यों के दलबदल पर हस्तक्षेप की माँग की।
राष्ट्रपति भवन ने मुलाकात की अनुमति केवल मुख्यमंत्री को दी; अन्य मंत्री और विधायक बाहर रहे।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब विधानसभा में AAP के पास 95 विधायकों का समर्थन है।
मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने राज्यसभा सदस्यों के दलबदल को जनता के विश्वास के साथ धोखा बताया।
मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि वे पंजाब के तीन करोड़ लोगों की भावनाओं को लेकर दिल्ली आए हैं।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 5 मई 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और राज्यसभा सदस्यों द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर अन्य दलों में शामिल होने के मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की। मान के साथ पंजाब के कई मंत्री और विधायक भी दिल्ली पहुँचे, हालाँकि राष्ट्रपति भवन ने मुलाकात की अनुमति केवल मुख्यमंत्री को दी।

मुलाकात की पृष्ठभूमि

AAP ने आरोप लगाया है कि पार्टी द्वारा चुने गए कुछ राज्यसभा सदस्य बाद में पार्टी छोड़कर अन्य दलों में शामिल हो गए, जो जनता के जनादेश के साथ विश्वासघात है। पार्टी का कहना है कि यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि नैतिकता और जनादेश के सम्मान से जुड़ा है। इसी मुद्दे पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह प्रतिनिधिमंडल दिल्ली पहुँचा।

मंत्रियों के बयान

पंजाब के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वे मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक गंभीर मुद्दा राष्ट्रपति के समक्ष रखने आए हैं। उन्होंने कहा कि जो राज्यसभा सदस्य पार्टी के टिकट पर चुने गए, उनका दूसरे दलों में जाना जनता के विश्वास के साथ धोखा है।

मंत्री बलबीर सिंह ने कहा कि यदि राष्ट्रपति दलबदल करने वाले नेताओं से मिल सकती हैं, तो उन्हें AAP के प्रतिनिधियों से भी मिलना चाहिए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि पंजाब विधानसभा में पार्टी के पास 95 विधायकों का समर्थन है और उसी जनादेश के आधार पर वे राष्ट्रपति के सामने अपनी चिंताएँ रख रहे हैं।

भाजपा पर आरोप

वित्त मंत्री चीमा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन राज्यों में अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता में आने की कोशिश करती है, जहाँ जनता ने उसे नकार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि वह दिन दूर नहीं जब पंजाब की सड़कों पर BJP को लोगों का विरोध देखने को मिलेगा।

अनुमति का मुद्दा

मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि सभी विधायकों के लिए राष्ट्रपति से मिलने का समय माँगा गया था, लेकिन राष्ट्रपति भवन की ओर से केवल मुख्यमंत्री को अनुमति दी गई। उन्होंने कहा कि वे अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान की सोच के साथ खड़े हैं और पंजाब के तीन करोड़ लोगों की भावनाओं को व्यक्त करने दिल्ली आए हैं।

पार्टी की एकजुटता

मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि भले ही सभी को मिलने की अनुमति नहीं मिली, लेकिन पार्टी पूरी तरह एकजुट है। सभी विधायक और मंत्री सरकार और मुख्यमंत्री के साथ मजबूती से खड़े हैं। यह घटनाक्रम पंजाब की राजनीति में AAP और विपक्ष के बीच बढ़ते टकराव का संकेत देता है, और आने वाले दिनों में दलबदल विरोधी कार्रवाई की माँग और तेज हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उतना ही सच है कि राष्ट्रपति के पास राज्यसभा दलबदल मामलों में सीमित संवैधानिक हस्तक्षेप की गुंजाइश होती है — यह अधिकार मुख्यतः सभापति के पास है। 95 विधायकों की एकजुटता का दावा पार्टी की आंतरिक मजबूती दर्शाता है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह दबाव कोई ठोस संवैधानिक परिणाम दे सकता है या केवल राजनीतिक संदेश है। BJP पर लगाए गए अप्रत्यक्ष सत्ता हथियाने के आरोप गंभीर हैं, पर उनके साथ ठोस साक्ष्य सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत नहीं किए गए।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान ने राष्ट्रपति से किस मुद्दे पर मुलाकात की?
भगवंत मान ने 5 मई 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से AAP के राज्यसभा सदस्यों के दलबदल के मुद्दे पर मुलाकात की और राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की माँग की। पार्टी का आरोप है कि उसके टिकट पर चुने गए सदस्य बाद में अन्य दलों में शामिल हो गए।
राष्ट्रपति भवन ने AAP के अन्य विधायकों को मिलने की अनुमति क्यों नहीं दी?
मंत्री अमन अरोड़ा के अनुसार, सभी विधायकों के लिए समय माँगा गया था, लेकिन राष्ट्रपति भवन की ओर से केवल मुख्यमंत्री भगवंत मान को ही मुलाकात की अनुमति दी गई। अन्य मंत्री और विधायक बाहर प्रतीक्षा करते रहे।
पंजाब विधानसभा में AAP के कितने विधायक हैं?
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अनुसार, पंजाब विधानसभा में AAP के पास 95 विधायकों का समर्थन है। इसी जनादेश के आधार पर पार्टी ने राष्ट्रपति के समक्ष अपनी चिंताएँ रखी हैं।
AAP ने BJP पर क्या आरोप लगाए?
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि BJP उन राज्यों में अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता में आने की कोशिश करती है जहाँ जनता ने उसे नकार दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि पंजाब में भी BJP को जनता के विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
दलबदल के इस मामले में राष्ट्रपति क्या कर सकती हैं?
संविधान के अनुसार राज्यसभा दलबदल मामलों में निर्णय का अधिकार मुख्यतः राज्यसभा के सभापति के पास होता है। राष्ट्रपति से मुलाकात AAP की ओर से एक राजनीतिक और नैतिक दबाव बनाने की कोशिश मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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