भगवंत मान के नेतृत्व में AAP के 95 विधायक राष्ट्रपति मुर्मु से मिलेंगे, राज्यसभा सांसदों के 'विश्वासघात' पर करेंगे शिकायत
सारांश
पंजाब में AAP सरकार ने राष्ट्रपति भवन का दरवाज़ा खटखटाया — 95 विधायकों की फौज के साथ। मुद्दा है उन सात राज्यसभा सांसदों का जिन्होंने कथित तौर पर पार्टी से नाता तोड़ लिया, लेकिन सीट नहीं छोड़ी। भगवंत मान की यह चाल राजनीतिक दबाव की रणनीति है या संवैधानिक समाधान की तलाश — यह सवाल अभी खुला है।
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में AAP के 95 विधायक 5 मई 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिले।
मुलाकात का मुख्य उद्देश्य पार्टी छोड़ चुके 7 राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने की माँग करना है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 'रिकॉल' की अवधारणा लागू करने का अनुरोध किया।
AAP नेताओं ने BJP पर लोकतंत्र और संविधान पर हमले का आरोप लगाया।
संवैधानिक विशेषज्ञों के अनुसार राज्यसभा सदस्यता रद्द करने का अधिकार राज्यसभा सभापति के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आम आदमी पार्टी (AAP) के 95 विधायकों के साथ 5 मई 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करने पहुँचे। यह मुलाकात उन सात राज्यसभा सांसदों के मुद्दे पर केंद्रित है जिन्होंने कथित तौर पर पार्टी छोड़ दी है और जिन्हें AAP नेताओं के अनुसार अपनी सदस्यता बनाए रखने का कोई संवैधानिक अधिकार नहीं है। पंजाब सरकार के कई मंत्रियों ने रवाना होने से पहले इस मुलाकात के उद्देश्य की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान का बयान
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन संवैधानिक दृष्टि से इसकी सीमाएँ स्पष्ट हैं — राज्यसभा सदस्यता रद्द करने का अधिकार सभापति के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। ऐसे में यह मुलाकात कानूनी समाधान कम और राजनीतिक संदेश अधिक लगती है। पंजाब में AAP की स्थिति पहले से दबाव में है और सात सांसदों का पार्टी छोड़ना एक गंभीर आंतरिक दरार को उजागर करता है। 95 विधायकों की एकजुटता का प्रदर्शन इस दरार को ढकने की कोशिश भी हो सकती है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भगवंत मान राष्ट्रपति से क्यों मिले?
मुख्यमंत्री भगवंत मान AAP के 95 विधायकों के साथ 5 मई 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से इसलिए मिले क्योंकि पार्टी छोड़ चुके सात राज्यसभा सांसदों की सदस्यता रद्द करने की माँग करनी थी। AAP का तर्क है कि ये सांसद पार्टी के टिकट पर चुने गए थे, इसलिए पार्टी छोड़ने के बाद उनका पद पर बने रहना अनुचित है।
AAP के कितने विधायक राष्ट्रपति से मिले?
AAP के कुल 95 विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 5 मई 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलने नई दिल्ली पहुँचे।
रिकॉल का कॉन्सेप्ट क्या है जिसका हरपाल चीमा ने उल्लेख किया?
'रिकॉल' का अर्थ है किसी निर्वाचित प्रतिनिधि को उसके कार्यकाल के बीच में वापस बुलाने की प्रक्रिया। भारत के संविधान में अभी यह व्यवस्था राज्यसभा सांसदों के लिए लागू नहीं है, इसलिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा की यह माँग संवैधानिक रूप से जटिल है।
पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसदों की सदस्यता कौन रद्द कर सकता है?
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता रद्द करने का अधिकार राज्यसभा के सभापति के पास है, राष्ट्रपति के पास नहीं। AAP की राष्ट्रपति से मुलाकात इस प्रक्रिया में सीधे तौर पर प्रभावी नहीं होगी।
AAP के किन सांसदों ने पार्टी छोड़ी?
समाचार के अनुसार सात राज्यसभा सांसदों ने कथित तौर पर AAP छोड़ी है। इनके नाम स्रोत में स्पष्ट नहीं किए गए हैं, लेकिन AAP नेताओं ने इन्हें 'पार्टी की पीठ में छुरा घोंपने वाले' बताया है।