सुनील जाखड़ का भगवंत मान पर तंज: 'विधानसभा की गरिमा नहीं रखी, राष्ट्रपति भवन में संभलकर रहें'

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सुनील जाखड़ का भगवंत मान पर तंज: 'विधानसभा की गरिमा नहीं रखी, राष्ट्रपति भवन में संभलकर रहें'

सारांश

पंजाब में सियासी तापमान चरम पर है — एक तरफ BJP के सुनील जाखड़ का भगवंत मान पर विधानसभा गरिमा को लेकर तंज, दूसरी तरफ AAP के सात राज्यसभा सांसदों का BJP में जाना और मान का राष्ट्रपति भवन दरवाज़ा खटखटाना। यह लड़ाई अब संसदीय नैतिकता और दलबदल की सीमाओं तक पहुँच गई है।

मुख्य बातें

BJP पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 5 मई को 'एक्स' पर पोस्ट कर मुख्यमंत्री भगवंत मान पर विधानसभा की गरिमा न रखने का आरोप लगाया।
1 मई को शिरोमणि अकाली दल ने वीडियो जारी कर दावा किया कि मान कथित तौर पर नशे की हालत में विधानसभा सत्र में पहुंचे थे।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा और पूर्व AAP नेता सुखपाल खैरा ने भी आरोपों की पुष्टि की और डोप टेस्ट की मांग की।
मुख्यमंत्री मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलकर AAP के 7 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने को 'अवैध दलबदल' बताने वाला मुद्दा उठाएंगे।
अप्रैल में राघव चड्ढा, संदीप पाठक, हरभजन सिंह समेत सात सांसदों के BJP में जाने से राज्यसभा में AAP की सीटें 10 से घटकर 3 रह गई हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मंगलवार, 5 मई को मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि जो व्यक्ति पंजाब विधानसभा की गरिमा बनाए नहीं रख सका, वह राष्ट्रपति भवन में जाते समय कम से कम राष्ट्रपति पद की मर्यादा का सम्मान करे। जाखड़ ने यह टिप्पणी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर की, जो पंजाब में चल रहे सियासी घमासान की ताज़ा कड़ी है।

जाखड़ का तंज और उसकी पृष्ठभूमि

जाखड़ की यह टिप्पणी उस विवाद की पृष्ठभूमि में आई है जो 1 मई को शिरोमणि अकाली दल द्वारा साझा किए गए एक वीडियो के बाद भड़का था। अकाली दल ने मजदूर दिवस के अवसर पर वह वीडियो सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान विधानसभा सत्र में कथित तौर पर नशे की हालत में पहुंचे थे। पार्टी ने इसे सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए कड़ी आलोचना की और अपने पोस्ट में लिखा कि यह बेहद शर्मनाक है।

अकाली दल ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

AAP के सात सांसदों का एक साथ दलबदल भारतीय राजनीति में दसवीं अनुसूची की प्रासंगिकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है — क्योंकि दो-तिहाई बहुमत की शर्त पूरी होने पर यह 'विलय' माना जा सकता है, 'दलबदल' नहीं। मान की राष्ट्रपति भवन यात्रा कानूनी से ज़्यादा प्रतीकात्मक लड़ाई है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुनील जाखड़ ने भगवंत मान पर क्या आरोप लगाए?
BJP पंजाब अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने 5 मई को 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा कि भगवंत मान पंजाब विधानसभा की गरिमा बनाए रखने में विफल रहे हैं और उन्हें राष्ट्रपति भवन जाते समय राष्ट्रपति पद की मर्यादा का सम्मान करना चाहिए। यह टिप्पणी अकाली दल के उस वीडियो विवाद के बाद आई जिसमें मान पर कथित तौर पर नशे की हालत में विधानसभा आने का आरोप लगाया गया था।
शिरोमणि अकाली दल ने भगवंत मान पर क्या आरोप लगाए थे?
1 मई को मजदूर दिवस के अवसर पर अकाली दल ने एक वीडियो साझा कर दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान कथित तौर पर नशे की हालत में विधानसभा सत्र में पहुंचे थे। पार्टी ने इसे सदन की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए डोप टेस्ट की मांग की।
भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से क्यों मिलने जा रहे हैं?
मुख्यमंत्री भगवंत मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिलकर AAP के सात राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने का मुद्दा उठाएंगे, जिसे उन्होंने 'अवैध और गैरकानूनी दलबदल' करार दिया है। उनका कहना है कि इन सांसदों ने जनादेश का अपमान किया है और पंजाब के साथ विश्वासघात किया है।
AAP के कौन से सात राज्यसभा सांसद BJP में शामिल हुए?
अप्रैल में राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, विक्रम साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता आम आदमी पार्टी छोड़कर BJP में शामिल हो गए। इससे राज्यसभा में AAP की सदस्य संख्या 10 से घटकर मात्र 3 रह गई है।
डोप टेस्ट की मांग किसने और क्यों की?
शिरोमणि अकाली दल के साथ-साथ नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी डोप टेस्ट की मांग की। बाजवा ने कहा कि पूर्व AAP नेता सुखपाल खैरा ने भी यही आरोप लगाया था और यदि यह सच है तो यह विधानसभा के नियमों और विशेषाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है।
राष्ट्र प्रेस
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