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भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित, 1.03 इंच हलचल डिज़ाइन के दायरे में: पंजाब मंत्री

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भाखड़ा बांध पूरी तरह सुरक्षित, 1.03 इंच हलचल डिज़ाइन के दायरे में: पंजाब मंत्री

सारांश

भाखड़ा बांध झुका नहीं — यह उसका डिज़ाइन है। पंजाब के जल मंत्री गोयल ने विधानसभा में डेटा के साथ स्पष्ट किया कि 1.03 इंच की हलचल 1995 से 15 बार दर्ज हो चुकी है और हर बार बांध सामान्य स्थिति में लौटा। असली सवाल 26% गाद जमाव और डीसिल्टिंग की जिम्मेदारी का है।

मुख्य बातें

पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने 6 अगस्त 2026 को पंजाब विधानसभा में भाखड़ा बांध को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया।
हाल में दर्ज 1.03 इंच की हलचल बांध के इंजीनियरिंग डिज़ाइन मानकों के भीतर है; 1995 से 2025 के बीच ऐसी हलचल 15 बार दर्ज हुई।
अमेरिका और कनाडा की विशेषज्ञ टीमों ने बांध के मजबूत डिज़ाइन को मान्यता दी है।
जमा गाद बांध की दीवार से 12 किलोमीटर अपस्ट्रीम है; लगभग 26% गाद जमाव से भंडारण क्षमता घटी है, सुरक्षा प्रभावित नहीं।
पंजाब सरकार ने बीबीएमबी और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर शीघ्र डीसिल्टिंग का आग्रह किया है।

पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने गुरुवार, 6 अगस्त 2026 को पंजाब विधानसभा में 'जीरो आवर' के दौरान भाखड़ा बांध की संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर फैल रही अफवाहों को पूरी तरह खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है और जनता को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। मीडिया की उन रिपोर्टों को भ्रामक बताया गया जिनमें दावा किया गया था कि बांध 'झुक गया है'।

हलचल इंजीनियरिंग डिज़ाइन का हिस्सा

मंत्री गोयल ने सदन को समझाया कि भाखड़ा बांध को इस प्रकार अभिकल्पित (डिज़ाइन) किया गया है कि जलाशय में जल-स्तर बढ़ने पर उसमें थोड़ी हलचल स्वाभाविक रूप से होती है और दबाव घटने पर वह अपनी मूल स्थिति में लौट आता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में दर्ज की गई 1.03 इंच की हलचल बांध के इंजीनियरिंग मानकों के निर्धारित दायरे के भीतर है। 1995 से 2025 के बीच इस प्रकार की हलचल 15 बार दर्ज की जा चुकी है और हर बार बांध बिना किसी सुरक्षा चिंता के सामान्य स्थिति में वापस आया।

वैश्विक विशेषज्ञों की मान्यता

गोयल ने सदन को बताया कि भाखड़ा बांध दुनिया के श्रेष्ठ इंजीनियरिंग अजूबों में से एक है। अमेरिका और कनाडा की विशेषज्ञ टीमों ने इसके सुदृढ़ डिज़ाइन और इंजीनियरिंग मानकों को मान्यता दी है। उन्होंने कहा कि 2025 में देखी गई हालिया हलचल भी बांध के सामान्य संरचनात्मक व्यवहार का हिस्सा थी और इससे किसी भी प्रकार की संरचनात्मक कमज़ोरी या खतरे का संकेत नहीं मिलता।

गाद जमाव: क्षमता पर असर, सुरक्षा पर नहीं

गाद (सिल्ट) जमाव की चिंताओं पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि जमा हुई गाद बांध की दीवार से लगभग 12 किलोमीटर अपस्ट्रीम है और इसका बांध की संरचनात्मक स्थिरता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने माना कि लगभग 26 प्रतिशत गाद जमाव के कारण जलाशय की भंडारण क्षमता में कमी आई है, परंतु यह बांध की सुरक्षा को प्रभावित नहीं करता।

बीबीएमबी और केंद्र को पत्र

मंत्री गोयल ने बताया कि भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि वे गाद हटाने (डीसिल्टिंग) का कार्य संपन्न करें। पंजाब सरकार ने बीबीएमबी की बैठकों में यह मुद्दा लगातार उठाया है और हाल ही में दोनों को पत्र लिखकर जल्द से जल्द डीसिल्टिंग कार्य कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि गाद हटाने से जलाशय की भंडारण क्षमता पुनः बहाल होगी और पानी की उपलब्धता में भी सुधार आएगा।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर भारत के कई बड़े जलाशयों में गाद-प्रबंधन एक दीर्घकालिक चुनौती बनती जा रही है। गौरतलब है कि बीबीएमबी पंजाब, हरियाणा और राजस्थान — तीनों राज्यों के लिए भाखड़ा जल वितरण का प्रबंधन करता है, इसलिए जलाशय की क्षमता का प्रश्न केवल पंजाब का नहीं, बल्कि क्षेत्रीय जल-सुरक्षा का विषय है। केंद्र सरकार और बीबीएमबी की प्रतिक्रिया पर अब सभी की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जनता की घबराहट का कारण केवल भ्रामक मीडिया नहीं था — यह पारदर्शी निगरानी डेटा की अनुपलब्धता भी थी। यदि बांध-प्रबंधन एजेंसियाँ नियमित रूप से संरचनात्मक हलचल के आँकड़े सार्वजनिक करतीं, तो एक रिपोर्ट इतनी दहशत नहीं फैला पाती। 26% गाद जमाव का प्रश्न अधिक गंभीर है — यह बांध की दीर्घकालिक जल-भंडारण क्षमता को सीधे प्रभावित करता है और तीन राज्यों की कृषि-जल सुरक्षा से जुड़ा है। बीबीएमबी और केंद्र पर डीसिल्टिंग का दायित्व डालना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक है, परंतु समयबद्ध जवाबदेही के बिना यह आग्रह केवल कागज़ी रहेगा।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाखड़ा बांध में हलचल क्यों आती है और क्या यह खतरनाक है?
भाखड़ा बांध को इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि जलाशय में जल-दबाव बढ़ने पर उसमें थोड़ी हलचल होती है और दबाव घटने पर वह मूल स्थिति में लौट आता है। पंजाब सरकार के अनुसार 1.03 इंच की हालिया हलचल इंजीनियरिंग मानकों के दायरे में है और 1995 से 2025 के बीच ऐसी हलचल 15 बार दर्ज हो चुकी है।
भाखड़ा बांध में गाद जमाव का क्या असर है?
पंजाब के जल मंत्री के अनुसार लगभग 26 प्रतिशत गाद जमाव से जलाशय की भंडारण क्षमता में कमी आई है, लेकिन यह बांध की संरचनात्मक सुरक्षा को प्रभावित नहीं करता। जमा गाद बांध की दीवार से लगभग 12 किलोमीटर अपस्ट्रीम है।
भाखड़ा बांध की डीसिल्टिंग की जिम्मेदारी किसकी है?
मंत्री गोयल के अनुसार गाद हटाने की जिम्मेदारी भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) और केंद्र सरकार की है। पंजाब सरकार ने हाल ही में दोनों को पत्र लिखकर शीघ्र डीसिल्टिंग का आग्रह किया है।
क्या विदेशी विशेषज्ञों ने भाखड़ा बांध की सुरक्षा को मान्यता दी है?
हाँ, पंजाब के जल मंत्री ने विधानसभा में बताया कि अमेरिका और कनाडा की विशेषज्ञ टीमों ने भाखड़ा बांध के सुदृढ़ डिज़ाइन और इंजीनियरिंग मानकों को मान्यता दी है। बांध को वैश्विक स्तर पर बेहतरीन इंजीनियरिंग अजूबों में गिना जाता है।
पंजाब विधानसभा में भाखड़ा बांध का मुद्दा कब और कैसे उठा?
यह मुद्दा 6 अगस्त 2026 को पंजाब विधानसभा के 'जीरो आवर' के दौरान उठा, जब मीडिया में बांध के 'झुकने' की खबरें प्रसारित हो रही थीं। जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने सदन में विस्तृत तकनीकी जानकारी देकर इन अफवाहों को खारिज किया।
राष्ट्र प्रेस
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