भारत डायनामिक्स को HAL से ₹1,347.71 करोड़ का रक्षा ऑर्डर, हेलिना लॉन्चर और काउंटर मेजर्स सिस्टम शामिल
सारांश
मुख्य बातें
भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से ₹1,347.71 करोड़ का महत्वपूर्ण सैन्य अनुबंध प्राप्त हुआ है, जिसमें हेलीकॉप्टर पर लगने वाले मिसाइल लॉन्चर और रक्षात्मक प्रणालियाँ शामिल हैं। 24 जून 2026 को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के ज़रिये यह जानकारी सार्वजनिक की गई। यह अनुबंध भारत के स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मज़बूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
ऑर्डर का विवरण
इस अनुबंध के अंतर्गत दो प्रमुख घटक शामिल हैं। पहला, ₹1,109.37 करोड़ के हेलिना लॉन्चर और लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स (LRU); और दूसरा, ₹238.34 करोड़ के काउंटर मेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम LRU। BDL ने एक्सचेंज फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि यह कॉन्ट्रैक्ट 24 से 60 महीनों की अवधि में पूरा किया जाएगा।
हेलिना मिसाइल और लॉन्चर प्रणाली
हेलिना (Helicopter-Launched NAG) रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित एक स्वदेशी, तीसरी पीढ़ी की 'फायर-एंड-फॉरगेट' एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) है। हेलिना लॉन्चर विशेष ट्विन-ट्यूब स्टब-विंग माउंट होते हैं, जिन्हें HAL रुद्र और HAL प्रचंड जैसे भारतीय सैन्य हेलीकॉप्टरों पर स्थापित किया जाता है। इनका उद्देश्य दुश्मन के भारी बख्तरबंद लक्ष्यों को सटीक रूप से नष्ट करना है।
काउंटर मेजर्स सिस्टम की भूमिका
काउंटर मेजर्स डिस्पेंसिंग सिस्टम LRU मॉड्यूलर और मानकीकृत हार्डवेयर घटक होते हैं, जो हेलीकॉप्टर के रक्षात्मक स्व-सुरक्षा सूट का अभिन्न हिस्सा हैं। ये प्रणालियाँ रडार-गाइडेड या इन्फ्रारेड-सीकिंग मिसाइलों को भ्रमित करने के लिए स्वचालित या मैन्युअल रूप से चैफ और फ्लेयर्स छोड़ती हैं। गौरतलब है कि यह प्रणाली आधुनिक युद्धक्षेत्र में हेलीकॉप्टरों की जीवन-रक्षा क्षमता को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाती है।
BDL के वित्तीय प्रदर्शन पर असर
यह ऑर्डर ऐसे समय में आया है जब BDL के वित्तीय परिणाम दबाव में हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 58.5 प्रतिशत घटकर ₹113 करोड़ रह गया, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में ₹273 करोड़ था। इसी अवधि में कंपनी की आय 73 प्रतिशत गिरकर ₹480 करोड़ हो गई, जबकि एक वर्ष पहले यह ₹1,777 करोड़ थी।
EBITDA भी 81.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ ₹55.2 करोड़ पर आ गया — वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में यह ₹299 करोड़ था। कंपनी का EBITDA मार्जिन भी 16.5 प्रतिशत से घटकर 11.5 प्रतिशत पर आ गया। ऐसे में HAL से मिला यह बड़ा ऑर्डर आने वाली तिमाहियों में राजस्व सुधार की उम्मीद जगाता है।
आगे क्या
BDL मुख्य रूप से DRDO के साथ साझेदारी में मिसाइलें और टॉरपीडो निर्मित करती है। यह अनुबंध अगले 2 से 5 वर्षों में निष्पादित होगा, जो कंपनी की ऑर्डर बुक को मज़बूती देगा और 'आत्मनिर्भर भारत' के तहत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को गति देगा।