भारत इनोवेट्स 2026: धर्मेंद्र प्रधान ने जारी किए 2 रणनीतिक दस्तावेज, NEP 2020 के नवाचार विजन को नई गति
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 12 जून 2026 को नई दिल्ली में भारत इनोवेट्स कार्यक्रम के तहत दो महत्वपूर्ण रणनीतिक दस्तावेज जारी किए, जो देश के उच्च शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों से उभरते स्टार्टअप एवं नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करते हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उस मूल उद्देश्य को आगे बढ़ाती है, जिसके तहत भारत को ज्ञान के उपभोक्ता से ज्ञान के निर्माता और प्रौद्योगिकी नेता के रूप में रूपांतरित किया जाना है।
मुख्य घटनाक्रम
इस अवसर पर भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद, विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. विनीत जोशी, नीति आयोग के अटल नवाचार मिशन के मिशन निदेशक दीपक बागला और शिक्षा मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। जारी किए गए दो दस्तावेजों में पहला है भारत इनोवेट्स स्टार्टअप कंपेंडियम, जिसमें देश भर से चुने गए 120 उच्च-क्षमता वाले स्टार्टअप्स का विस्तृत विवरण है।
दूसरे दस्तावेज में IIT, IISc और अन्य अग्रणी संस्थानों की लगभग 50 अत्याधुनिक अनुसंधान एवं नवाचार परियोजनाओं को प्रदर्शित किया गया है। ये दस्तावेज स्टार्टअप्स को क्षेत्रवार बाजार की जानकारी, प्रौद्योगिकी रुझान, वैश्विक अवसरों का मानचित्रण और रणनीतिक जुड़ाव के मार्ग उपलब्ध कराते हैं।
वैश्विक निवेश और साझेदारी
मंत्री प्रधान ने बताया कि भारत इनोवेट्स कार्यक्रम भारतीय स्टार्टअप्स को उन वैश्विक निवेश फर्मों से जोड़ रहा है, जो 3 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की संपत्ति का प्रबंधन करती हैं और विश्व स्तर पर 12,000 से अधिक निवेशों का प्रतिनिधित्व करती हैं। कार्यक्रम में 100 से अधिक वैश्विक निवेशकों और प्रमुख संस्थानों के एक साथ आने की उम्मीद है।
प्रधान ने यह भी बताया कि इस पहल के तहत अब तक लगभग 2 करोड़ अमेरिकी डॉलर के निवेश पर अंतिम सहमति बन चुकी है। भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक निवेशकों से जोड़ने के लिए पेरिस, टोक्यो और बेंगलुरु में रोडशो भी आयोजित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, फ्रांस और अन्य अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ नवाचार-केंद्रित 28 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।
नीस में भारत इनोवेट्स 2026 का आयोजन
भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के तत्वावधान में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय 14 से 16 जून 2026 तक फ्रांस के नीस शहर में भारत इनोवेट्स 2026 का आयोजन कर रहा है। यह आयोजन 3,000 से अधिक उद्यमों में से चुने गए 120 विशिष्ट डीप-टेक नवोन्मेषकों को एक मंच पर लाता है, जो अंतरिक्ष, रक्षा, जैव प्रौद्योगिकी और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भारत की अनुसंधान क्षमताओं को उजागर करेगा।
इस आयोजन की एक प्रमुख विशेषता IIT दिल्ली, IIT बॉम्बे और IIT मद्रास समेत 15 प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थानों की भागीदारी है। इस समूह के पास 1,500 से अधिक पेटेंट हैं और इन्होंने सामूहिक रूप से 1.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक की धनराशि जुटाई है, जिसमें आइडियाफोर्ज और एथर एनर्जी जैसी सूचीबद्ध कंपनियाँ भी शामिल हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय कुमार सूद ने डीप-टेक स्टार्टअप एजेंडे को आगे बढ़ाने में शिक्षा मंत्रालय की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि अकादमिक और अनुसंधान संस्थानों से उभरने वाले शोध-आधारित स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ाकर डीप-टेक इकोसिस्टम को गति दी जा सकती है। प्रोफेसर सूद ने यह भी कहा कि भारत को न केवल डीप-टेक कंपनियाँ बनानी चाहिए, बल्कि डीप-टेक नवाचार की एक गहरी संस्कृति भी विकसित करनी होगी।
आगे की राह
भारत इनोवेट्स, इनक्यूबेटर इनोवेशन ब्रिज और इंडस्ट्री इनोवेशन ब्रिज के माध्यम से भारतीय नवप्रवर्तकों को अग्रणी वैश्विक संस्थानों, निगमों और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्रों से जोड़ने के लिए सुनियोजित मार्ग तैयार कर रहा है। यह आयोजन NEP 2020 के क्रियान्वयन में एक नई कड़ी जोड़ता है और भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र को वैश्विक नवाचार मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।