'भारत इनोवेट्स' से फ्रांस में चमकेगा भारतीय युवा नवाचार, 14 जून को PM मोदी करेंगे प्रस्तुत
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 12 जून 2025 को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में घोषणा की कि 14 जून से फ्रांस में शुरू होने वाले 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम के ज़रिये भारत के युवा उद्यमियों और नवप्रवर्तकों के स्टार्टअप्स व आविष्कारों को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने इस आयोजन को भारतीय युवाओं की प्रतिभा को मिली एक ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति करार दिया।
कार्यक्रम का स्वरूप और उद्देश्य
14 से 16 जून तक चलने वाले इस तीन दिवसीय आयोजन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की उपस्थिति में होगा। प्रधान ने बताया कि स्वयं प्रधानमंत्री मोदी भारतीय युवाओं द्वारा विकसित नवाचारों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करेंगे। यह कार्यक्रम वैश्विक ज़रूरतों के अनुरूप भारतीय समाधानों को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और विशेषज्ञों तक पहुँचाने का एक सुनियोजित प्रयास है।
120 स्टार्टअप्स का कड़ा चयन
प्रधान ने बताया कि शिक्षा मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी सुझावों को ठोस कार्ययोजना में रूपांतरित किया। हज़ारों प्रस्तावों की गहन और बहुस्तरीय जाँच के बाद 120 स्टार्टअप्स का अंतिम चयन किया गया है। इन स्टार्टअप्स में 20 से अधिक भारत के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों की सक्रिय भागीदारी है, जो इस पहल की अकादमिक गहराई को दर्शाता है।
वैश्विक कंपनियाँ और संस्थागत सहयोग
कार्यक्रम में दुनिया की कई बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ, वित्तीय संस्थान और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिष्ठित बौद्धिक विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। तीन दिनों के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है। इसके साथ ही संस्थागत सहयोग को मज़बूत करने के लिए विभिन्न स्तरों पर संवाद और बिज़नेस-टू-बिज़नेस (B2B) बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
आयोजन का महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी स्टार्टअप इकोसिस्टम को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के लिए कूटनीतिक मंचों का सक्रिय उपयोग कर रहा है। गौरतलब है कि भारत अमेरिका और चीन के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस आयोजन की सफलता सीधे तौर पर भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा से जुड़ी है और सभी इनोवेटर्स को उनकी शुभकामनाएँ हैं। आने वाले दिनों में इस कार्यक्रम से उभरने वाले साझेदारी समझौते भारतीय स्टार्टअप्स के लिए नए वैश्विक बाज़ार खोल सकते हैं।