क्या भारत अमेरिका के टैरिफ के बीच 40 देशों में निर्यात बढ़ाने में सफल होगा?

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क्या भारत अमेरिका के टैरिफ के बीच 40 देशों में निर्यात बढ़ाने में सफल होगा?

सारांश

भारत ने अमेरिकन टैरिफ के चलते 40 देशों में अपने निर्यात को बढ़ाने की दिशा में कदम उठाए हैं। इस प्रक्रिया में व्यापार मेलों, नेटवर्किंग मीट्स और विशेष प्रचार अभियानों की योजना बनाई जा रही है। क्या ये प्रयास भारत के निर्यात क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर पहुँचाएंगे?

Key Takeaways

  • भारत ने अमेरिका के टैरिफ के बाद निर्यात बढ़ाने की कोशिशें तेज की हैं।
  • ट्रेड फेयर और नेटवर्किंग मीट्स का आयोजन किया जा रहा है।
  • सरकार निर्यात के लिए नए बाजारों की पहचान कर रही है।
  • छोटे निर्यातकों के लिए वित्तीय सहायता योजनाओं का प्रस्ताव रखा गया है।
  • ये योजनाएँ WTO के नियमों के अनुरूप हैं।

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने अमेरिका की ओर से भारतीय निर्यात पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद, 40 देशों में अपने निर्यात को बढ़ाने के लिए प्रयासों को तेज कर दिया है। इन देशों में यूके, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली शामिल हैं। यह जानकारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने दी।

इन प्रयासों में ट्रेड फेयर, वायर-सेलर मीट्स और सेक्टर-विशेष प्रमोशन कैंपेन शामिल हैं।

अन्य देशों में नीदरलैंड, पोलैंड, कनाडा, मैक्सिको, रूस, बेल्जियम, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय भारत के निर्यात में विविधता लाने और वैश्विक बाजारों में अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए नए प्रयासों के तहत इस सप्ताह निर्यातकों के साथ परामर्श की एक श्रृंखला आयोजित करेगा।

सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में कपड़ा, केमिकल और जेम्स एवं ज्वेलरी जैसे प्रमुख क्षेत्रों के उद्योग प्रतिनिधि एकत्र होंगे।

इन बैठकों का फोकस सीमित उत्पादों और बाजारों पर निर्भरता कम करने की रणनीतियों और नए भौगोलिक क्षेत्रों में प्रवेश के लिए एक रोडमैप तैयार करने पर रहेगा।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब सरकार प्रस्तावित एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन पर तेजी से काम कर रही है, जिसका उद्देश्य निर्यातकों को लक्षित समर्थन और बाजार संबंधी जानकारी प्रदान करना है।

वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि अमेरिका द्वारा घोषित शुल्कों में भारी वृद्धि के बाद, सरकार देश के निर्यात को अन्य देशों में विविधता लाने के प्रयास कर रही है।

सरकार मुक्त व्यापार समझौतों को तेजी से लागू करने और यूरोपीय संघ, ब्रिटेन, ओमान, आसियान, न्यूजीलैंड, पेरू और चिली जैसे मौजूदा समझौतों की समीक्षा करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन स्कीम के लिए विदेशों में मिशनों को संगठित करके शीर्ष 50 आयातक देशों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के कदम उठाए जा रहे हैं। अलग-अलग एक्सपोर्ट प्रमोशन स्कीम्स पर भी प्रयास तेज किए जा रहे हैं।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने निर्यात केंद्रित उद्योगों के लिए 25,000 करोड़ रुपए की योजनाओं का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य छह वर्ष की अवधि के लिए एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन के अंतर्गत कपड़ा, रत्न एवं आभूषण और समुद्री उत्पादों जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में छोटे निर्यातकों की फंडिंग में सहायता करना है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि प्रस्ताव को मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय के पास भेजा गया है, जिसके बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और फिर लागू किया जाएगा।

इन योजनाओं को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के नियमों के अनुरूप तैयार किया गया है और यह ट्रेड फाइनेंस और निर्यातकों के लिए बाजार पहुंच में सुधार पर ध्यान केंद्रित करेंगी।

Point of View

यह स्पष्ट है कि भारत का निर्यात क्षेत्र एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। सरकार का यह प्रयास न केवल निर्यात को बढ़ाने के लिए आवश्यक है, बल्कि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारत को अपनी व्यापार नीतियों को मजबूत करना होगा और निर्यातकों को समर्थन देने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

भारत ने अमेरिका के टैरिफ के बाद क्या कदम उठाए हैं?
भारत ने 40 देशों में अपने निर्यात को बढ़ाने के लिए व्यापार मेलों और विशेष प्रचार अभियानों की योजना बनाई है।
कौन से देश भारत के निर्यात के लिए लक्षित हैं?
भारत ने यूके, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, और कई अन्य देशों को लक्षित किया है।