भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश दिया, 'झूठे दावे वास्तविकता को नहीं बदल सकते'

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भारत ने चीन को स्पष्ट संदेश दिया, 'झूठे दावे वास्तविकता को नहीं बदल सकते'

सारांश

भारत ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्रों को मनगढ़ंत नाम देने के प्रयासों को खारिज किया है। विदेश मंत्रालय ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की, यह बताते हुए कि ये स्थान भारत का अविभाज्य हिस्सा हैं। जानिए इस मामले में और क्या कहा गया।

Key Takeaways

  • भारत ने चीन के दावों को खारिज किया।
  • अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य हिस्सा है।
  • चीन की कार्रवाइयां संबंधों में नकारात्मकता लाती हैं।
  • राज्यपाल ने सैनिकों का मनोबल बढ़ाया।
  • भारत की सतर्कता का प्रतीक है यह सीमा चौकी।

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने चीन द्वारा भारतीय क्षेत्रों को मनगढ़ंत नाम देने के प्रयास पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि भारत किसी भी प्रकार के शरारती प्रयास को स्पष्ट रूप से नकारता है

उन्होंने कहा कि चीन के द्वारा किए जा रहे झूठे दावों और निराधार कथाओं के प्रयास इस निर्विवाद सत्य को नहीं बदल सकते कि अरुणाचल प्रदेश सहित ये क्षेत्र भारत का अविभाज्य हिस्सा हैं।

इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि चीन की ऐसी कार्रवाइयां भारत-चीन द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने के प्रयासों में बाधा डालती हैं। चीन को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जो रिश्तों में नकारात्मकता उत्पन्न करते हैं।

आपको यह भी बताना जरूरी है कि 2017 के बाद, चीन ने दिसंबर 2021 में 21 स्थानों के नाम बदलने का प्रयास किया। चीन ने अरुणाचल के 11 जिलों के नाम चीनी, तिब्बती और रोमन में जारी किए। भारत ने इस कदम को अस्वीकृत किया और कहा कि नए नाम दिए जाने से जमीनी सच्चाई नहीं बदलती।

इससे पहले, 9 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने तवांग जिले में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास स्थित दूरदराज की सीमा चौकी खेन्जेमाने का दौरा किया। उन्होंने सैनिकों को प्रोत्साहित किया कि वे शारीरिक और मानसिक रूप से हमेशा सतर्क रहें।

एक अधिकारी के अनुसार, यह सीमा चौकी भारत की सतर्कता और जुझारूपन का प्रतीक है। राज्यपाल की यह यात्रा देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले बलों के प्रति एकजुटता का सशक्त संकेत मानी जा रही है।

Point of View

बल्कि द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के नाम बदलने का प्रयास कब हुआ?
चीन ने दिसंबर 2021 में 21 स्थानों के नाम बदलने का प्रयास किया।
भारत ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भारत ने इसे स्पष्ट रूप से अस्वीकार किया और कहा कि नए नामों से जमीनी सच्चाई नहीं बदलती।
अरुणाचल प्रदेश भारतीय भूमि का हिस्सा क्यों माना जाता है?
अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य हिस्सा है और इसे हमेशा भारत का अंग माना गया है।
राज्यपाल की यात्रा का उद्देश्य क्या था?
राज्यपाल ने सीमा चौकी पर सैनिकों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया।
भारत-चीन संबंधों पर इस विवाद का क्या प्रभाव पड़ेगा?
इस विवाद से द्विपक्षीय संबंधों में तनाव बढ़ सकता है, जिससे सामान्यीकरण की कोशिशों में बाधा उत्पन्न होती है।
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