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भूपेंद्र यादव ने IFS 2024 बैच को दिया मंत्र: नैतिकता और कार्यकुशलता ही सफल लोक सेवक की असली पहचान

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भूपेंद्र यादव ने IFS 2024 बैच को दिया मंत्र: नैतिकता और कार्यकुशलता ही सफल लोक सेवक की असली पहचान

सारांश

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने देहरादून में IFS 2024 बैच के 111 अधिकारियों को दीक्षित किया और स्पष्ट संदेश दिया — नैतिकता, AI और जनभागीदारी से ही जलवायु संकट का सामना होगा। 75 अधिकारियों ने ऑनर्स डिप्लोमा हासिल किया।

मुख्य बातें

भूपेंद्र यादव ने 1 अगस्त को IGNFA, देहरादून में IFS 2024 बैच के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की।
कुल 111 अधिकारियों — 109 भारतीय और भूटान के 2 — ने 20 महीने का प्रशिक्षण पूरा किया।
75 अधिकारियों ने 75% से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा अर्जित किया।
यादव ने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि और मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए AI और नवाचार के उपयोग का आह्वान किया।
IGNFA 1938 से कार्यरत है और अब तक 14 मित्र देशों के 369 वन अधिकारियों को प्रशिक्षित कर चुका है।

केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने 1 अगस्त 2026 को देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA) में आयोजित दीक्षांत समारोह में भारतीय वन सेवा (IFS) के 2024 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नैतिकता और कार्यकुशलता एक सफल लोक सेवक की सबसे मजबूत नींव हैं।

मुख्य संदेश: नवाचार और जनभागीदारी

यादव ने अधिकारियों से 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि और मरुस्थलीकरण जैसी बड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार, आधुनिक प्रौद्योगिकी और जनभागीदारी को अपना हथियार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी जब अपने करियर के सर्वाधिक उत्पादक चरण में होंगे, तब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष मना रहा होगा — यह संयोग नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक जिम्मेदारी है।

AI और प्रौद्योगिकी का मानवीय उपयोग

केंद्रीय मंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि AI को केवल डेटा संग्रह और विश्लेषण तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे मानवीय संवेदनशीलता के साथ जोड़कर व्यावहारिक समाधान विकसित करने में भी लगाया जाए। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वन प्रबंधन में डिजिटल निगरानी तंत्र तेजी से विस्तार पा रहे हैं।

नेतृत्व पर जोर: सक्षम प्रशासक से आगे बढ़ें

यादव ने अधिकारियों से केवल सक्षम प्रशासक बनने तक सीमित न रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि त्याग, करुणा और दूसरों को प्रेरित करने की क्षमता ही एक सच्चे नेता की असली पहचान होती है। मुख्य अतिथि के रूप में उन्होंने सफल प्रशिक्षु अधिकारियों को प्रमाण पत्र और पदक भी प्रदान किए।

IGNFA की उपलब्धियाँ और 2024 बैच का प्रदर्शन

IGNFA के निदेशक राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने निदेशक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह संस्थान 1938 से राष्ट्र की सेवा में है — पहले भारतीय वन महाविद्यालय के रूप में, और अब IGNFA के रूप में। अब तक स्वतंत्र भारत के सभी IFS अधिकारियों के साथ-साथ 14 मित्र देशों के 369 वन अधिकारियों ने यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

खजूरिया ने बताया कि 2024 बैच के 109 भारतीय वन सेवा परिवीक्षाधीन अधिकारियों और भूटान के 2 अधिकारी प्रशिक्षुओं सहित कुल 111 अधिकारियों ने 20 महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया। इनमें से 75 अधिकारियों ने 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा हासिल किया।

क्या होगा आगे

यह बैच अब देश के विभिन्न वन मंडलों में तैनात होगा, जहाँ इन्हें जलवायु अनुकूलन, वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक वन प्रबंधन जैसी ज़मीनी चुनौतियों का सामना करना होगा। 'विकसित भारत 2047' के संदर्भ में इन अधिकारियों की भूमिका आने वाले दशकों में भारत की पर्यावरण नीति की दिशा तय करने में निर्णायक मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी तब होगी जब ये अधिकारी मैदान में उतरेंगे — जहाँ वन अतिक्रमण, खनन दबाव और राजनीतिक हस्तक्षेप की चुनौतियाँ नैतिकता की परीक्षा लेती हैं। AI और नवाचार का आह्वान सराहनीय है, लेकिन वन विभागों में डिजिटल बुनियादी ढाँचे की कमी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य और वन आवरण की वास्तविक स्थिति के बीच की खाई को पाटने के लिए प्रेरणादायक भाषणों से आगे जाकर संस्थागत सुधार और संसाधन आवंटन की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

IFS 2024 बैच का दीक्षांत समारोह कहाँ और कब हुआ?
यह समारोह 1 अगस्त 2026 को देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA) में आयोजित हुआ। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में इसकी अध्यक्षता की।
IFS 2024 बैच में कितने अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया?
कुल 111 अधिकारियों ने 20 महीने का प्रशिक्षण पूरा किया — इनमें 109 भारतीय वन सेवा परिवीक्षाधीन अधिकारी और भूटान के 2 अधिकारी प्रशिक्षु शामिल हैं। इनमें से 75 अधिकारियों ने 75% से अधिक अंक प्राप्त कर ऑनर्स डिप्लोमा हासिल किया।
भूपेंद्र यादव ने IFS अधिकारियों को क्या संदेश दिया?
यादव ने कहा कि नैतिकता और कार्यकुशलता एक सफल लोक सेवक की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने अधिकारियों से जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता हानि और मरुस्थलीकरण से निपटने के लिए AI, नवाचार और जनभागीदारी का सहारा लेने का आह्वान किया।
IGNFA कब से कार्यरत है और इसकी क्या उपलब्धियाँ हैं?
IGNFA 1938 से राष्ट्र की सेवा में है — पहले भारतीय वन महाविद्यालय के रूप में। अब तक स्वतंत्र भारत के सभी IFS अधिकारियों के साथ-साथ 14 मित्र देशों के 369 वन अधिकारियों को यहाँ प्रशिक्षित किया जा चुका है।
'विकसित भारत 2047' से IFS अधिकारियों का क्या संबंध है?
यादव ने कहा कि जब ये अधिकारी अपने करियर के सर्वाधिक उत्पादक चरण में होंगे, तब भारत स्वतंत्रता के 100 वर्ष मना रहा होगा। 'विकसित भारत 2047' के संशोधित पाठ्यक्रम के तहत ही 2024 बैच को प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें पर्यावरणीय चुनौतियों और आधुनिक प्रौद्योगिकी पर विशेष जोर दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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