30 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बिहार में 15 अगस्त को 30,000 भूमिहीन परिवारों को मिलेगा वासभूमि का अधिकार, अभियान बसेरा-2 के तहत बड़ा कदम

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बिहार में 15 अगस्त को 30,000 भूमिहीन परिवारों को मिलेगा वासभूमि का अधिकार, अभियान बसेरा-2 के तहत बड़ा कदम

सारांश

बिहार सरकार 15 अगस्त को 'अभियान बसेरा-2' के ज़रिए 30,000 भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का कानूनी अधिकार देगी। अब तक 71,569 परिवार लाभान्वित हो चुके हैं। ऑनलाइन पोर्टल से पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और 38 जिलों में जिलेवार लक्ष्य तय किए गए हैं।

मुख्य बातें

बिहार सरकार 15 अगस्त 2026 को 'अभियान बसेरा-2' के तहत 30,000 भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र देगी।
अब तक 71,569 पात्र परिवारों को इस योजना के तहत वासभूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
विभाग सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को 31 जुलाई तक प्रमाण-पत्र तैयार करने का निर्देश दिया।
पूरी प्रक्रिया 'अभियान बसेरा' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित होगी।
सर्वाधिक लक्ष्य पटना को 1,709 और पूर्वी चंपारण को 1,493 प्रमाण-पत्र वितरित करने का दिया गया है।
राज्य के सभी 38 जिलों में जिलेवार लक्ष्य निर्धारित; साप्ताहिक प्रगति समीक्षा अनिवार्य।

बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने मंगलवार, 30 जून को घोषणा की कि राज्य सरकार 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 'अभियान बसेरा-2' के तहत राज्यभर के 30,000 पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र सौंपा जाएगा। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प है कि बिहार का कोई भी पात्र भूमिहीन परिवार इस अधिकार से वंचित न रहे।

अभियान बसेरा-2 की अब तक की प्रगति

जायसवाल ने बताया कि अभियान बसेरा-2 के तहत अब तक राज्य में 71,569 पात्र परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने की दिशा में बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। अब 15 अगस्त को विशेष अभियान के माध्यम से 30,000 नए लाभुकों को इस योजना से जोड़ा जाएगा, जिससे कुल लाभान्वित परिवारों की संख्या एक लाख से अधिक हो जाएगी। गौरतलब है कि यह योजना बिहार सरकार की उस प्राथमिकता का हिस्सा है जिसमें गरीब और वंचित तबकों को सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया गया है।

जिलाधिकारियों को जारी हुए निर्देश

विभाग के सचिव जय सिंह ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इनके अनुसार, सभी जिलों को लाभुकों की सूची का पुनरीक्षण कर अंतिम रूप देना होगा, नए पात्र परिवारों का 'अभियान बसेरा' पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित कराना होगा और 31 जुलाई तक सभी बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र तैयार कर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। प्रत्येक जिलाधिकारी को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे स्वयं अभियान की नियमित निगरानी करें और साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराएं।

ऑनलाइन पोर्टल से सुनिश्चित होगी पारदर्शिता

राजस्व मंत्री ने बताया कि प्रमाण-पत्र वितरण की पूरी प्रक्रिया 'अभियान बसेरा' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित होगी, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। 15 अगस्त को जिला मुख्यालयों में आयोजित मुख्य समारोहों अथवा विशेष शिविरों में जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्य लोगों की उपस्थिति में लाभुकों को प्रमाण-पत्र सौंपे जाएंगे। अभियान की प्रगति की मुख्यालय स्तर पर प्रत्येक सप्ताह समीक्षा की जाएगी।

जिलेवार लक्ष्य: पटना सबसे आगे

विभाग ने राज्य के सभी 38 जिलों के लिए कुल 30,000 बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया है। सर्वाधिक लक्ष्य पटना को 1,709, पूर्वी चंपारण को 1,493, मुजफ्फरपुर को 1,405, मधुबनी को 1,314, गया को 1,285, समस्तीपुर को 1,247, सारण को 1,157 और दरभंगा को 1,153 बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र वितरित करने का लक्ष्य दिया गया है।

आगे की राह

जायसवाल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर 30,000 भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का कानूनी अधिकार देकर उनके जीवन में स्थायी सुरक्षा और सम्मान का नया अध्याय जोड़ा जाएगा। यह अभियान बिहार में भूमि सुधार की दिशा में एक निरंतर प्रयास का हिस्सा है — और इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि जिला प्रशासन 31 जुलाई की समय-सीमा के भीतर तैयारियाँ कितनी कुशलता से पूरी करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की है। 71,569 परिवारों को पहले ही प्रमाण-पत्र मिल चुके हैं, फिर भी यह सवाल बना रहता है कि कागज़ी अधिकार ज़मीनी कब्ज़े में कितनी जल्दी तब्दील होते हैं — खासकर उन जिलों में जहाँ भूमि विवाद और अतिक्रमण की समस्या पुरानी है। ऑनलाइन पोर्टल से पारदर्शिता का दावा उचित है, लेकिन ग्रामीण बिहार में डिजिटल साक्षरता और कनेक्टिविटी की सीमाएँ इस दावे की परीक्षा लेंगी। 31 जुलाई की समय-सीमा और 15 अगस्त का समारोह राजनीतिक दृष्टि से प्रतीकात्मक है — लेकिन जब तक लाभुकों को भौतिक कब्ज़ा और विवाद-निपटान तंत्र नहीं मिलता, यह अधिकार आधा-अधूरा ही रहेगा।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभियान बसेरा-2 क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
अभियान बसेरा-2 बिहार सरकार की एक भूमि सुधार योजना है, जिसके तहत राज्य के पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र दिया जाता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार का कोई भी पात्र परिवार अपने घर की ज़मीन के अधिकार से वंचित न रहे।
15 अगस्त 2026 को कितने परिवारों को प्रमाण-पत्र मिलेगा?
15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार के 38 जिलों में 30,000 पात्र भूमिहीन परिवारों को वासभूमि का बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र सौंपा जाएगा। यह वितरण जिला मुख्यालयों और विशेष शिविरों में आयोजित समारोहों के माध्यम से होगा।
अब तक इस योजना से कितने परिवार लाभान्वित हो चुके हैं?
अभियान बसेरा-2 के तहत अब तक बिहार में 71,569 पात्र परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने की दिशा में बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र जारी किए जा चुके हैं। 15 अगस्त के बाद 30,000 नए परिवार जुड़ने से कुल लाभान्वित परिवारों की संख्या एक लाख से अधिक हो जाएगी।
प्रमाण-पत्र वितरण की प्रक्रिया कैसे होगी और पारदर्शिता कैसे सुनिश्चित होगी?
पूरी प्रक्रिया 'अभियान बसेरा' पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित होगी। विभाग सचिव जय सिंह ने सभी जिलाधिकारियों को 31 जुलाई तक प्रमाण-पत्र तैयार कर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है और साप्ताहिक प्रगति समीक्षा अनिवार्य की गई है।
किन जिलों को सबसे अधिक बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र वितरित करने का लक्ष्य दिया गया है?
सर्वाधिक लक्ष्य पटना को 1,709, पूर्वी चंपारण को 1,493, मुजफ्फरपुर को 1,405, मधुबनी को 1,314 और गया को 1,285 प्रमाण-पत्र वितरित करने का दिया गया है। इसके अलावा समस्तीपुर को 1,247, सारण को 1,157 और दरभंगा को 1,153 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 1 साल पहले