15 सितंबर 2026
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पटना में BPSC 70वीं और दरोगा भर्ती रद्द की मांग, छात्रों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश

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पटना में BPSC 70वीं और दरोगा भर्ती रद्द की मांग, छात्रों ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेड तोड़ने की कोशिश

सारांश

पटना में हजारों अभ्यर्थियों ने BPSC 70वीं और दरोगा भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए इन्हें रद्द कर नई परीक्षा की माँग की। जेपी गोलंबर पर पुलिस बैरिकेड के बाद कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए और तनाव बढ़ा। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी — जल्द फैसला न हुआ तो आंदोलन और उग्र होगा।

मुख्य बातें

15 सितंबर 2026 को पटना में बड़ी संख्या में छात्र-अभ्यर्थी गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च पर निकले।
प्रमुख माँगें: BPSC 70वीं परीक्षा और 1,799 पदों की दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द कर पुनः आयोजन, BSSC की लंबित परीक्षाएँ शीघ्र कराना।
पुलिस ने जेपी गोलंबर और डाक बंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर मार्च रोका; कुछ अभ्यर्थी बैरिकेड पर चढ़ गए।
दरोगा भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जाँच आर्थिक अपराध इकाई (EOI) कर रही है।
अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी — शीघ्र सकारात्मक फैसला न हुआ तो आंदोलन और तेज होगा।

बिहार की राजधानी पटना में 15 सितंबर 2026 (मंगलवार) को बड़ी संख्या में छात्र-अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें थीं — बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा और 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से आयोजित कराना तथा बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की लंबित परीक्षाओं को शीघ्र संपन्न कराना। पुलिस ने जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर मार्च को रोका, जिसके बाद कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी।

मुख्य घटनाक्रम

प्रदर्शनकारी छात्र गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च करते हुए निकले। जेपी गोलंबर पर पुलिस ने भारी संख्या में बल तैनात कर बैरिकेडिंग की और मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कुछ अभ्यर्थी बैरिकेड पर चढ़ गए और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे।

जब जेपी गोलंबर पर रास्ता बंद हुआ तो प्रदर्शनकारियों का एक समूह डाक बंगला चौराहे की ओर बढ़ने लगा, लेकिन पुलिस ने वहाँ भी बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। पुलिस की ओर से लगातार अभ्यर्थियों से शांत रहने और आगे न बढ़ने की अपील की जाती रही।

अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि BPSC 70वीं परीक्षा और दरोगा भर्ती परीक्षा — दोनों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं। छात्रों का कहना है कि जब परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जाँच चल रही है, तो उसे तत्काल रद्द कर नई परीक्षा आयोजित की जानी चाहिए। गौरतलब है कि दरोगा भर्ती परीक्षा से जुड़े मामले की जाँच फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई (EOI) द्वारा की जा रही है।

इसके अलावा अभ्यर्थियों ने BSSC की लंबे समय से अटकी पड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को जल्द आयोजित कराने और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग रखी। उनका कहना है कि विभिन्न परीक्षाओं की प्रक्रिया लंबे अरसे से बाधित है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका है।

सरकार पर आरोप और आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार की ओर से जाँच और कार्रवाई के आश्वासन तो दिए जाते हैं, लेकिन छात्रों के हित में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों में लगातार आक्रोश बढ़ता रहा है। आलोचकों का कहना है कि उच्चस्तरीय जाँच और स्वतंत्र निगरानी के बिना भर्ती प्रक्रियाओं पर विश्वास बहाल करना मुश्किल है।

आम अभ्यर्थियों पर असर

राज्य में BPSC 70वीं परीक्षा, दरोगा भर्ती और BSSC की विभिन्न परीक्षाओं के लाखों अभ्यर्थी लंबे इंतजार में हैं। जब तक इन परीक्षाओं पर अंतिम निर्णय नहीं होता, उनकी तैयारी और करियर-योजना अनिश्चितता में बनी रहेगी। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया यह तय करेगी कि आंदोलन का दायरा बढ़ता है या सुलह की कोई राह निकलती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चयन प्रक्रिया में अनियमितता और जाँच में देरी राज्य की भर्ती व्यवस्था की विश्वसनीयता को बार-बार कठघरे में खड़ा करती है। असली सवाल यह है कि EOI की जाँच चलते हुए भी सरकार ने अब तक परीक्षा को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय क्यों नहीं लिया — यह ढुलमुल रवैया ही आंदोलन को हवा देता है। लाखों अभ्यर्थियों के करियर को बंधक रखकर 'जाँच जारी है' का जुमला कब तक काम करेगा, यह बिहार सरकार को जल्द तय करना होगा।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BPSC 70वीं परीक्षा रद्द करने की माँग क्यों हो रही है?
अभ्यर्थियों का आरोप है कि BPSC 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितताएँ हुई हैं और अब तक परीक्षा रद्द करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। छात्रों की माँग है कि परीक्षा रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से परीक्षा आयोजित की जाए।
दरोगा भर्ती परीक्षा विवाद क्या है?
1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जाँच फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई (EOI) कर रही है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जाँच चलते हुए परीक्षा को जारी रखना अनुचित है और इसे रद्द कर नई परीक्षा होनी चाहिए।
पटना प्रदर्शन में क्या हुआ?
15 सितंबर 2026 को छात्र-अभ्यर्थी गांधी मैदान से राजभवन की ओर मार्च पर निकले। पुलिस ने जेपी गोलंबर और डाक बंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग कर मार्च रोका। कुछ अभ्यर्थी बैरिकेड पर चढ़ गए और कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी।
BSSC की लंबित परीक्षाओं को लेकर छात्रों की क्या माँग है?
अभ्यर्थियों का कहना है कि बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) की कई परीक्षाएँ लंबे समय से लंबित हैं, जिससे हजारों उम्मीदवारों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इन परीक्षाओं को शीघ्र और पारदर्शी तरीके से आयोजित कराने की माँग की है।
आंदोलन आगे क्या रुख लेगा?
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस की तैनाती और छात्रों के जमावड़े के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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