पटना में भीम आर्मी का 'अधिकार मार्च': 85% अधिवासी नीति की माँग, पुलिस से झड़प के बाद कार्यकर्ता हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने शनिवार, 29 अगस्त को पटना के गांधी मैदान से 'अधिकार मार्च' निकाला, जिसमें बिहार की सरकारी भर्तियों में 85 प्रतिशत अधिवासी आरक्षण नीति लागू करने की माँग की गई। बैरिकेड पार करने के प्रयास के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
मार्च का घटनाक्रम
प्रदर्शन गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू हुआ। कार्यकर्ताओं की योजना राजभवन तक मार्च करने की थी। हालाँकि, पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया और गांधी मैदान से राजभवन के बीच भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे।
जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया, तो तनाव बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया, जिससे मार्च समय से पहले ही समाप्त हो गया।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख माँगें
भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने माँग की कि बिहार में 85 प्रतिशत सरकारी नौकरियाँ राज्य के स्थानीय निवासी उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की जाएँ, ताकि राज्य के युवाओं को भर्ती प्रक्रिया में अधिक अवसर मिल सकें। इसके अलावा, कार्यकर्ताओं ने आगामी बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) परीक्षा सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी चिंताएँ भी उठाईं।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी माँग की कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आवेदकों को ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा दी जाए।
भागीदारी और व्यापक संदर्भ
इस मार्च में हाल के दिनों में पटना में हुए अन्य विरोध प्रदर्शनों की तुलना में अपेक्षाकृत कम लोग शामिल हुए, जिससे प्रदर्शन की दृश्यता और प्रभाव सीमित रहा। गौरतलब है कि छात्र समूहों और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा आयोजित हालिया प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में लोग उमड़े थे और पटना में कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों व सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़पें हुई थीं।
उन प्रदर्शनों के दौरान भारी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया था। RJD के एक प्रदर्शन के दौरान बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।
अधिवासी नीति विवाद की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में स्थानीय युवाओं के रोज़गार अधिकारों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक तनाव बढ़ रहा है। 85 प्रतिशत अधिवासी आरक्षण की माँग कोई नई नहीं है — यह मुद्दा राज्य में बेरोज़गारी और बाहरी उम्मीदवारों की भर्ती को लेकर लंबे समय से उठता रहा है। विभिन्न दलों और संगठनों ने इसे चुनावी और सामाजिक एजेंडे में शामिल किया है।
आगे की स्थिति
हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की संख्या और उनके खिलाफ दर्ज मामलों का विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका। भीम आर्मी की ओर से आगे की रणनीति को लेकर कोई आधिकारिक बयान अभी तक नहीं आया है। अधिवासी नीति की माँग को लेकर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज़ होने की आशंका है, खासकर BSSC परीक्षा की तारीखें नज़दीक आने के साथ।