29 जुलाई 2026
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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: 22 हजार आंगनबाड़ी पदों पर बहाली, पुल-जलापूर्ति समेत कई परियोजनाओं को मंजूरी

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बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: 22 हजार आंगनबाड़ी पदों पर बहाली, पुल-जलापूर्ति समेत कई परियोजनाओं को मंजूरी

सारांश

बिहार मंत्रिमंडल की एक बैठक में 22 हजार आंगनबाड़ी पदों पर बहाली, दो शहरों में जलापूर्ति, मिथिलांचल में बंद चीनी मिलों के पुनरुद्धार, जमुई में दो नए पुल और वेजफेड को ₹106 करोड़ — यह बिहार के विकास एजेंडे का एक साथ कई मोर्चों पर दांव है।

मुख्य बातें

बिहार कैबिनेट ने 29 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में एक दर्जन से अधिक प्रस्तावों को मंजूरी दी।
ICDS के तहत आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के लगभग 22 हजार पदों पर नई बहाली का मार्ग प्रशस्त।
अमृत 2.0 के तहत लखीसराय (₹150.96 करोड़) और किशनगंज (₹53.71 करोड़) जलापूर्ति परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति।
जमुई में क्यूल नदी पर ₹93.82 करोड़ और सुकनर नदी पर ₹55.96 करोड़ की लागत से दो नए उच्चस्तरीय आरसीसी पुल बनेंगे।
दरभंगा और मधुबनी में बंद चीनी मिलों के परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलें स्थापित होंगी।
वेजफेड सुदृढ़ीकरण के लिए ₹106.39 करोड़ की योजना; वित्त वर्ष 2026-27 में ₹45.50 करोड़ से अधिक की निकासी स्वीकृत।

बिहार मंत्रिमंडल ने 29 जुलाई 2026 को पटना में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सामाजिक कल्याण, पेयजल, आधारभूत संरचना, कृषि, सहकारिता और औद्योगिक विकास से जुड़े एक दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दी। सबसे बड़े फैसले के तहत समेकित बाल विकास सेवाओं (ICDS) के अंतर्गत आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के लगभग 22 हजार पदों पर नई बहाली का रास्ता साफ हो गया है।

आंगनबाड़ी बहाली: क्या है नई व्यवस्था

कैबिनेट ने आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन (संशोधन) मार्गदर्शिका-2026 को स्वीकृति दी, जिसके तहत ICDS के अंतर्गत राज्यभर में रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का कहना है कि इस कदम से आंगनबाड़ी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और महिलाओं व बच्चों तक पोषण एवं स्वास्थ्य योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में बाल कुपोषण दर राष्ट्रीय औसत से अधिक बनी हुई है।

पेयजल परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति

बैठक में अटल नवीकरण एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत 2.0) के तहत दो शहरी जलापूर्ति परियोजनाओं को मंजूरी मिली। लखीसराय जलापूर्ति योजना के लिए ₹150.96 करोड़ तथा किशनगंज जलापूर्ति योजना के लिए ₹53.71 करोड़ स्वीकृत किए गए। सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लाखों परिवारों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल मिलेगा और भविष्य की बढ़ती आबादी की जरूरतों को देखते हुए दोनों शहरों की जलापूर्ति व्यवस्था अधिक सुदृढ़ होगी।

मिथिलांचल में बंद चीनी मिलों का पुनरुद्धार

मंत्रिमंडल ने दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी में बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलों की स्थापना और गन्ना उपोत्पाद आधारित उद्योग विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। गौरतलब है कि मिथिलांचल क्षेत्र में गन्ना उत्पादन परंपरागत रूप से मजबूत रहा है, लेकिन मिलें बंद होने से किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा था। सरकार का मानना है कि इस पहल से गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

जमुई में दो नए पुलों का निर्माण

पथ निर्माण विभाग से जुड़े दो प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिली। जमुई जिले में NH-333A के खैरा-सोनो मार्ग के 72वें किलोमीटर पर नरियाना घाट स्थित क्यूल नदी पर ₹93.82 करोड़ की लागत से नया उच्चस्तरीय आरसीसी पुल बनेगा। इसी मार्ग के 80वें किलोमीटर पर मंगोबंदर के निकट सुकनर नदी पर ₹55.96 करोड़ की लागत से दूसरा पुल निर्मित होगा। इन दोनों पुलों से क्षेत्रीय संपर्क सुदृढ़ होगा, वर्षभर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा और व्यापार व कृषि गतिविधियों को बल मिलेगा।

वेजफेड और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय

सहकारिता विभाग के प्रस्ताव पर कैबिनेट ने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत वेजफेड की त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹106.39 करोड़ की योजना को मंजूरी दी। इसके तहत प्रखंड स्तर पर आधारभूत संरचना विकसित होगी, सहकारी समितियों को कार्यशील पूंजी मिलेगी और सब्जियों के भंडारण-परिवहन के लिए रीफर वाहनों की व्यवस्था होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के लिए ₹45.50 करोड़ से अधिक की निकासी एवं व्यय की भी स्वीकृति दी गई।

इसके अतिरिक्त, कैबिनेट ने बिहार खेल नीति-2026, बिहार सहकारिता नीति-2026, राज्य में ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने, बिहार निबंधन (संशोधन) नियमावली-2026, लघु जल संसाधन विभाग में हाइड्रोलॉजिस्ट, हाइड्रो जियोलॉजिस्ट एवं जियोफिजिसिस्ट संवर्ग की भर्ती, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के संस्थानों हेतु उपकरण खरीद, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) कार्यालय के लिए भूमि हस्तांतरण तथा अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण एवं भ्रष्टाचार निवारण मामलों के शीघ्र निपटारे हेतु विशेष न्यायालयों में नए पदों के सृजन को भी मंजूरी प्रदान की। इन फैसलों के क्रियान्वयन की रफ्तार ही तय करेगी कि बिहार के विकास के ये वादे जमीन पर कितनी जल्दी उतरते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जलापूर्ति, पुल-निर्माण और सहकारिता — यह विविधता प्रभावशाली दिखती है, लेकिन बिहार में ऐसी घोषणाओं और उनके जमीनी क्रियान्वयन के बीच की खाई ऐतिहासिक रूप से चौड़ी रही है। 22 हजार आंगनबाड़ी पदों की बहाली लंबे समय से लंबित है और मार्गदर्शिका संशोधन स्वागत योग्य है, लेकिन चयन प्रक्रिया की समयसीमा और पारदर्शिता पर सरकार ने अभी स्पष्टता नहीं दी। मिथिलांचल की बंद चीनी मिलों का पुनरुद्धार भी नया वादा नहीं है — इस क्षेत्र में पहले भी ऐसे प्रयास हो चुके हैं जो निवेशकों की अनिच्छा और गन्ना मूल्य विवादों में उलझ गए। असली कसौटी यह होगी कि इन प्रस्तावों के लिए निविदा, भूमि और बजट आवंटन कितनी तेजी से आगे बढ़ते हैं।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार कैबिनेट ने आंगनबाड़ी बहाली के लिए क्या फैसला किया?
कैबिनेट ने ICDS के तहत आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन (संशोधन) मार्गदर्शिका-2026 को मंजूरी दी, जिससे राज्य में लगभग 22 हजार रिक्त पदों पर नई बहाली का रास्ता साफ हो गया है। इससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों व माताओं तक पोषण सेवाएं बेहतर होंगी।
अमृत 2.0 के तहत बिहार में कौन-सी जलापूर्ति परियोजनाएं मंजूर हुईं?
बिहार कैबिनेट ने अमृत 2.0 मिशन के तहत लखीसराय जलापूर्ति योजना के लिए ₹150.96 करोड़ और किशनगंज जलापूर्ति योजना के लिए ₹53.71 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर दोनों शहरों के लाखों परिवारों को स्वच्छ पेयजल मिलने की उम्मीद है।
जमुई में कौन-से नए पुल बनेंगे और उनकी लागत क्या है?
जमुई जिले में NH-333A के खैरा-सोनो मार्ग पर दो नए उच्चस्तरीय आरसीसी पुल बनेंगे — 72वें किलोमीटर पर क्यूल नदी पर ₹93.82 करोड़ और 80वें किलोमीटर पर सुकनर नदी पर ₹55.96 करोड़ की लागत से। इनसे क्षेत्र में वर्षभर निर्बाध आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
मिथिलांचल में बंद चीनी मिलों के पुनरुद्धार की योजना क्या है?
कैबिनेट ने दरभंगा के रैयाम और मधुबनी के सकरी में बंद पड़ी चीनी मिल परिसरों में नई सहकारी चीनी मिलें स्थापित करने और गन्ना उपोत्पाद आधारित उद्योग विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। इससे गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है।
वेजफेड को मजबूत करने के लिए कितनी राशि मंजूर की गई?
कैबिनेट ने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन योजना के तहत वेजफेड की त्रि-स्तरीय सहकारी व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण के लिए ₹106.39 करोड़ की योजना को मंजूरी दी। वित्त वर्ष 2026-27 में इसके लिए ₹45.50 करोड़ से अधिक की निकासी एवं व्यय की भी स्वीकृति दी गई है।
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