बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: ₹4 लाख वार्षिक आय वालों को भी मिलेगा मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से अनुदान
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के लाभार्थियों का दायरा बढ़ाते हुए वार्षिक आय सीमा को ₹2.50 लाख से बढ़ाकर ₹4 लाख करने को मंज़ूरी दे दी है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 3 जून बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव सहित कुल 13 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस निर्णय से राज्य के मध्यम-आय वर्ग के उन हज़ारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अब तक आय सीमा से बाहर होने के कारण गंभीर बीमारियों के इलाज के सरकारी अनुदान से वंचित रह जाते थे।
मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष में बड़ा बदलाव
पहले राज्य के केवल वही मरीज़ इस कोष से अनुदान के पात्र थे, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय ₹2.50 लाख से कम होती थी। बढ़ती चिकित्सा लागत और महंगाई को देखते हुए इस सीमा को 60% बढ़ाकर ₹4 लाख करने का फ़ैसला लिया गया है। यह बदलाव विशेष रूप से कैंसर, हृदय रोग और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज में सहायक माना जा रहा है।
नवीनगर में नया ITI, औद्योगिक प्रशिक्षण को बढ़ावा
कैबिनेट ने औरंगाबाद ज़िले के नवीनगर में एक नए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) की स्थापना को मंज़ूरी दी, जहाँ वित्तीय वर्ष 2026-27 से 5 व्यवसायों में प्रशिक्षण शुरू होगा। संस्थान के लिए 38 पदों का सृजन किया जाएगा और प्रति वर्ष ₹211.89 लाख का व्यय निर्धारित किया गया है। भारतीय रेल बिजली कंपनी लिमिटेड, नबीनगर द्वारा निर्मित परिसर एवं सुविधाएँ एकरारनामे के अनुरूप राज्य सरकार को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएँगी।
दरभंगा AIIMS के लिए मिट्टी भराई कार्य को हरी झंडी
दरभंगा में निर्माणाधीन भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के चयनित भूखंड पर मिट्टी भराई और समतलीकरण का कार्य अब जल संसाधन विभाग को सौंपा गया है। निकटवर्ती नदियों के उड़ाहीकरण से प्राप्त मिट्टी और गाद का उपयोग इस कार्य में किया जाएगा। पूर्व से स्वीकृत योजना के अंतर्गत विभाग को प्राक्कलन के अनुसार राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
सूक्ष्म खाद्य उद्योग और मत्स्य पालन को मिला बूस्ट
वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के क्रियान्वयन के लिए ₹164.51 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा योजना की अवधि 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाए जाने के बाद यह निर्णय लिया गया। योजना के तहत व्यक्तिगत निवेशकों और उद्यमियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत, अधिकतम ₹10 लाख तक अनुदान मिलेगा; समूह आधारित इकाइयों को भी समान दर पर पूंजीगत अनुदान का लाभ मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, भोजपुर ज़िले के बाणासुर मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के गैर-लाभुक अवयव के अंतर्गत 'इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क' की स्थापना के लिए ₹31.20 करोड़ की लागत वाली योजना को मंज़ूरी दी गई है। इन फ़ैसलों के साथ राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, कौशल विकास, उच्च शिक्षा और कृषि-आधारित उद्योगों को एक साथ साधने का प्रयास किया है।