8 अगस्त 2026
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नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम: बिहार ईओयू ने 135 संदिग्धों पर कसी नजर, 21 जून से पहले हाई अलर्ट

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नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम: बिहार ईओयू ने 135 संदिग्धों पर कसी नजर, 21 जून से पहले हाई अलर्ट

सारांश

21 जून को नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा से पहले बिहार ईओयू ने 135 पूर्व-चिह्नित संदिग्धों पर निगरानी कड़ी कर दी है। स्पेशल मॉनिटरिंग सेल, डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नजर और सार्वजनिक एडवाइजरी — यह सब 2025 की नीट अनियमितताओं के बाद परीक्षा-तंत्र की साख बचाने की बड़ी कोशिश है।

मुख्य बातें

बिहार ईओयू ने 21 जून 2026 की नीट-यूजी री-एग्जाम से पहले स्पेशल मॉनिटरिंग सेल गठित किया।
पूर्व में धोखाधड़ी के मामलों में चिह्नित 135 संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स (X) पर विशेष डिजिटल निगरानी जारी।
शिकायत के लिए व्हाट्सएप नंबर 9031829067 और साइबर हेल्पलाइन 1930 उपलब्ध।
भ्रामक जानकारी फैलाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी; परीक्षार्थियों से केवल अधिकृत स्रोत पर भरोसा करने की अपील।

बिहार पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (ईओयू) ने 21 जून 2026 को प्रस्तावित नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा से ठीक पहले सुरक्षा और निगरानी का घेरा कड़ा कर दिया है। यूनिट ने एक स्पेशल मॉनिटरिंग सेल गठित किया है और उन 135 व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, जो पहले प्रतियोगी परीक्षाओं में धोखाधड़ी, पेपर लीक और प्रतिरूपण जैसे मामलों में चिह्नित हो चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

ईओयू ने 19 जून 2026 को एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी की, जिसमें परीक्षार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों को ठगों तथा भ्रामक सूचनाओं से सचेत रहने की अपील की गई है। अधिकारियों के अनुसार, साइबर अपराधी और असामाजिक तत्व फर्जी फोन कॉल, मैसेज, ईमेल और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पैसे के बदले प्रश्न पत्र, उत्तर कुंजी या सफलता की गारंटी देने का झूठा दावा कर सकते हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2025 के दौरान हुई अनियमितताओं की व्यापक आलोचना हुई थी और सर्वोच्च न्यायालय तक मामला पहुँचा था। गौरतलब है कि यह दूसरी बार है जब नीट की परीक्षा-प्रक्रिया की शुचिता को लेकर बिहार ईओयू को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ रही है।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी

ईओयू ने फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप और एक्स (X) सहित प्रमुख डिजिटल माध्यमों पर खास नजर रखी है। जाँचकर्ताओं को आशंका है कि धोखेबाज फर्जी प्रश्न पत्र, मनगढ़ंत उत्तर कुंजी या भ्रामक जानकारी फैलाकर न केवल परीक्षार्थियों को ठग सकते हैं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता को भी नुकसान पहुँचा सकते हैं।

यूनिट ने स्पष्ट किया है कि संदिग्ध ऑनलाइन सामग्री — जिसमें पेपर लीक या उत्तर कुंजी का दावा हो — का स्क्रीनशॉट, पोस्ट लिंक, यूआरएल और संबंधित अकाउंट की जानकारी सुरक्षित रखकर कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा करनी चाहिए।

आम जनता पर असर और सलाह

अधिकारियों ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत एजेंसियों और परीक्षा प्राधिकरण द्वारा जारी जानकारी पर ही भरोसा करें। बिना पुष्टि वाली सूचनाएँ या सोशल मीडिया पोस्ट आगे न भेजें, क्योंकि ऐसा करने पर न केवल छात्रों में अनावश्यक घबराहट फैल सकती है, बल्कि कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।

ईओयू ने संवेदनशील स्थानों और परीक्षा केंद्रों पर भी विशेष सतर्कता के निर्देश दिए हैं। परीक्षा में बाधा डालने या धोखाधड़ी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

शिकायत के लिए हेल्पलाइन

संदिग्ध गतिविधियों की तत्काल सूचना देने के लिए ईओयू ने मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर 9031829067 और नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 उपलब्ध कराई है। नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

क्या होगा आगे

ईओयू के अनुसार, 21 जून 2026 को परीक्षा संपन्न होने तक विशेष निगरानी जारी रहेगी। अधिकारियों ने कहा है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर हस्तक्षेप की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस गहरे संस्थागत संकट की याद दिलाती है जो नीट-यूजी 2025 की अनियमितताओं के बाद उजागर हुआ था। 135 संदिग्धों की निगरानी यह भी बताती है कि परीक्षा-माफिया का नेटवर्क पहले से पहचाना जा चुका है — फिर भी वे बार-बार सक्रिय होते हैं, जो निवारण तंत्र की सीमाओं को रेखांकित करता है। असली सवाल यह है कि क्या केवल निगरानी पर्याप्त है, या परीक्षा-प्रक्रिया में संरचनात्मक सुधार — जैसे बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल-टाइम डिजिटल ऑडिट — की जरूरत है। जब तक जवाबदेही का ढाँचा मजबूत नहीं होता, हर परीक्षा से पहले यही आपात सतर्कता दोहराई जाती रहेगी।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम कब होगी और बिहार ईओयू क्यों अलर्ट है?
नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को निर्धारित है। बिहार ईओयू ने परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने और धोखाधड़ी रोकने के लिए स्पेशल मॉनिटरिंग सेल गठित किया है तथा 135 पूर्व-चिह्नित संदिग्धों पर नजर रखी है।
बिहार ईओयू ने किन 135 लोगों पर नजर रखी है?
ये वे व्यक्ति हैं जो पहले प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, धोखाधड़ी, प्रतिरूपण और अन्य अनियमितताओं के मामलों में चिह्नित हो चुके हैं। ईओयू के अनुसार इन पर परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान विशेष निगरानी रखी जा रही है।
नीट परीक्षार्थियों को साइबर फ्रॉड से कैसे बचना चाहिए?
अधिकारियों ने सलाह दी है कि पैसे के बदले प्रश्न पत्र या उत्तर कुंजी देने का दावा करने वाले किसी भी कॉल, मैसेज या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा न करें। ऐसी किसी भी सामग्री का स्क्रीनशॉट लेकर हेल्पलाइन 1930 या व्हाट्सएप नंबर 9031829067 पर तुरंत रिपोर्ट करें।
नीट 2026 री-एग्जाम से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत कहाँ करें?
बिहार ईओयू ने मोबाइल/व्हाट्सएप नंबर 9031829067 और नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 जारी की है। इसके अलावा नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
नीट परीक्षा में धोखाधड़ी करने पर क्या कार्रवाई होगी?
ईओयू ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि परीक्षा में बाधा डालने या धोखाधड़ी में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भ्रामक जानकारी फैलाना भी दंडनीय माना जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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