24 जुलाई 2026
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नीट-2026 पुनर्परीक्षा: बिहार पुलिस ईओयू की एडवाइजरी, साइबर ठगी और फर्जी पेपर से सावधान रहें

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नीट-2026 पुनर्परीक्षा: बिहार पुलिस ईओयू की एडवाइजरी, साइबर ठगी और फर्जी पेपर से सावधान रहें

सारांश

21 जून की नीट-2026 पुनर्परीक्षा से पहले बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई मैदान में है — फर्जी पेपर बेचने वालों और साइबर ठगों के खिलाफ। दोषियों को 10 साल जेल और ₹1 करोड़ जुर्माने की चेतावनी के साथ, शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1930 और व्हाट्सएप नंबर 9031829067 सक्रिय।

मुख्य बातें

बिहार पुलिस ईओयू ने 9 जून 2026 को नीट-2026 पुनर्परीक्षा को लेकर साइबर ठगी और अफवाहों के विरुद्ध एडवाइजरी जारी की।
नीट-2026 पुनर्परीक्षा बिहार के विभिन्न जिलों में 21 जून 2026 को आयोजित होनी है।
फर्जी प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र दिलाने के नाम पर ठगी की सूचना व्हाट्सएप नंबर 9031829067 या हेल्पलाइन 1930 पर दें।
दोषियों को 10 वर्ष तक कारावास और ₹1 करोड़ तक जुर्माने का प्रावधान है।
सोशल मीडिया पर वायरल पेपर की पोस्ट और यूआरएल तुरंत पुलिस को भेजने की अपील।

बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने 9 जून 2026 को नीट-2026 पुनर्परीक्षा को लेकर एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, जिसमें अभ्यर्थियों और अभिभावकों को साइबर ठगी, फर्जी प्रश्नपत्र और अफवाहों से सतर्क रहने की चेतावनी दी गई है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित यह पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को बिहार के विभिन्न जिलों में संपन्न होनी है।

एडवाइजरी में क्या कहा गया

ईओयू ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्व और साइबर अपराधी फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप तथा अन्य डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सूचनाएँ फैला सकते हैं। इकाई ने अभ्यर्थियों को आगाह किया कि यदि कोई व्यक्ति फोन, सोशल मीडिया या ई-मेल के ज़रिए प्रश्नपत्र अथवा उत्तरपत्र दिलाने के बदले पैसे माँगे, तो तत्काल नज़दीकी थाने या साइबर थाने को सूचित करें।

वायरल पोस्ट पर क्या करें

पुलिस ने कहा है कि यदि सोशल मीडिया पर कोई प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र वायरल होता दिखे, तो संबंधित पोस्ट और उसका यूआरएल तुरंत ईओयू को उपलब्ध कराएँ। इससे सत्यता की जाँच कर दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई संभव होगी। किसी भी अफवाह या भ्रामक संदेश को आगे फॉरवर्ड न करने की भी अपील की गई है।

शिकायत कहाँ दर्ज कराएँ

परीक्षा में गड़बड़ी की कोई भी सूचना आर्थिक अपराध इकाई, पटना के मोबाइल एवं व्हाट्सएप नंबर 9031829067 पर दी जा सकती है। साइबर ठगी की शिकायत के लिए राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल का हेल्पलाइन नंबर 1930 भी उपलब्ध है।

कानूनी प्रावधान और दंड

ईओयू ने स्मरण कराया कि सार्वजनिक परीक्षाओं में कदाचार रोकने के लिए दोषियों को 10 वर्ष तक के कारावास और ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त भारतीय न्याय संहिता, 2023 में भी परीक्षा में गड़बड़ी रोकने हेतु कड़े दंडात्मक प्रावधान शामिल हैं। गौरतलब है कि नीट-2025 में पेपर लीक के आरोपों के बाद यह पुनर्परीक्षा आयोजित की जा रही है, जिससे इस बार प्रशासनिक सतर्कता कहीं अधिक है।

अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील

बिहार पुलिस ने अभ्यर्थियों और उनके परिजनों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी अफवाह या लालच में न आएँ और परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए जा रहे हैं और छात्र समुदाय पारदर्शी प्रक्रिया की माँग कर रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसने लाखों छात्रों का भरोसा तोड़ा था। सवाल यह है कि क्या महज़ हेल्पलाइन नंबर और कानूनी धाराओं की सूची उस भरोसे को बहाल करने के लिए पर्याप्त है, जो संस्थागत विफलता से टूटा था। परीक्षा की पवित्रता की ज़िम्मेदारी केवल अभ्यर्थियों पर डालना एक अधूरा जवाब है — असली परीक्षण यह होगा कि एनटीए और बिहार प्रशासन परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और पारदर्शिता के ठोस प्रमाण दे सकते हैं या नहीं।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-2026 पुनर्परीक्षा कब और कहाँ होगी?
नीट-2026 की लिखित पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को बिहार के विभिन्न जिलों में आयोजित की जानी है। यह परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा संचालित की जाएगी।
बिहार पुलिस ईओयू ने नीट परीक्षा को लेकर क्या चेतावनी दी है?
आर्थिक अपराध इकाई ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी फर्जी प्रश्नपत्र या उत्तरपत्र दिलाने के नाम पर पैसे माँग सकते हैं और सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएँ फैला सकते हैं। अभ्यर्थियों से कहा गया है कि वे किसी भी ऐसे संपर्क की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
नीट-2026 से जुड़ी साइबर ठगी की शिकायत कहाँ करें?
शिकायत बिहार ईओयू के व्हाट्सएप नंबर 9031829067 पर या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दर्ज कराई जा सकती है। सोशल मीडिया पर वायरल पेपर की पोस्ट का यूआरएल भी इन्हीं माध्यमों से पुलिस को भेजें।
नीट परीक्षा में गड़बड़ी करने पर क्या सज़ा है?
सार्वजनिक परीक्षाओं में कदाचार के लिए दोषियों को 10 वर्ष तक के कारावास और ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है। भारतीय न्याय संहिता, 2023 में भी इस संबंध में कड़े दंडात्मक प्रावधान हैं।
क्या सोशल मीडिया पर नीट का पेपर वायरल होने पर उसे शेयर करना गलत है?
हाँ, ईओयू ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी भ्रामक या अफवाहपूर्ण संदेश को आगे फॉरवर्ड न करें। इसके बजाय संबंधित पोस्ट और उसका यूआरएल तुरंत पुलिस को सौंपें ताकि सत्यता की जाँच हो सके।
राष्ट्र प्रेस
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