बिहार का जर्दालू आम पहुँचेगा राष्ट्रपति और PM मोदी तक, 8 टन की विशेष खेप तैयार
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भागलपुर का विश्वप्रसिद्ध जर्दालू आम इस वर्ष देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों तक पहुँचेगा — राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, समस्त केंद्रीय मंत्री और देश-विदेश से आने वाले प्रतिनिधिमंडलों को यह खास उपहार भेजा जाएगा। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर राज्य से लगभग 8 टन जर्दालू आम की विशेष खेप तैयार की जा रही है।
पैकेजिंग और प्रसंस्करण की तैयारी
पटना के बिहटा स्थित प्रोसेसिंग यूनिट में आमों की विशेष पैकिंग का काम शुरू हो चुका है। सोमवार, 1 जून को बिहार की उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने स्वयं पैकेजिंग कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने बिहटा स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो का भी भ्रमण कर कंटेनर हैंडलिंग, माल परिवहन और निर्यात प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से प्राप्त की।
बिहार के पहले इंटीग्रेटेड इर्रैडिएशन सेंटर की भूमिका
मंत्री श्रेयसी सिंह ने बिहटा औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित इंटीग्रेटेड इर्रैडिएशन सेंटर का भी निरीक्षण किया। यह बिहार का पहला रेडिएशन सेंटर है जो नवीनतम तकनीक पर आधारित है। यहाँ पैक हाउस, कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक प्रसंस्करण सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जिनसे कृषि एवं खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और भंडारण क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
किसानों को फायदा और विस्तार की योजना
मंत्री ने बताया कि इस रेडिएशन सेंटर से बिहार के किसानों को निर्यात में सीधा लाभ मिल रहा है। आने वाले समय में ऐसे केंद्र बिहार के विभिन्न जिलों में भी स्थापित किए जाएंगे, ताकि निर्यात-आयात की प्रक्रिया सुगम हो सके। यह कदम बिहार के कृषि निर्यात को नई ऊँचाई देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जर्दालू आम: बिहार की पहचान
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि जर्दालू आम केवल एक फल नहीं, बल्कि बिहार की पहचान और गौरव का प्रतीक है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में भी बिहार के जर्दालू आम की विशेष चर्चा कर चुके हैं। जर्दालू आम को GI (भौगोलिक संकेत) टैग प्राप्त है, जो इसकी विशिष्टता और क्षेत्रीय पहचान को और पुख्ता करता है।
आगे क्या
पैकेजिंग पूरी होने के बाद यह खेप राष्ट्रपति भवन, प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय मंत्रालयों को भेजी जाएगी। बिहार सरकार की इस पहल से राज्य के आम उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।