बीएयू सबौर में राष्ट्रीय आम समागम: 1,000 से अधिक किस्में प्रदर्शित, जर्दालू और मियाजाकी बने आकर्षण का केंद्र
सारांश
मुख्य बातें
बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर, भागलपुर में 27 जून 2026 को दो दिवसीय राष्ट्रीय आम समागम-सह-कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। देशभर से संकलित 1,000 से अधिक आम किस्मों की प्रदर्शनी ने किसानों, वैज्ञानिकों और आम प्रेमियों को एक साझा मंच पर ला खड़ा किया। इस भव्य आयोजन ने विश्वविद्यालय परिसर को सही मायनों में 'आममय' बना दिया।
उद्घाटन और मुख्य अतिथि
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने किया। इस अवसर पर भागलपुर के सांसद अजय मंडल, विधायक रोहित पांडे, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के सहायक निदेशक (उद्यानिकी) डॉ. विश्वबंधु पटेल और एआईसीआरपी बेंगलुरु के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. प्रकाश पाटिल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने अतिथियों को अंगवस्त्र, जर्दालू आम के पौधे एवं फल भेंट कर उनका स्वागत किया।
सबौर की ऐतिहासिक भूमिका और बिहार की छलांग
कुलपति डॉ. डीआर सिंह ने बताया कि सबौर आम अनुसंधान की ऐतिहासिक भूमि रही है — विश्व की पहली संकर (हाइब्रिड) आम किस्म वर्ष 1951 में यहीं विकसित की गई थी। विश्वविद्यालय के अथक प्रयासों की बदौलत भागलपुर के जर्दालू आम को प्रतिष्ठित जीआई टैग भी प्राप्त हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि बिहार आम उत्पादन में देशभर में सातवें स्थान से उठकर अब तीसरे स्थान पर पहुँच चुका है — यह कृषि नीति और अनुसंधान का मिला-जुला परिणाम है।
प्रदर्शनी में दुर्लभ और विदेशी किस्में
प्रदर्शनी में जापान का विश्वप्रसिद्ध मियाजाकी आम, नूरजहां, आइसक्रीम आम, एप्पल मैंगो, लगभग ढाई किलोग्राम वजन वाला गदाधार आम, क्यूज़म मैंगो, काजू आम और थाईलैंड की रेड इनोवरी जैसी दुर्लभ किस्में दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहीं। इनके साथ ही जर्दालू, केसर, फाजली, मालदह, हिमसागर, गुलाबखास और आम्रपाली सहित देसी किस्मों की भी भरपूर प्रदर्शनी लगाई गई।
सम्मान और प्रतियोगिताएँ
आयोजन में बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के चार उत्कृष्ट आम उत्पादकों को सम्मानित किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, सबौर को उत्कृष्ट प्रदर्शनी के लिए विशेष सम्मान प्राप्त हुआ। आगंतुक प्रदर्शनी स्थल से विभिन्न किस्मों के आम और पौधे सीधे खरीद भी सकते हैं। इसके अलावा चर्चित 'आम खाओ प्रतियोगिता' में सर्वाधिक आम खाने वाले प्रतिभागी को पुरस्कृत किया जाएगा।
दूसरे दिन का कार्यक्रम
समागम के दूसरे दिन बिहार के राज्यपाल सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन और कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के शामिल होने का कार्यक्रम है, जो उत्कृष्ट प्रतिभागियों को सम्मानित करेंगे। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बीएयू की शोध गति बिहार की वैश्विक कृषि पहचान को और सुदृढ़ करेगी, जबकि सांसद अजय मंडल ने भागलपुर को 'सिल्क सिटी' के साथ-साथ अब 'जर्दालू सिटी' के रूप में उभरती नई पहचान देने की बात कही। यह आयोजन भारत के आम अनुसंधान और किसान-वैज्ञानिक संवाद की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।