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बिहार एमएलसी चुनाव: जेडीयू ने महिला, अति पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग को दिया प्रतिनिधित्व

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बिहार एमएलसी चुनाव: जेडीयू ने महिला, अति पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग को दिया प्रतिनिधित्व

सारांश

बिहार एमएलसी चुनाव में जेडीयू ने महिलाओं और पिछड़े वर्गों को उम्मीदवारी देकर सामाजिक संतुलन का संदेश दिया है। BJP के साथ समन्वय की पुष्टि करते हुए राजीव रंजन ने गठबंधन की एकजुटता पर जोर दिया। पटना कोचिंग विवाद में खान सर पर FIR दर्ज होने की भी पुष्टि हुई।

मुख्य बातें

जेडीयू ने बिहार एमएलसी चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा में महिलाओं, अति पिछड़ा वर्ग और पिछड़ा वर्ग को प्राथमिकता दी।
घोषित उम्मीदवारों में निशांत कुमार , डॉ.
भारती मेहता , शिवानी प्रजापति और ललन प्रसाद शामिल हैं।
राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने जेडीयू और BJP के बीच पूर्ण समन्वय और सहमति की पुष्टि की।
पटना कोचिंग विवाद में रौशन आनंद के जेल जाने के बाद खान सर के खिलाफ भी FIR दर्ज; पटना पुलिस जाँच कर रही है।

बिहार विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए सामाजिक संतुलन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने 5 जून 2026 को पटना में कहा कि जेडीयू और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों ने समन्वय के साथ उम्मीदवारों का चयन किया है, जिसमें महिलाओं, अति पिछड़ा वर्ग और पिछड़ा वर्ग को विशेष स्थान दिया गया है।

उम्मीदवार सूची में सामाजिक संतुलन

राजीव रंजन के अनुसार, जेडीयू की उम्मीदवार सूची में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण की स्पष्ट झलक मिलती है। पार्टी ने आधी आबादी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया है। उनका कहना था कि यह कदम केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।

घोषित उम्मीदवारों में निशांत कुमार का नाम शामिल है, जिन्हें पार्टी एक लोकप्रिय युवा नेता के रूप में प्रस्तुत कर रही है। इसके अलावा पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. भारती मेहता, पश्चिम चंपारण जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष शिवानी प्रजापति, और ललन प्रसाद को भी उम्मीदवार बनाया गया है।

गठबंधन की एकजुटता का संदेश

राजीव रंजन ने दावा किया कि घटक दलों के बीच पूर्ण सहमति और समन्वय के साथ यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, 'पूरे समन्वय और सामंजस्य के साथ घटक दलों की परस्पर सहमति से उम्मीदवारों की जो घोषणा है, उससे बिल्कुल स्पष्ट है कि समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा की गई है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार में विधान परिषद चुनाव की रणनीतिक अहमियत बढ़ी हुई है और सत्तारूढ़ गठबंधन अपनी एकजुटता प्रदर्शित करने में जुटा है।

पटना कोचिंग विवाद पर प्रतिक्रिया

राजीव रंजन ने इसी दौरान पटना के कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद में रौशन आनंद के जेल जाने के बाद अब खान सर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज हो गई है। उन्होंने कहा कि पटना पुलिस मामले की जाँच कर रही है और जो भी दोषी पाए जाएँगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आगे क्या

बिहार एमएलसी चुनाव में जेडीयू की इस उम्मीदवार सूची से स्पष्ट है कि पार्टी सामाजिक समीकरणों को साधते हुए चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है। गठबंधन की आपसी सहमति और वर्ग-संतुलित उम्मीदवारी यह संकेत देती है कि सत्तारूढ़ दल चुनाव को एकजुट होकर लड़ने का इरादा रखते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जीत के बाद नीतिगत प्राथमिकताओं में वही चेहरे कितने प्रभावशाली रहते हैं, यह सवाल अनुत्तरित रहता है। महिलाओं और अति पिछड़ा वर्ग को उम्मीदवारी देना स्वागतयोग्य है, परंतु विधान परिषद में इन वर्गों की वास्तविक विधायी भागीदारी मापने का कोई पारदर्शी ढाँचा नहीं है। पटना कोचिंग विवाद पर पार्टी प्रवक्ता की 'जो दोषी होगा कार्रवाई होगी' जैसी सतर्क प्रतिक्रिया यह भी दर्शाती है कि मामला राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार एमएलसी चुनाव में जेडीयू ने किन्हें उम्मीदवार बनाया है?
जेडीयू ने निशांत कुमार, डॉ. भारती मेहता, शिवानी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी के अनुसार इन नामों का चयन सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक मजबूती को ध्यान में रखकर किया गया है।
जेडीयू ने उम्मीदवार चयन में किन वर्गों को प्राथमिकता दी है?
जेडीयू ने महिलाओं, अति पिछड़ा वर्ग और पिछड़ा वर्ग को उम्मीदवारी में विशेष प्रतिनिधित्व दिया है। राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन के अनुसार यह कदम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के महिला सशक्तिकरण के एजेंडे को भी आगे बढ़ाता है।
बिहार एमएलसी चुनाव में जेडीयू और BJP के बीच क्या तालमेल है?
राजीव रंजन ने पुष्टि की है कि जेडीयू और BJP ने परस्पर सहमति और समन्वय के साथ अपने-अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। दोनों दलों के बीच सीट-बँटवारे में गठबंधन की एकजुटता बनाए रखी गई है।
पटना कोचिंग विवाद में खान सर पर FIR क्यों दर्ज हुई?
खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद में रौशन आनंद के जेल जाने के बाद खान सर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। पटना पुलिस मामले की जाँच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
बिहार विधान परिषद चुनाव का राजनीतिक महत्व क्या है?
बिहार विधान परिषद चुनाव सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए अपनी सामाजिक पकड़ और एकजुटता प्रदर्शित करने का अवसर है। इन चुनावों में वर्ग-संतुलित उम्मीदवारी से पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के लिए भी जमीन तैयार करती है।
राष्ट्र प्रेस
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