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श्रावणी मेला 2025: 30 जुलाई से 28 अगस्त तक, सुल्तानगंज से दुम्मा तक पूरा मेला पथ होगा 'शिवमय'

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श्रावणी मेला 2025: 30 जुलाई से 28 अगस्त तक, सुल्तानगंज से दुम्मा तक पूरा मेला पथ होगा 'शिवमय'

सारांश

बिहार सरकार ने श्रावणी मेला 2025 की तैयारियाँ तेज़ कर दी हैं। 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस मेले में सुल्तानगंज से दुम्मा तक पूरा मेला पथ 'शिवमय' बनेगा — ड्रोन शो, लेजर शो और 2,650 से अधिक बेड की टेंट सिटी के साथ यह अब तक का सबसे भव्य आयोजन होने की तैयारी है।

मुख्य बातें

श्रावणी मेला 2025 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक बिहार में होगा।
सुल्तानगंज से बिहार सीमा दुम्मा तक पूरे मेला पथ को 'शिवमय' स्वरूप दिया जाएगा — भव्य प्रवेश द्वार, प्रकाश व्यवस्था और शिव मंत्रों की ध्वनि के साथ।
कुल 2,650 से अधिक बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी भागलपुर, बांका और मुंगेर जिलों में बनेंगी।
पहली बार असरगंज, तारापुर और संग्रामपुर में टेंट सिटी विकसित की जाएगी।
लाइट एंड साउंड शो, फाउंटेन शो, लेजर शो और ड्रोन शो से मेले की धार्मिक-सांस्कृतिक महत्ता प्रदर्शित होगी।
उद्घाटन व समापन समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार प्रस्तुति देंगे।

बिहार सरकार ने श्रावणी मेला 2025 की तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बुधवार, 10 जून को पटना स्थित विभागीय कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें भागलपुर, मुंगेर और बांका जिलों के जिला पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुए। इस वर्ष मेले का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त 2025 तक किया जाएगा।

मेला पथ को मिलेगा 'शिवमय' स्वरूप

पर्यटन सचिव ने बताया कि बाबा अजगैबीनाथ धाम, सुल्तानगंज से बिहार सीमा दुम्मा तक संपूर्ण श्रावणी मेला पथ को इस बार 'शिवमय' रूप दिया जाएगा। मार्ग पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, विशेष साज-सज्जा और शिव मंत्रों की ध्वनि की व्यवस्था होगी। अजगैबीनाथ मंदिर और विभिन्न टेंट सिटी में लाइट एंड साउंड शो, फाउंटेन शो, लेजर शो और ड्रोन शो के माध्यम से मेले की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को प्रदर्शित किया जाएगा।

टेंट सिटी में 2,650 से अधिक बेड की व्यवस्था

श्रद्धालुओं के आवास के लिए इस वर्ष कई स्थानों पर टेंट सिटी विकसित की जाएंगी। सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ परिसर में 500 बेड की क्षमता होगी। बांका जिले के अबरखा में 600 बेड, धौरी में 200 बेड और गोड़ियारी में 250 बेड की व्यवस्था की जाएगी।

मुंगेर जिले के खैरा और धोबई में 200-200 बेड की टेंट सिटी बनेगी। पहली बार असरगंज में 300 बेड, तारापुर में 200 बेड और संग्रामपुर में 200 बेड की क्षमता वाली टेंट सिटी विकसित की जाएगी। सभी टेंट सिटी में पेयजल, स्वास्थ्य सुविधा, स्वच्छता, बिजली, कांवड़ स्टैंड और जीविका दीदियों की रसोई भी संचालित होगी।

श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएँ

मेला अवधि के दौरान कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को टेंट सिटी, शौचालय, स्नानघर, शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली आपूर्ति, कांवड़ स्टैंड और सूचना केंद्र जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएँ।

सांस्कृतिक कार्यक्रम और कलाकारों की प्रस्तुति

उद्घाटन और समापन समारोह में राष्ट्रीय स्तर के कलाकार प्रस्तुति देंगे। प्रत्येक सोमवार को राज्यस्तरीय और अन्य दिनों में जिलास्तरीय कलाकार श्रद्धालुओं का मनोरंजन करेंगे। मेला अवधि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निरंतर श्रृंखला आयोजित की जाएगी।

बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

समीक्षा बैठक में बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक नंदकिशोर, पर्यटन निदेशक एवं विशेष सचिव उदयन मिश्रा और जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी हिमांशु शर्मा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस वर्ष श्रावणी मेले को अधिक सुव्यवस्थित, आकर्षक और श्रद्धालु-हितैषी बनाया जाए — जो बिहार को धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर और मज़बूती से स्थापित करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — पिछले वर्षों में भीड़ प्रबंधन और बुनियादी स्वच्छता को लेकर शिकायतें आती रही हैं। यदि इस बार की व्यवस्था वादे के अनुरूप रही, तो यह बिहार के धार्मिक पर्यटन मॉडल के लिए एक मज़बूत नज़ीर बन सकती है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

श्रावणी मेला 2025 कब और कहाँ होगा?
श्रावणी मेला 2025 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक बिहार में होगा। मुख्य केंद्र सुल्तानगंज स्थित बाबा अजगैबीनाथ धाम है, और मेला पथ सुल्तानगंज से बिहार सीमा दुम्मा तक फैला होगा।
मेला पथ को 'शिवमय' बनाने का क्या मतलब है?
इस वर्ष सुल्तानगंज से दुम्मा तक पूरे मेला मार्ग पर भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, विशेष साज-सज्जा और शिव मंत्रों की ध्वनि की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा अजगैबीनाथ मंदिर और टेंट सिटी में लाइट एंड साउंड शो, लेजर शो और ड्रोन शो भी होंगे।
श्रावणी मेले में टेंट सिटी की व्यवस्था कहाँ-कहाँ होगी?
सुल्तानगंज में 500 बेड, बांका जिले के अबरखा में 600, धौरी में 200, गोड़ियारी में 250, मुंगेर के खैरा और धोबई में 200-200 बेड की टेंट सिटी बनेगी। पहली बार असरगंज में 300, तारापुर में 200 और संग्रामपुर में 200 बेड की व्यवस्था की जाएगी।
कांवड़ियों के लिए कौन-सी सुविधाएँ उपलब्ध होंगी?
मेला अवधि में श्रद्धालुओं को शौचालय, स्नानघर, शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली, कांवड़ स्टैंड और सूचना केंद्र की सुविधा मिलेगी। सभी टेंट सिटी में जीविका दीदियों की रसोई भी संचालित होगी।
मेले की तैयारियों की समीक्षा किसने की?
पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने 10 जून को पटना में समीक्षा बैठक की, जिसमें भागलपुर, मुंगेर और बांका के जिला पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े। बैठक में बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के MD नंदकिशोर, पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा और जीविका के CEO हिमांशु शर्मा भी उपस्थित रहे।
राष्ट्र प्रेस
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