बिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: सीतामढ़ी मेडिकल कॉलेज अस्पताल का नाम अब 'माता सीता' के नाम पर
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार, 6 मई 2026 को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सीतामढ़ी जिले में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का नाम माता सीता के नाम पर रखने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में कुल 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें शहरी विकास, न्यायिक ढाँचे और तकनीकी शिक्षा से जुड़े अहम फैसले शामिल हैं।
सीतामढ़ी का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व
सीतामढ़ी, बिहार के मिथिला क्षेत्र में स्थित एक पावन धार्मिक स्थल है, जिसे माता सीता की जन्मभूमि के रूप में मान्यता प्राप्त है। रामायण काल से जुड़ा यह तीर्थ स्थल हिंदू श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसे में इस स्थान पर निर्मित होने वाले चिकित्सा महाविद्यालय का नाम माता सीता के नाम पर रखे जाने को सांस्कृतिक दृष्टि से भी प्रासंगिक माना जा रहा है।
पटना एयरपोर्ट के लिए भूमि हस्तांतरण
मंत्रिमंडल ने पटना के औद्योगिक क्षेत्र (शहरी) में एयरपोर्ट कैम्पस से सटे बियाडा की 1.85 एकड़ भूमि (रास्ता सहित) को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI), पटना को निःशुल्क हस्तांतरित करने का निर्णय लिया। अधिकारियों के अनुसार, यह भूमि एयरपोर्ट से संबंधित आधारभूत संरचना अथवा अन्य कार्यों के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
BIT मेसरा और विश्व बैंक ऋण पर अहम निर्णय
बैठक में बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (BIT) मेसरा, रांची के पटना स्थित विस्तार केंद्र के लिए विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, बिहार और BIT मेसरा के बीच किए गए समझौता ज्ञापन (MoU) की अवधि 16 दिसंबर 2030 तक बढ़ाने की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा, राज्य के चयनित शहरी केंद्रों के समग्र विकास के लिए विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर के ऋण की सहायता से बिहार अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम लागू करने की सैद्धांतिक स्वीकृति भी दी गई। सरकार के अनुसार, यह कार्यक्रम राज्य में सतत, जलवायु-संवेदनशील और आर्थिक रूप से सशक्त शहरीकरण की दिशा में एक प्रमुख पहल होगी, जिससे दीर्घकालिक शहरी विकास एवं निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
न्यायिक ढाँचे को मिली मजबूती
मंत्रिमंडल ने दरभंगा न्यायमंडल के अंतर्गत बेनीपुर अनुमंडलीय न्यायालय एवं मधुबनी (सदर) न्यायमंडल में एक-एक जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय हेतु अराजपत्रित कोटि के कुल 18 विभिन्न पदों के सृजन की भी स्वीकृति प्रदान की। यह निर्णय इन क्षेत्रों में न्यायिक क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि इस मंत्रिमंडल बैठक के ठीक अगले दिन यानी गुरुवार, 7 मई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में मंत्रिमंडल विस्तार भी होना था। माता सीता के नाम पर मेडिकल कॉलेज का नामकरण और अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम — दोनों मिलकर बिहार सरकार की सांस्कृतिक पहचान और विकास की दोहरी प्राथमिकता को रेखांकित करते हैं।