क्या महागठबंधन में सीटों को लेकर अब भी उलझन बनी हुई है?

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क्या महागठबंधन में सीटों को लेकर अब भी उलझन बनी हुई है?

सारांश

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण का नामांकन समाप्त हो चुका है, लेकिन महागठबंधन में सीटों को लेकर अभी भी स्थिति अस्पष्ट है। क्या दोस्ताना संघर्ष की संभावना बढ़ रही है? जानिए इस चुनावी परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण जानकारियां।

मुख्य बातें

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया समाप्त हो गई है।
महागठबंधन में कुछ सीटों पर अभी भी निर्णय नहीं हुआ है।
राजद ने अपने उम्मीदवारों की सूची अभी तक जारी नहीं की है।
दोस्ताना संघर्ष की संभावना बढ़ी है।
चुनाव का मुख्य मुकाबला महागठबंधन और एनडीए के बीच होगा।

पटना, 19 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में छह नवम्बर को 18 जिलों के 121 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान की प्रक्रिया के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का कार्य शुक्रवार को समाप्त हो गया। हालांकि, विपक्षी दलों के महागठबंधन में अब तक सीटों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं हो सका है। इस स्थिति में कुछ सीटों पर दोस्ताना संघर्ष की संभावना बढ़ गई है।

महागठबंधन में शामिल विभिन्न दलों ने कई सीटों पर अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसी बीच, झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भी अकेले चुनाव लड़ने की बात कही है और छह सीटों पर चुनावी मैदान में उतरने का ऐलान किया है। गठबंधन के नेताओं का कहना है कि कुछ सीटों पर वार्ता अभी भी जारी है।

दूसरे चरण के चुनाव के लिए आज से नामांकन प्रक्रिया तेजी पकड़ चुकी है। नामांकन भरने के लिए अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन महागठबंधन में शामिल प्रमुख दल राजद ने अब तक उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है। यह उल्लेखनीय है कि टिकटों का वितरण जारी है और उम्मीदवारों द्वारा नामांकन भी भरे जा रहे हैं। लालगंज से राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम के खिलाफ राजद ने सुरेश पासवान को अपना प्रत्याशी बनाया है।

सिकंदरा में भी राजद और कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है, जबकि वारसलीगंज में राजद ने अनिता देवी को और कांग्रेस ने सतीश कुमार सिंह को चुनावी प्रतीक दे दिया है।

सूत्रों के मुताबिक, लगभग दस ऐसी सीटें हैं, जिन पर महागठबंधन के दलों के बीच अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है। महागठबंधन में राजद, कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी और वामपंथी दल सम्मिलित हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को आयोजित होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी।

इस बीच, राजद ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से यह बताया है कि कुछ लोग यह दावा कर रहे हैं कि राष्ट्रीय जनता दल इस सीट पर भी उम्मीदवार दे रहा है, लेकिन ऐसी बातें वास्तविकता से दूर हैं। इस चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नेतृत्व वाले एनडीए और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन के बीच होने की उम्मीद है। इसके अलावा कई अन्य पार्टियां भी चुनावी मैदान में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह निश्चित रूप से राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित करेगा। सभी दलों को चाहिए कि वे अपने मतदाताओं के प्रति स्पष्टता बनाए रखें। महागठबंधन और एनडीए के बीच मुकाबला रोचक होगा, लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि सभी दल एकजुटता और पारदर्शिता के साथ चुनाव में भाग लें।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधानसभा चुनाव कब होंगे?
बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण 6 नवंबर को और दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा।
महागठबंधन में कौन-कौन से दल शामिल हैं?
महागठबंधन में राजद , कांग्रेस , विकासशील इंसान पार्टी और वामपंथी दल शामिल हैं।
क्या दोस्ताना संघर्ष की संभावना है?
कुछ सीटों पर दोस्ताना संघर्ष की संभावना बढ़ गई है, हालांकि अभी भी बातचीत चल रही है।
कौन से प्रमुख उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं?
राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार लालगंज और वारसलीगंज जैसे क्षेत्रों में चुनावी मैदान में हैं।
राष्ट्र प्रेस
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