ओडिशा में BJP राज के 24 महीनों में 23 पेपर लीक: BJD का आरोप, मेडिकल PG परीक्षा जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
बीजू जनता दल (BJD) ने 31 जुलाई को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार के 24 महीनों के कार्यकाल में प्रश्न पत्र लीक की 23 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो राज्य की परीक्षा प्रणाली पर सरकार की पकड़ की विफलता को उजागर करती हैं। पार्टी ने 27 जुलाई को आयोजित ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (OUHS) की मेडिकल पोस्ट-ग्रेजुएट (MD/MS) परीक्षा में कथित पेपर लीक की गहन जांच की मांग की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगे आरोप
भुवनेश्वर के शंख भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJD विधायक अरुण कुमार साहू और BJD उपाध्यक्ष प्रताप जेना ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। साहू ने आरोप लगाया कि ओडिशा और देश दोनों में प्रश्न पत्र लीक होना अब एक आम बात बन चुकी है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं को लोग अब 'इंडियन पेपर लीक (IPL)' कहने लगे हैं — एक तुलना जो उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग से की।
साहू के अनुसार, 27 जुलाई की OUHS मेडिकल PG परीक्षा के दौरान कथित तौर पर प्रश्न पत्र व्हाट्सएप के ज़रिए अलग-अलग मोबाइल फोन पर प्रसारित किया जा रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि केवल प्रश्न पत्र ही नहीं, बल्कि उसके उत्तर भी मोबाइल डिवाइस पर घूम रहे थे।
NEET विवाद से जोड़ा मामला
वरिष्ठ BJD नेता प्रताप जेना ने कहा कि NEET प्रश्न पत्र लीक ने पूरे देश को हिला दिया था, और ओडिशा में मेडिकल PG परीक्षा के कथित लीक ने आम जनता की चिंता को और गहरा कर दिया है। उन्होंने बताया कि NEET विवाद के बाद केंद्र सरकार ने 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024' लागू किया, जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी सज़ा का प्रावधान है।
गौरतलब है कि ओडिशा विधानसभा ने भी दिसंबर 2024 में 'ओडिशा पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024' पारित किया था। जेना ने सवाल उठाया कि इतने सख्त कानूनी प्रावधानों के बावजूद ओडिशा में पेपर लीक की घटनाएं क्यों नहीं रुक रहीं।
सरकार की जवाबदेही पर सवाल
BJD का आरोप है कि BJP सरकार के 24 महीनों में 23 परीक्षाओं में गड़बड़ियां दर्ज हुई हैं, जो यह दर्शाता है कि राज्य सरकार परीक्षा तंत्र पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने में नाकाम रही है। जेना के अनुसार, इन घटनाओं की पुनरावृत्ति प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर सार्वजनिक विश्वास पहले से कमज़ोर है। ओडिशा में यह मुद्दा अब राज्य विधानसभा में भी गूंजने की संभावना है।
आगे क्या होगा
BJD ने OUHS मेडिकल PG परीक्षा के कथित पेपर लीक की स्वतंत्र और गहन जांच की मांग की है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती, तो वे इस मुद्दे को और मज़बूती से उठाएंगे। राज्य सरकार की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।