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ओडिशा में BJP राज के 24 महीनों में 23 पेपर लीक: BJD का आरोप, मेडिकल PG परीक्षा जांच की मांग

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ओडिशा में BJP राज के 24 महीनों में 23 पेपर लीक: BJD का आरोप, मेडिकल PG परीक्षा जांच की मांग

सारांश

BJD ने दावा किया कि ओडिशा में BJP सरकार के 24 महीनों में 23 पेपर लीक हो चुके हैं। ताज़ा मामला 27 जुलाई की OUHS मेडिकल PG परीक्षा का है, जहाँ कथित तौर पर व्हाट्सएप पर प्रश्न पत्र और उत्तर दोनों फैलाए गए। सख्त कानून होने के बावजूद घटनाएं नहीं रुकीं — यह सवाल अब राजनीतिक केंद्र में है।

मुख्य बातें

BJD ने आरोप लगाया कि BJP सरकार के 24 महीनों में ओडिशा में पेपर लीक की 23 घटनाएं हुईं।
27 जुलाई को आयोजित OUHS मेडिकल PG (MD/MS) परीक्षा में कथित तौर पर व्हाट्सएप के ज़रिए प्रश्न पत्र और उत्तर दोनों प्रसारित किए गए।
BJD विधायक अरुण कुमार साहू और उपाध्यक्ष प्रताप जेना ने भुवनेश्वर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच की मांग की।
ओडिशा विधानसभा ने दिसंबर 2024 में 'ओडिशा पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024' पारित किया था, फिर भी घटनाएं जारी रहीं।
राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

बीजू जनता दल (BJD) ने 31 जुलाई को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली ओडिशा सरकार के 24 महीनों के कार्यकाल में प्रश्न पत्र लीक की 23 घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो राज्य की परीक्षा प्रणाली पर सरकार की पकड़ की विफलता को उजागर करती हैं। पार्टी ने 27 जुलाई को आयोजित ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (OUHS) की मेडिकल पोस्ट-ग्रेजुएट (MD/MS) परीक्षा में कथित पेपर लीक की गहन जांच की मांग की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगे आरोप

भुवनेश्वर के शंख भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में BJD विधायक अरुण कुमार साहू और BJD उपाध्यक्ष प्रताप जेना ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। साहू ने आरोप लगाया कि ओडिशा और देश दोनों में प्रश्न पत्र लीक होना अब एक आम बात बन चुकी है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि पेपर लीक की बार-बार होने वाली घटनाओं को लोग अब 'इंडियन पेपर लीक (IPL)' कहने लगे हैं — एक तुलना जो उन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग से की।

साहू के अनुसार, 27 जुलाई की OUHS मेडिकल PG परीक्षा के दौरान कथित तौर पर प्रश्न पत्र व्हाट्सएप के ज़रिए अलग-अलग मोबाइल फोन पर प्रसारित किया जा रहा था। उन्होंने यह भी दावा किया कि केवल प्रश्न पत्र ही नहीं, बल्कि उसके उत्तर भी मोबाइल डिवाइस पर घूम रहे थे।

NEET विवाद से जोड़ा मामला

वरिष्ठ BJD नेता प्रताप जेना ने कहा कि NEET प्रश्न पत्र लीक ने पूरे देश को हिला दिया था, और ओडिशा में मेडिकल PG परीक्षा के कथित लीक ने आम जनता की चिंता को और गहरा कर दिया है। उन्होंने बताया कि NEET विवाद के बाद केंद्र सरकार ने 'पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024' लागू किया, जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी सज़ा का प्रावधान है।

गौरतलब है कि ओडिशा विधानसभा ने भी दिसंबर 2024 में 'ओडिशा पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024' पारित किया था। जेना ने सवाल उठाया कि इतने सख्त कानूनी प्रावधानों के बावजूद ओडिशा में पेपर लीक की घटनाएं क्यों नहीं रुक रहीं।

सरकार की जवाबदेही पर सवाल

BJD का आरोप है कि BJP सरकार के 24 महीनों में 23 परीक्षाओं में गड़बड़ियां दर्ज हुई हैं, जो यह दर्शाता है कि राज्य सरकार परीक्षा तंत्र पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखने में नाकाम रही है। जेना के अनुसार, इन घटनाओं की पुनरावृत्ति प्रशासनिक विफलता का प्रमाण है।

यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर सार्वजनिक विश्वास पहले से कमज़ोर है। ओडिशा में यह मुद्दा अब राज्य विधानसभा में भी गूंजने की संभावना है।

आगे क्या होगा

BJD ने OUHS मेडिकल PG परीक्षा के कथित पेपर लीक की स्वतंत्र और गहन जांच की मांग की है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार कार्रवाई नहीं करती, तो वे इस मुद्दे को और मज़बूती से उठाएंगे। राज्य सरकार की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे सत्यापन की ज़रूरत है — विपक्षी आरोप और स्वतंत्र जांच के बीच का फर्क महत्वपूर्ण है। असली सवाल यह है कि दिसंबर 2024 में कठोर कानून बनने के बाद भी घटनाएं क्यों नहीं रुकीं — कानून की कमज़ोरी है या क्रियान्वयन की? NEET विवाद के बाद देशभर में परीक्षा पारदर्शिता पर जो बहस छिड़ी, ओडिशा उसका नवीनतम अध्याय बन रहा है — और यह केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे की जवाबदेही की मांग करता है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BJD ने ओडिशा में कितने पेपर लीक का आरोप लगाया है?
BJD ने दावा किया है कि BJP सरकार के 24 महीनों के कार्यकाल में ओडिशा में प्रश्न पत्र लीक की 23 घटनाएं हुई हैं। यह आरोप BJD विधायक अरुण कुमार साहू और उपाध्यक्ष प्रताप जेना ने 31 जुलाई को भुवनेश्वर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए।
OUHS मेडिकल PG परीक्षा पेपर लीक क्या है?
27 जुलाई को ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (OUHS) द्वारा आयोजित मेडिकल पोस्ट-ग्रेजुएट (MD/MS) परीक्षा में कथित तौर पर प्रश्न पत्र और उसके उत्तर व्हाट्सएप के ज़रिए मोबाइल फोन पर परीक्षा के दौरान ही फैलाए गए। BJD ने इस मामले की गहन जांच की मांग की है।
ओडिशा में पेपर लीक रोकने के लिए क्या कानून है?
ओडिशा विधानसभा ने दिसंबर 2024 में 'ओडिशा पब्लिक एग्ज़ामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) एक्ट, 2024' पारित किया, जिसमें पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी सज़ा का प्रावधान है। इसी तरह का केंद्रीय कानून NEET विवाद के बाद 2024 में लाया गया था।
BJD ने पेपर लीक की तुलना IPL से क्यों की?
BJD विधायक अरुण कुमार साहू ने व्यंग्यात्मक रूप से कहा कि पेपर लीक की घटनाएं इतनी आम हो गई हैं कि लोग इन्हें 'इंडियन पेपर लीक (IPL)' कहने लगे हैं — इंडियन प्रीमियर लीग के संक्षिप्त नाम से तुलना करते हुए। यह टिप्पणी देशभर में बार-बार होने वाले पेपर लीक पर उनकी आलोचना का हिस्सा थी।
ओडिशा पेपर लीक विवाद में अब आगे क्या होगा?
BJD ने OUHS मेडिकल PG परीक्षा की स्वतंत्र जांच की मांग की है। राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मुद्दा ओडिशा विधानसभा में उठाए जाने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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