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ओडिशा में महंगाई दर 5.52%, राष्ट्रीय औसत से अधिक; बीजेडी ने भाजपा सरकार को घेरा

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ओडिशा में महंगाई दर 5.52%, राष्ट्रीय औसत से अधिक; बीजेडी ने भाजपा सरकार को घेरा

सारांश

ओडिशा में महंगाई राष्ट्रीय औसत से ऊँची बनी हुई है — अगस्त 2026 में 5.52% बनाम देश का 4.82%। बीजेडी का आरोप है कि दो साल में BJP सरकार ने हालात और बिगाड़े, ग्रामीण क्षेत्रों में तो दर 5.90% तक पहुँची। चीनी, प्याज और खाद्य तेल की मार आम जनता पर सबसे भारी।

मुख्य बातें

बीजेडी ने 17 सितंबर 2026 को ओडिशा में बढ़ती महंगाई पर BJP सरकार की कड़ी आलोचना की।
अगस्त 2026 में ओडिशा की महंगाई दर 5.52% रही, जो राष्ट्रीय दर 4.82% से अधिक है — देश में पाँचवीं सर्वाधिक ।
ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 5.90% , शहरी क्षेत्रों में 4.47% दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2024-25 में ओडिशा की महंगाई दर 6.0% रही, जबकि राष्ट्रीय दर 4.6% थी।
चीनी, प्याज, खाद्य तेल समेत आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि का आरोप।
बीजेडी ने खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग को राज्य के सबसे निष्क्रिय विभागों में बताया।

विपक्षी दल बीजू जनता दल (बीजेडी) ने गुरुवार, 17 सितंबर 2026 को ओडिशा में बढ़ती महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की आसमान छूती कीमतों को लेकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार महंगाई पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम रही है और खाद्य आपूर्ति विभाग बेपरवाह बना हुआ है।

महंगाई के आंकड़े क्या कहते हैं

बीजेडी के प्रवक्ता मिहिर राय ने एक प्रेस बयान में कहा कि अगस्त 2026 में जारी महंगाई रिपोर्ट के अनुसार देश की महंगाई दर 4.82 प्रतिशत थी, जबकि ओडिशा की महंगाई दर 5.52 प्रतिशत दर्ज की गई। उन्होंने दावा किया कि देश के सभी राज्यों में ओडिशा की महंगाई दर पाँचवीं सबसे अधिक रही — केवल आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना की महंगाई दर ओडिशा से अधिक थी।

राय ने यह भी कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय महंगाई दर 4.6 प्रतिशत थी, जबकि ओडिशा में यह 6.0 प्रतिशत दर्ज की गई। उनके अनुसार राज्य की महंगाई दर लगातार राष्ट्रीय औसत से ऊपर बनी हुई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ज़्यादा गंभीर

बीजेडी प्रवक्ता मिहिर राय ने बताया कि ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई की मार शहरी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक है। उनके अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 5.90 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.47 प्रतिशत थी। यह अंतर दर्शाता है कि महंगाई की सबसे बड़ी मार उन लोगों पर पड़ रही है जो पहले से ही आर्थिक रूप से कमज़ोर हैं।

आम जनता पर असर

बीजेडी ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई के चलते चीनी, प्याज, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे आम उपभोक्ताओं की रसोई का बजट बिगड़ गया है। पार्टी का कहना है कि यह स्थिति उन दो वर्षों में उत्पन्न हुई है जब से राज्य में BJP सरकार सत्ता में है।

खाद्य आपूर्ति विभाग पर निशाना

राय ने तंज कसते हुए कहा कि राज्य सरकार के 42 विभागों में खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग की स्थिति सबसे खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब ओडिशा की महंगाई दर लगातार ऊँची बनी हुई है, तब यह विभाग प्रभावी कदम उठाने के बजाय निष्क्रिय बना हुआ है।

बीजेडी की माँग और आगे की राह

बीजेडी ने राज्य सरकार से तत्काल ठोस कदम उठाने की माँग की है ताकि आम जनता को महंगाई से राहत मिल सके। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार भी खुदरा महंगाई को नियंत्रण में रखने के प्रयास कर रही है। अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार इन आरोपों का जवाब देती है या बाज़ार-हस्तक्षेप के रूप में कोई ठोस कदम उठाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इन दावों को राजनीतिक आरोप से नीतिगत विफलता तक की पूरी यात्रा नहीं करनी चाहिए।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ओडिशा की महंगाई दर अगस्त 2026 में कितनी थी?
बीजेडी प्रवक्ता मिहिर राय के अनुसार, अगस्त 2026 में ओडिशा की महंगाई दर 5.52 प्रतिशत थी, जबकि इसी अवधि में राष्ट्रीय महंगाई दर 4.82 प्रतिशत दर्ज की गई। इस लिहाज़ से ओडिशा देश में पाँचवाँ सबसे महंगा राज्य रहा।
ओडिशा के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महंगाई का अंतर कितना है?
बीजेडी के दावे के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 5.90 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.47 प्रतिशत थी। यह अंतर दर्शाता है कि गाँवों में रहने वाले लोगों पर महंगाई की मार अपेक्षाकृत अधिक पड़ रही है।
बीजेडी ने BJP सरकार पर किन आधारों पर आरोप लगाए हैं?
बीजेडी का आरोप है कि पिछले दो वर्षों में BJP सरकार बनने के बाद से ओडिशा की महंगाई दर लगातार राष्ट्रीय औसत से ऊपर बनी हुई है। पार्टी ने खासतौर पर खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण विभाग को निष्क्रिय बताते हुए कहा कि सरकार प्रभावी हस्तक्षेप करने में विफल रही है।
किन आवश्यक वस्तुओं की कीमतें ओडिशा में बढ़ी हैं?
बीजेडी के अनुसार, बढ़ती महंगाई के कारण चीनी, प्याज, खाद्य तेल और अन्य ज़रूरी वस्तुओं की कीमतों में काफी उछाल आया है। इससे आम उपभोक्ताओं, विशेष रूप से ग्रामीण परिवारों, को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वित्त वर्ष 2024-25 में ओडिशा और देश की महंगाई दर में कितना अंतर था?
मिहिर राय के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में राष्ट्रीय महंगाई दर 4.6 प्रतिशत थी, जबकि ओडिशा में यह 6.0 प्रतिशत दर्ज की गई — यानी राज्य राष्ट्रीय औसत से 1.4 प्रतिशत अंक अधिक रहा।
राष्ट्र प्रेस
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