1 सितंबर 2026
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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर जीरो ट्रैफिक विवाद: भाजपा नेता बीसी पाटिल ने गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर उठाए सवाल

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बेंगलुरु एयरपोर्ट पर जीरो ट्रैफिक विवाद: भाजपा नेता बीसी पाटिल ने गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पर उठाए सवाल

सारांश

भाजपा नेता बीसी पाटिल ने सुबह 5.30 बजे बेंगलुरु एयरपोर्ट मार्ग पर जीरो ट्रैफिक व्यवस्था का सामना किया और पूछा — गृह मंत्री प्रियांक खड़गे को यह विशेष सुविधा किस नियम के तहत मिली? क्या AICC अध्यक्ष के बेटे होने का फायदा मिल रहा है?

मुख्य बातें

भाजपा नेता बीसी पाटिल ने 1 सितंबर को बेंगलुरु एयरपोर्ट मार्ग पर सुबह 5.30 बजे जीरो ट्रैफिक व्यवस्था का सामना किया।
ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि यह व्यवस्था कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की यात्रा के लिए की गई थी।
पाटिल ने सवाल उठाया कि गृह मंत्री के लिए जीरो ट्रैफिक का कोई आधिकारिक प्रावधान नहीं है — यह सिस्टम कब शुरू हुआ।
उन्होंने यह भी पूछा कि क्या AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र होने के कारण विशेष सुविधा दी जा रही है।
पाटिल ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से इस मामले में हस्तक्षेप और गृह मंत्री को उचित सलाह देने की अपील की।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मंत्री बीसी पाटिल ने मंगलवार, 1 सितंबर को कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की बेंगलुरु एयरपोर्ट यात्रा के दौरान लगाई गई जीरो ट्रैफिक व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए। पाटिल ने आरोप लगाया कि इस पाबंदी के चलते एयरपोर्ट जाने वाले आम यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी और कई लोगों की फ्लाइट छूटने का खतरा बन गया।

मुख्य घटनाक्रम

पाटिल के अनुसार, वे सुबह लगभग 5.30 बजे बेंगलुरु से एयरपोर्ट की ओर जा रहे थे, जब ट्रैफिक पुलिस ने सड़क पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रोक दी। जब उन्होंने कारण पूछा, तो ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि कर्नाटक के गृह मंत्री एयरपोर्ट जा रहे हैं। पाटिल ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी आधिकारिक व्यवस्था की जानकारी नहीं है जिसके तहत गृह मंत्री जीरो ट्रैफिक सुविधा के हकदार हों।

उन्होंने सार्वजनिक रूप से पूछा, 'मेरी जानकारी के अनुसार, गृह मंत्री के लिए जीरो ट्रैफिक जैसी कोई व्यवस्था नहीं है — यह सिस्टम कब शुरू हुआ?'

पारिवारिक पृष्ठभूमि पर उठे सवाल

पाटिल ने फेसबुक पर एक पोस्ट में यह भी पूछा कि क्या प्रियांक खड़गे को विशेष सुविधा इसलिए दी जा रही है क्योंकि वे अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (AICC) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र हैं। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री को उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि के आधार पर अतिरिक्त सुविधाएँ देना नियम-विरुद्ध है।

गौरतलब है कि बीसी पाटिल राजनीति में आने से पहले पुलिस अधिकारी रह चुके हैं और एक फिल्म अभिनेता भी हैं। इस पृष्ठभूमि के कारण पुलिस प्रोटोकॉल पर उनकी टिप्पणी को राजनीतिक हलकों में विशेष महत्त्व दिया जा रहा है।

आम यात्रियों पर असर

पाटिल ने बताया कि जीरो ट्रैफिक व्यवस्था के कारण बेंगलुरु एयरपोर्ट मार्ग पर भारी जाम लग गया। कई यात्री चिंतित थे कि समय पर फ्लाइट नहीं पकड़ पाएँगे। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों के लिए फ्लाइट छूटना एक गंभीर परिणाम है, और वीआईपी मूवमेंट का प्रबंधन इस तरह होना चाहिए कि आम नागरिकों को अनावश्यक कठिनाई न हो।

सरकार से अपील

भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से इस घटना पर संज्ञान लेने और गृह मंत्री को उचित मार्गदर्शन देने की अपील की। साथ ही उन्होंने प्रियांक खड़गे से आग्रह किया कि वे कानून के दायरे में रहकर काम करें और मंत्रियों की आवाजाही की व्यवस्था ऐसी बनाई जाए जिससे जनता को परेशानी न हो।

क्या होगा आगे

अब तक कर्नाटक सरकार या गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह विवाद ऐसे समय में उठा है जब कर्नाटक में सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि वीआईपी संस्कृति और आम जनता की सुविधा के बीच का यह टकराव भारतीय शहरों में बार-बार सामने आता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रक्रियागत भी है। विडंबना यह है कि जो पार्टी विपक्ष में रहते हुए वीआईपी संस्कृति की आलोचना करती है, वह सत्ता में आने पर अक्सर वही रास्ता अपनाती है। जब तक वीआईपी मूवमेंट के नियम सार्वजनिक और बाध्यकारी नहीं बनाए जाते, ऐसे विवाद बेंगलुरु जैसे महानगरों में बार-बार उठते रहेंगे।
RashtraPress
1 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर जीरो ट्रैफिक विवाद क्या है?
1 सितंबर की सुबह लगभग 5.30 बजे बेंगलुरु एयरपोर्ट मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों की आवाजाही रोक दी, क्योंकि कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे एयरपोर्ट जा रहे थे। भाजपा नेता बीसी पाटिल ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई और पूछा कि गृह मंत्री को यह सुविधा किस नियम के तहत मिली।
बीसी पाटिल ने प्रियांक खड़गे पर क्या आरोप लगाए?
पाटिल ने आरोप लगाया कि प्रियांक खड़गे को विशेष जीरो ट्रैफिक सुविधा उनके पारिवारिक बैकग्राउंड — यानी AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र होने — के कारण दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह नियमों के विरुद्ध है और इससे आम यात्रियों को नुकसान हुआ।
क्या गृह मंत्री को जीरो ट्रैफिक सुविधा मिलने का कोई प्रावधान है?
बीसी पाटिल के अनुसार, उनकी जानकारी में ऐसा कोई आधिकारिक नियम नहीं है जो गृह मंत्री को जीरो ट्रैफिक की सुविधा देता हो। उन्होंने सार्वजनिक रूप से पूछा कि यह व्यवस्था कब और कैसे शुरू हुई।
इस घटना का बेंगलुरु एयरपोर्ट के यात्रियों पर क्या असर पड़ा?
पाटिल के अनुसार, जीरो ट्रैफिक व्यवस्था के कारण एयरपोर्ट मार्ग पर भारी जाम लग गया। कई यात्री समय पर अपनी फ्लाइट नहीं पकड़ पाने की आशंका से परेशान हो गए।
भाजपा नेता ने इस मामले में किससे कार्रवाई की माँग की?
बीसी पाटिल ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से इस घटना पर संज्ञान लेने और गृह मंत्री को उचित सलाह देने की अपील की। साथ ही उन्होंने प्रियांक खड़गे से आग्रह किया कि वे कानून के दायरे में रहकर काम करें।
राष्ट्र प्रेस
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