भाजपा पश्चिम बंगाल में इंडिया गठबंधन नेताओं को परेशान कर रही: कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने 4 सितंबर को लखनऊ में कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पश्चिम बंगाल में इंडिया गठबंधन के नेताओं को व्यवस्थित रूप से परेशान कर रही है और राज्य में लोकतंत्र की जगह तानाशाही के संकेत दिख रहे हैं। उनके बयान सहारनपुर नकली नोट मामले, बेल्जियम के प्रधानमंत्री की भारत पर टिप्पणी, तमिलनाडु के राजनीतिक विवाद और ममता बनर्जी की सुरक्षा से जुड़े दावों पर भी केंद्रित रहे।
नकली नोट मामले पर BJP को घेरा
सहारनपुर नकली नोट मामले पर राजपूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी को सीधे कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के समय वादा किया था कि फेक करेंसी खत्म हो जाएगी। तो क्या यह नकली नोट गुजरात से आए हैं, या उनके घर से, या आतंकवादियों के यहाँ से? जब वादा किया था कि फेक करेंसी बंद हो जाएगी, तो इसका मतलब है कि दुश्मन घर के अंदर ही है। उन दुश्मनों का पता लगाना बेहद ज़रूरी है।' उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी की 'जुमलेबाज़ी' को रोकना अत्यावश्यक हो गया है।
बेल्जियम के पीएम की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया
बेल्जियम के प्रधानमंत्री द्वारा भारत के विकास की सराहना किए जाने पर राजपूत ने कहा, 'भारत हमेशा से यूरोप के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण साझेदार रहा है और पिछले 75 वर्षों से यह साझेदारी जारी है। हमारे सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, व्यापारियों, किसानों और युवाओं की बदौलत मिली आर्थिक महाशक्ति की स्थिति ने इस उभरती ताकत को सशक्त किया है, और इसे स्वीकार करने के लिए उन्हें बधाई दी जानी चाहिए।'
तमिलनाडु राजनीतिक विवाद पर बयान
तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय पर की गई टिप्पणी को लेकर राजपूत ने कहा, 'विजय जी निश्चित रूप से जवाब देंगे, क्योंकि वे जनता के प्रति जवाबदेह हैं। एक जिम्मेदार विपक्षी नेता के तौर पर वे उदयनिधि स्टालिन की बात का जवाब ज़रूर देंगे — खासकर यह देखते हुए कि विजय थलापति किस तरह दिन-रात जनता के लिए काम कर रहे हैं।'
पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र पर सवाल
पश्चिम बंगाल की स्थिति पर सबसे तीखा बयान देते हुए राजपूत ने कहा, 'जिस तरह से ममता बनर्जी और इंडिया गठबंधन के अन्य नेताओं को परेशान किया जा रहा है, उससे यह स्पष्ट है कि भाजपा का लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है — वे ताकत के दम पर शासन करने में विश्वास रखते हैं। बंगाल इस समय दहशत की चपेट में है, जहाँ विपक्ष के सदस्यों को रहने नहीं दिया जा रहा और कांग्रेस तथा वामपंथी दलों के कार्यालयों में तोड़-फोड़ की जा रही है।' उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही के संकेत हैं और जनता इसका प्रतिकार करेगी।
आगे क्या
कांग्रेस के इन बयानों के बाद राजनीतिक तापमान बढ़ने की संभावना है। पश्चिम बंगाल में इंडिया गठबंधन और भाजपा के बीच टकराव आने वाले दिनों में और तेज़ हो सकता है, जबकि सहारनपुर नकली नोट मामले में जाँच की दिशा पर भी सभी की नज़रें टिकी हैं।