15 जुलाई 2026
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भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी को जान से मारने की धमकी, ₹1 करोड़ फिरौती की मांग

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भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी को जान से मारने की धमकी, ₹1 करोड़ फिरौती की मांग

सारांश

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी को व्हाट्सएप पर ₹1 करोड़ फिरौती और जान से मारने की धमकी मिली। संदेशों में राहुल गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं के नाम भी लिए गए। नागपुर पुलिस ने BNS और IT Act के तहत मामला दर्ज कर साइबर फोरेंसिक जाँच शुरू की है।

मुख्य बातें

जमाल सिद्दीकी , भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, को 25-27 मई 2026 के बीच व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकियाँ मिलीं।
अज्ञात आरोपी ने UPI और बैंक ट्रांसफर के ज़रिए ₹50 लाख से ₹1 करोड़ की फिरौती माँगी।
धमकी भरे संदेशों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सचिन पायलट और मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम भी शामिल थे।
नागपुर पुलिस ने BNS धारा 308(5), 351(2), 351(3) और IT Act धारा 66(D) के तहत एफआईआर दर्ज की।
जाँच में कॉल रिकॉर्ड, आईपी ट्रैकिंग और साइबर फोरेंसिक का उपयोग किया जा रहा है।

नागपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी को कथित तौर पर व्हाट्सएप के ज़रिए जान से मारने की धमकियाँ मिली हैं और ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक की फिरौती माँगी गई है। सिद्दीकी ने 29 मई 2026 को नागपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अज्ञात आरोपी के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई है।

मुख्य घटनाक्रम

धमकी भरे संदेश 25 से 27 मई 2026 के बीच मोबाइल नंबर 8899162823 से भेजे गए। एफआईआर के अनुसार, अज्ञात प्रेषक ने UPI और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से रकम चुकाने की माँग की। पैसे न देने पर सिद्दीकी और उनके परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुँचाने की धमकी दी गई।

संदेशों में बम विस्फोटों और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की 'टारगेट किलिंग' का भी जिक्र था। आरोपी ने दावा किया कि ये हमले इसलिए किए जाएँगे क्योंकि उन नेताओं ने उसका कथित तौर पर अपमान किया था।

किन नेताओं के नाम शामिल

धमकी भरे मैसेज में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम लिए गए, जिनमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सचिन पायलट और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में सायबर अपराध और राजनीतिक नेताओं को ऑनलाइन धमकी देने के मामलों में वृद्धि दर्ज की जा रही है।

पुलिस की कार्रवाई

नागपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5), 351(2) और 351(3) के तहत आपराधिक धमकी और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) के तहत भी केस दर्ज किया गया है।

सिद्दीकी ने पुलिस को व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट, चैट लॉग और अन्य डिजिटल साक्ष्य सौंपे हैं।

जाँच की स्थिति

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले को प्राथमिकता के आधार पर लिया गया है और विशेष टीमें लगाई गई हैं। जाँच में कॉल रिकॉर्ड विश्लेषण, आईपी एड्रेस ट्रैकिंग और साइबर फोरेंसिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। गौरतलब है कि मोबाइल नंबर के स्रोत का पता लगाना जाँच की प्राथमिक कड़ी है।

आगे क्या होगा

पुलिस आरोपी की पहचान के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई करेगी। साइबर फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद आरोपी के खिलाफ और धाराएँ जोड़ी जा सकती हैं। यह मामला राजनीतिक नेताओं को डिजिटल माध्यमों से दी जाने वाली धमकियों के बढ़ते चलन की गंभीरता को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे सांप्रदायिक या दलीय षड्यंत्र की बजाय एक अलग किस्म का साइबर अपराध बनाता है। नागपुर पुलिस की त्वरित एफआईआर सराहनीय है, लेकिन असली परीक्षा आरोपी की शीघ्र पहचान और गिरफ्तारी होगी — जो अक्सर ऐसे मामलों में लंबी खिंच जाती है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जमाल सिद्दीकी को किस तरह की धमकियाँ मिलीं?
जमाल सिद्दीकी को 25 से 27 मई 2026 के बीच एक अज्ञात मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकियाँ मिलीं। आरोपी ने ₹50 लाख से ₹1 करोड़ तक की रकम UPI और बैंक ट्रांसफर से देने की माँग की, और पैसे न देने पर उनके परिवार को भी नुकसान पहुँचाने की चेतावनी दी।
नागपुर पुलिस ने इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई हैं?
नागपुर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(5), 351(2) और 351(3) के तहत आपराधिक धमकी और जबरन वसूली का मामला दर्ज किया है। इसके अतिरिक्त सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) के तहत भी केस दर्ज किया गया है।
धमकी भरे संदेशों में किन कांग्रेस नेताओं के नाम लिए गए?
संदेशों में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, सचिन पायलट और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम शामिल थे। आरोपी ने दावा किया कि इन नेताओं ने उसका अपमान किया था और इसीलिए उन्हें निशाना बनाया जाएगा।
पुलिस आरोपी की पहचान कैसे कर रही है?
नागपुर पुलिस कॉल रिकॉर्ड विश्लेषण, आईपी एड्रेस ट्रैकिंग और साइबर फोरेंसिक जाँच के ज़रिए प्रेषक की पहचान करने की कोशिश कर रही है। सिद्दीकी ने पुलिस को व्हाट्सएप स्क्रीनशॉट, चैट लॉग और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं।
जमाल सिद्दीकी कौन हैं?
जमाल सिद्दीकी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वे नागपुर से ताल्लुक रखते हैं और पार्टी के भीतर अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधित्व की ज़िम्मेदारी संभालते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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