14 अगस्त 2026
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बेंगलुरु पार्किंग शुल्क प्रस्ताव पर भाजपा का हमला, आर. अशोक बोले — कांग्रेस सरकार हो चुकी है दिवालिया

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बेंगलुरु पार्किंग शुल्क प्रस्ताव पर भाजपा का हमला, आर. अशोक बोले — कांग्रेस सरकार हो चुकी है दिवालिया

सारांश

बेंगलुरु में घर के सामने पार्किंग पर सालाना ₹15,000–₹25,000 शुल्क का प्रस्ताव राजनीतिक विवाद बन गया है। भाजपा नेता आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार को 'दिवालिया' बताते हुए नीति वापस लेने की माँग की और GBA चुनावों में जनता के जवाब की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

अशोक ने 14 अगस्त को बेंगलुरु में प्रस्तावित पार्किंग शुल्क नीति का कड़ा विरोध किया।
प्रस्तावित GBA पार्किंग नियम 2026 के तहत रिहायशी सड़कों पर पार्किंग के लिए सालाना ₹15,000 से ₹25,000 शुल्क लग सकता है।
अशोक ने दावा किया कि बेंगलुरु के 7 में से 5 निगम पहले ही आर्थिक संकट में हैं।
शिवकुमार और बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा पर इस नीति को आगे बढ़ाने का आरोप।
भाजपा ने पार्किंग शुल्क से पहले BMTC बसों की संख्या बढ़ाने और मेट्रो कार्य पूरा करने की माँग की।
अशोक ने चेतावनी दी कि नीति वापस न ली तो GBA चुनावों में जनता कांग्रेस को सबक सिखाएगी।

कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने शुक्रवार, 14 अगस्त को बेंगलुरु में राज्य की कांग्रेस सरकार के उस प्रस्तावित कदम की तीखी आलोचना की, जिसके तहत रिहायशी इलाकों में सड़क पर कार पार्क करने के लिए सालाना शुल्क लगाने की बात कही गई है। अशोक ने आरोप लगाया कि फंड की किल्लत से जूझ रही कांग्रेस सरकार बेंगलुरु के आम नागरिकों पर एक के बाद एक नए कर थोपती जा रही है।

क्या है प्रस्तावित पार्किंग नीति

अशोक के अनुसार, कर्नाटक सरकार ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) पार्किंग नियम 2026 के तहत एक नई पार्किंग पॉलिसी लाने की तैयारी में है। इस नीति के तहत निवासियों को अपने घरों के सामने सड़क पर वाहन खड़ा करने के लिए सालाना ₹15,000 से ₹25,000 तक का शुल्क चुकाना पड़ सकता है। उन्होंने अपनी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में इस प्रस्ताव को 'जन-विरोधी पार्किंग लूट नीति' करार दिया।

अशोक ने सीधे मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा पर इस नीति को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।

भाजपा के मुख्य आरोप

अशोक ने दावा किया कि बेंगलुरु के सात निगमों में से पाँच पहले ही आर्थिक संकट में हैं और उनके दैनिक कामकाज पर असर पड़ रहा है। उनके अनुसार, राज्य सरकार पहले ही कचरा प्रबंधन, बिजली, दूध और आवासीय शुल्क के रूप में नागरिकों पर अतिरिक्त भार डाल चुकी है — और अब घर के सामने पार्किंग पर भी टैक्स लगाने की तैयारी है।

उन्होंने कहा, 'अपने ही घर के सामने कार पार्क करने पर भी जुर्माना! लूट-खसोट करने वाली सरकार की एक नई चाल।' अशोक ने यह भी तर्क दिया कि बेंगलुरु के निवासी अपने मकान बनाने के लिए पहले ही लाखों रुपये का कर अदा कर चुके हैं, ऐसे में उनसे पार्किंग शुल्क वसूलना अनुचित है।

सड़कों की दुर्दशा का हवाला

अशोक ने सरकार की नैतिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मानसून के दौरान बेंगलुरु की सड़कों पर गड्ढे और जलभराव की समस्या बनी रहती है, और सरकार सड़कों की ठीक से मरम्मत कराने में नाकाम रही है। ऐसे में पार्किंग चार्ज वसूलने का कोई 'नैतिक अधिकार' सरकार के पास नहीं है।

सार्वजनिक परिवहन सुधार की माँग

भाजपा नेता ने माँग की कि पार्किंग शुल्क थोपने से पहले सरकार बेंगलुरु मेट्रो के रुके हुए कार्यों को तेज़ी से पूरा करे और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) की बसों की संख्या में इज़ाफा करे। उन्होंने कहा कि जब तक सार्वजनिक परिवहन का पर्याप्त विकल्प नहीं होगा, तब तक नागरिकों से वाहन पार्किंग पर शुल्क लेना उचित नहीं।

अशोक ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार इस प्रस्ताव को वापस नहीं लेती, तो बेंगलुरु के मतदाता आगामी GBA चुनावों में इसका जवाब देंगे। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राज्य सरकार ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के तहत शहर के लिए पार्किंग और यातायात प्रबंधन की नई रूपरेखा तैयार कर रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक असली सवाल छुपा है — क्या बेंगलुरु जैसे महानगर में सार्वजनिक परिवहन का पर्याप्त विकल्प दिए बिना पार्किंग शुल्क लगाना उचित है? GBA पार्किंग नियम 2026 का मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, इसलिए ₹25,000 की ऊपरी सीमा की पुष्टि स्वतंत्र स्रोतों से अभी बाकी है। यह विवाद दरअसल बेंगलुरु की उस पुरानी समस्या का नया अध्याय है जिसमें शहरी बुनियादी ढाँचे की कमी और नागरिकों पर बढ़ता वित्तीय बोझ आपस में टकराते हैं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु में प्रस्तावित पार्किंग शुल्क क्या है?
कथित तौर पर GBA पार्किंग नियम 2026 के तहत बेंगलुरु में रिहायशी इलाकों की सड़कों पर वाहन खड़ा करने के लिए सालाना ₹15,000 से ₹25,000 तक का शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव अभी नीति निर्माण के चरण में बताया जा रहा है।
BJP ने इस प्रस्ताव का विरोध क्यों किया?
BJP नेता आर. अशोक का कहना है कि कांग्रेस सरकार पहले ही कचरा, बिजली, दूध और आवासीय शुल्क के रूप में नागरिकों पर कर लाद चुकी है। उनके अनुसार, जब सड़कें गड्ढों से भरी हैं और सार्वजनिक परिवहन अपर्याप्त है, तब पार्किंग शुल्क वसूलना अनुचित है।
GBA पार्किंग नियम 2026 क्या है?
ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) के तहत कर्नाटक सरकार बेंगलुरु के लिए पार्किंग और यातायात प्रबंधन की नई नीति तैयार कर रही है। इसी प्रस्तावित ढाँचे को GBA पार्किंग नियम 2026 कहा जा रहा है, जिसका मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
भाजपा ने पार्किंग शुल्क के बदले क्या माँग की है?
आर. अशोक ने माँग की है कि सरकार पहले BMTC बसों की संख्या बढ़ाए और बेंगलुरु मेट्रो के रुके हुए कार्यों को तेज़ी से पूरा करे। उनका कहना है कि जब तक सार्वजनिक परिवहन का ठोस विकल्प नहीं होगा, तब तक पार्किंग शुल्क थोपना जायज़ नहीं।
इस विवाद का बेंगलुरु के निवासियों पर क्या असर पड़ सकता है?
यदि प्रस्तावित नीति लागू होती है, तो रिहायशी इलाकों में सड़क पर वाहन खड़ा करने वाले लाखों बेंगलुरुवासियों को सालाना ₹15,000 से ₹25,000 तक अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। अशोक ने चेतावनी दी है कि यह मुद्दा आगामी GBA चुनावों में मतदाताओं के फैसले को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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