बेंगलुरु पार्किंग शुल्क प्रस्ताव पर भाजपा का हमला, आर. अशोक बोले — कांग्रेस सरकार हो चुकी है दिवालिया
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने शुक्रवार, 14 अगस्त को बेंगलुरु में राज्य की कांग्रेस सरकार के उस प्रस्तावित कदम की तीखी आलोचना की, जिसके तहत रिहायशी इलाकों में सड़क पर कार पार्क करने के लिए सालाना शुल्क लगाने की बात कही गई है। अशोक ने आरोप लगाया कि फंड की किल्लत से जूझ रही कांग्रेस सरकार बेंगलुरु के आम नागरिकों पर एक के बाद एक नए कर थोपती जा रही है।
क्या है प्रस्तावित पार्किंग नीति
अशोक के अनुसार, कर्नाटक सरकार ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) पार्किंग नियम 2026 के तहत एक नई पार्किंग पॉलिसी लाने की तैयारी में है। इस नीति के तहत निवासियों को अपने घरों के सामने सड़क पर वाहन खड़ा करने के लिए सालाना ₹15,000 से ₹25,000 तक का शुल्क चुकाना पड़ सकता है। उन्होंने अपनी एक्स (पूर्व में ट्विटर) पोस्ट में इस प्रस्ताव को 'जन-विरोधी पार्किंग लूट नीति' करार दिया।
अशोक ने सीधे मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और बेंगलुरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा पर इस नीति को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया।
भाजपा के मुख्य आरोप
अशोक ने दावा किया कि बेंगलुरु के सात निगमों में से पाँच पहले ही आर्थिक संकट में हैं और उनके दैनिक कामकाज पर असर पड़ रहा है। उनके अनुसार, राज्य सरकार पहले ही कचरा प्रबंधन, बिजली, दूध और आवासीय शुल्क के रूप में नागरिकों पर अतिरिक्त भार डाल चुकी है — और अब घर के सामने पार्किंग पर भी टैक्स लगाने की तैयारी है।
उन्होंने कहा, 'अपने ही घर के सामने कार पार्क करने पर भी जुर्माना! लूट-खसोट करने वाली सरकार की एक नई चाल।' अशोक ने यह भी तर्क दिया कि बेंगलुरु के निवासी अपने मकान बनाने के लिए पहले ही लाखों रुपये का कर अदा कर चुके हैं, ऐसे में उनसे पार्किंग शुल्क वसूलना अनुचित है।
सड़कों की दुर्दशा का हवाला
अशोक ने सरकार की नैतिक स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि मानसून के दौरान बेंगलुरु की सड़कों पर गड्ढे और जलभराव की समस्या बनी रहती है, और सरकार सड़कों की ठीक से मरम्मत कराने में नाकाम रही है। ऐसे में पार्किंग चार्ज वसूलने का कोई 'नैतिक अधिकार' सरकार के पास नहीं है।
सार्वजनिक परिवहन सुधार की माँग
भाजपा नेता ने माँग की कि पार्किंग शुल्क थोपने से पहले सरकार बेंगलुरु मेट्रो के रुके हुए कार्यों को तेज़ी से पूरा करे और बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) की बसों की संख्या में इज़ाफा करे। उन्होंने कहा कि जब तक सार्वजनिक परिवहन का पर्याप्त विकल्प नहीं होगा, तब तक नागरिकों से वाहन पार्किंग पर शुल्क लेना उचित नहीं।
अशोक ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस सरकार इस प्रस्ताव को वापस नहीं लेती, तो बेंगलुरु के मतदाता आगामी GBA चुनावों में इसका जवाब देंगे। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब राज्य सरकार ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी के तहत शहर के लिए पार्किंग और यातायात प्रबंधन की नई रूपरेखा तैयार कर रही है।