कोलकाता में BJP का TMC के खिलाफ प्रदर्शन, प्रियंका टिबरेवाल ने की ED-CBI जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रियंका टिबरेवाल के नेतृत्व में कोलकाता के एंटाली क्षेत्र में गुरुवार, 4 जून को बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें भ्रष्टाचार, जबरन वसूली, सिंडिकेट राज और अवैध भूमि कब्जे के गंभीर आरोप तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेताओं पर लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने इन आरोपों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की।
मार्च का रास्ता और गंतव्य
यह प्रदर्शन मौलाली स्थित रामलीला मैदान से शुरू हुआ और जनबाजार क्षेत्र तक पहुँचा। मार्च का अंतिम पड़ाव पूर्व TMC विधायक स्वर्ण कमल साहा और मौजूदा TMC विधायक संदीपन साहा के आवास के सामने था।
टिबरेवाल का तीखा हमला
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका टिबरेवाल ने TMC नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, ‘संदीपन साहा और स्वर्ण कमल साहा ने जनता के पैसे को लूटा है। पिछले दो दिनों से संदीपन साहा यह कह रहे हैं कि उनका TMC के भ्रष्टाचार से कोई संबंध नहीं है, लेकिन वे कोई संत नहीं हैं, ये सभी चोर हैं। चोरी का जवाब कौन देगा?’
उन्होंने आगे बताया कि लोग पहले से प्रदर्शन के लिए एकत्र हुए थे और सूचना मिलने पर वे स्वयं इसमें शामिल हो गईं।
भूमि कब्जे का आरोप
प्रदर्शन में शामिल एक स्थानीय व्यक्ति ने आरोप लगाया कि उनकी जमीन हड़पने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, ‘हमारा मुद्दा यह है कि दुर्गापुर जिले के वार्ड नंबर 18 में हमारी जमीन है, जहां हम खेती करते हैं। संदीपन साहा और उनके बेटे ने हमसे कहा था कि वे एक वर्ग फुट जमीन के बदले ₹50,000 देंगे, लेकिन हमें आज तक पैसे नहीं मिले।’
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियां चल रही हैं तथा स्थानीय लोगों को न्याय नहीं मिल रहा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
TMC की प्रतिक्रिया और सुरक्षा इंतजाम
फिलहाल, TMC नेताओं की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब TMC अंदरूनी उथल-पुथल से जूझ रही है। पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी कई मामलों में जांच के घेरे में हैं। सीआईडी के साथ-साथ ED ने भी उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है। गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में BJP लगातार सिंडिकेट राज और कथित भ्रष्टाचार को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाती रही है।