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क्या महाराष्ट्र में डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर का दुरुपयोग कर फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट बनाई जा रही थी?

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क्या महाराष्ट्र में डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर का दुरुपयोग कर फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट बनाई जा रही थी?

सारांश

महाराष्ट्र के बुलढाणा में डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर का दुरुपयोग कर फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट बनाने का मामला हाल में सामने आया है। इसमें चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जानिए इस धोखाधड़ी के पीछे की कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।

मुख्य बातें

डॉक्टर के रजिस्ट्रेशन नंबर का दुरुपयोग फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट का निर्माण सख्त कानूनी कार्रवाई पुलिस की जांच प्रक्रिया सार्वजनिक जागरूकता

बुलढाणा, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के खामगांव से संबंधित पैथोलॉजी एमडी डॉ. ब्रह्मानंद टाले के नाम, हस्ताक्षर और रजिस्ट्रेशन नंबर का दुरुपयोग कर फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट बनाने का मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी में एक डॉक्टर सहित कुल चार व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

यह धोखाधड़ी तब उजागर हुई जब रॉयल सुंदरम हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के प्रतिनिधि आकाश बोरसे और अमोल इसोलिकर ने 5 अगस्त को डॉ. ब्रह्मानंद टाले से संपर्क किया। उन्होंने डॉ. टाले को फलटण जिले की एक पैथोलॉजी रिपोर्ट दिखाते हुए पूछा कि क्या उन्होंने इसे प्रमाणित किया है।

रिपोर्ट की विस्तृत जांच के बाद, डॉ. टाले ने पाया कि उनकी धन्वंतरि लैबोरेटरी के नाम पर जारी की गई रिपोर्ट में उनका नाम, डिग्री, रजिस्ट्रेशन नंबर और हस्ताक्षर का दुरुपयोग किया गया था।

रिपोर्ट पर विशाल एम नाले (डीएमएलटी) का नाम भी था, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनके नाम का दुरुपयोग कर मरीजों, डॉक्टरों और बीमा कंपनियों को धोखा दिया जा रहा था।

इस धोखाधड़ी की सूचना मिलने पर डॉ. ब्रह्मानंद टाले ने खामगांव सिटी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने डॉ. बीजे राउत, विशाल एम नाले, शंकर खड़से और प्रतिभा एम के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज की।

खामगांव के पुलिस निरीक्षक रामकृष्ण पवार ने मामले को फलटण ग्रामीण पुलिस चौकी को स्थानांतरित कर दिया है। फलटण पुलिस ने इन चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच की जाएगी कि इस प्रकार की कितनी फर्जी रिपोर्ट बनाई गई हैं और कहाँ-कहाँ इसका दुरुपयोग किया गया है।

शिकायतकर्ता डॉ. ब्रह्मानंद टाले ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा कि मैंने जांच की तो पता चला कि अन्य स्थानों पर भी इसी तरह का दुरुपयोग किया जा रहा है। मैंने पुलिस को सभी जानकारी दे दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला न केवल चिकित्सा क्षेत्र में विश्वास को प्रभावित करता है, बल्कि यह दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग निजी लाभ के लिए दूसरों को धोखा देने में सक्षम होते हैं। यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ इस प्रकार के मामलों को गंभीरता से लें और सख्त कार्रवाई करें।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या फर्जी पैथोलॉजी रिपोर्ट बनाना कानूनन सही है?
नहीं, यह एक गंभीर अपराध है और इसमें शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
क्या इस मामले में अन्य डॉक्टरों का भी नाम शामिल है?
हाँ, इस मामले में एक अन्य डॉक्टर का नाम भी शामिल है।
राष्ट्र प्रेस
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